कर्नाटक में PM मोदी का पुतला जलाते समय अपनी ही लुंगी जला बैठे कांग्रेसी? दावा फर्जी..

False Political

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग एक पुतले को जलाने की कोशिश करते हैं कि तभी तभी उनकी खुद की लुंगी में आग लग जाती है। वीडियो को शेयर कर यूजर दावा कर रहे हैं कि कर्नाटक में कांग्रेस कार्यकर्ता हैं,  प्रधानमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश करते समय खुद की लुंगी में आग लगा बैठे।

वायरल वीडियो के साथ यूजर ने लिखा है- कर्नाटक में मोदी का पुतला जलाते समय पाँच काग्रेसियों की लुंगी में आग लग गई! देखें कैसे हुआ यह सब। अब् मोदीजी के पुतले भी सबक सिखाने लग गये मोदीजी के विरोध मे प्रचार करणे वाले जरा संभलके, *मोदी जी पॉवर। 

फेसबुकआर्काइव 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो के कुछ तस्वीरों का रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में वायरल वीडियो हमें Asianetnews (आर्काइव)  के यूट्यूब चैनल पर मलयालम भाषा में अपलोड हुआ मिला। इस वीडियो को 5 जुलाई 2012 को अपलोड किया गया है। इससे ये स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो का हालिया लोकसभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है। 

वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा है- पतनमतिट्टा में केएसयू कार्यकर्ताओं के लिए भाग्यशाली आग से बचना। 

वीडियो में बताया गया कि KSU के कार्यकर्ता एमजी विश्वविद्यालय के वीसी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे।  इस दौरान चांसलर का पुतला फूंकते समय कुछ कार्यकर्ताओं की लुंगी में आग लग गई।  

KSU (केरल स्टूडेंट यूनियन) – 

यूट्यूब चैनल पर प्रकाशित वीडियो में KSU का झंडा देखा जा सकता है। बतादें कि केएसयू अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का स्टूडेंट यूनियन है, जो केरल में एक्टिव है। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि वायरल वीडियो का कर्नाटक से कोई लेना-देना नहीं है। वीडियो केरल का है। निम्न में दोनों झंडे का विश्लेषण देखें। 

मिली जानकारी की मदद लेते हुए हमने आगे की जांच की। परिणाम में वायरल वीडियो की खबर हमें “द टाइम्स ऑफ इंडिया” (आर्काइव)  की वेबसाइट में प्रकाशित मिली।

 24 जुलाई 2012 को प्रकाशित इस खबर के अनुसार वीडियो में दिख रहे छात्र कथित तौर पर एमजी यूनिवर्सिटी के कुलपति द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का विरोध कर रहे थे। आग की चपेट में आने से कुछ प्रदर्शनकारी घायल भी हुए थे और इन्हें अस्पातल में भर्ती कराया गया था।

यहां पर ये स्पष्ट हो जाता है कि लगभग 12 साल पुराने केरल के वीडियो को कर्नाटक का बताकर फर्जी दावे के साथ प्रधानमंत्री मोदी के नाम से शेयर किया जा रहा है। 

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद हमने पाया कि, वीडियो साल 2012 का है और केरल का है। वीडियो प्रधानमंत्री मोदी का नहीं बल्कि KSU के एमजी विश्वविद्यालय के कार्यकर्ताओं द्वारा वीसी का पुतला जलाने का है।

Avatar

Title:कर्नाटक में PM मोदी का पुतला जलाते समय अपनी ही लुंगी जला बैठे कांग्रेसी? दावा फर्जी..

Fact Check By: Sarita Samal 

Result: False

Leave a Reply