क्या नासा के अनुसार सूर्य से ॐ की प्रतिध्वनि सुनाई देती है?

False International
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४ जनवरी २०२० को प्रातः पुडुचेरी की एलजी और पूर्व आईपीएस अधिकारी किरन बेदी द्वारा एक ट्वीट किया गया था जिसमे एक वीडियो संग्लित था, वीडियो के अनुसार ‘नासा ने सूर्य की आवाज रिकॉर्ड की है और नासा को सूर्य से “ऊँ” की प्रतिध्वनि मिली है.’ उनके इस ट्वीट को चन्द घंटो में ही हजारों प्रतिक्रियायें व रीट्वीटस प्राप्त हुये |

आर्काइव लिंक 

 इसके बाद उनके इस दावे को सोशल मंचो पर अलग अलग दावों के साथ साझा किया जा रहा है जिनमें प्रमुख दावों में यह कहा जा रहा है कि-  

सूर्य से निकलने वाली ध्वनि को नासा (NASA) ने रिकॉर्ड किया है | साथ ही कहा जा रहा है कि जब इसकी आवृत्ति को बढाकर सुना गया तो यह ॐ की ध्वनि पाई गई | वीडियो में हम ॐ की ध्वनी जाप सुन सकते है |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

मगर ये ग़लत है, इस प्रकार का कोई भी प्रमाण नासा द्वारा नहीं दिया गया है, आईये जानते हैं इन दावों की सच्चाई…

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमें इस गूगल पर “नासा रिपोर्ट सूर्य की ध्वनी” जैसे कीवर्ड्स के माध्यम से वायरल वीडियो को ढूँढा जिसके परिणाम में २६ जुलाई २०१८ को नासा के आधिकारिक यूट्यूब अकाउंट द्वारा प्रसारित एक वीडियो मिला, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “सूरज की आवाज़, नासा (रॉ ऑडियो)” | इस वीडियो में हम कम फ्रीक्वेंसी का ऑडियो सुन सकते है | इस वीडियो में कही भी ॐ की प्रतिध्वनि सुनाई नही सुनाई देती है |

इसके आलावा यूट्यूब पर नासा के अधिकृत चैनल पर उपलब्ध वीडियो में नासा के हेलियोफिजिसिस्ट एलेक्स यंग बताते हैं कि कोई भी ध्वनि हमें सूर्य और अन्य सभी सितारों से कैसे जोड़ती है | वीडियो में सूर्य की कम आवृत्ति ध्वनियाँ हैं | वे कहते है कि यह ऑडियो सूर्य का स्पंदन है और इस ध्वनी की फ्रीक्वेंसी बहुत ही कम है | इस वीडियो को नासा गोडार्ड ने भी अपलोड किया है |

२५ जुलाई २०१८ को प्रकाशित नासा द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, नासा और ईएसए (द यूरोपियन स्पेस एजेंसी) के वैज्ञानिकों के एक समूह ने २० वर्षों तक सूर्य का अध्ययन किया और सूर्य की ध्वनियों और मूवमेंट का दस्तावेजीकरण किया | रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि सूर्य एक कम, स्पंदन पैदा करता है जो “दिल की धड़कन” की तरह सुना जा सकता है, ऑडियो क्लिप बनाने के लिए, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता ने एस.ओ.एच.ओ के माइकलसन डॉपलर इमेजर (एम.डी.आई) से ४० दिनों के डेटा को संसाधित किया | इस रिपोर्ट को उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से भी जारी किया है |

आर्काइव लिंक 

इसके आलावा हमने यूट्यूब “ओम चंटिंग” जैसे कीवर्ड्स कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए वायरल वीडियो को ढूँढा तो पाया की दावे में इस्तेमाल वीडियो का ऑडियो और २० जून २०१७ को यूट्यूब पर म्यूजिक माइंड मैजिक- चैनल द्वारा अपलोड किया गया सार्वभौमिक ॐ मंत्र जो कि विवरण के अनुसार घबराहट नकारात्मकता और भय को दूर करता है को समान पाया, वीडियो का सूर्य से निकलने वाली प्रतिध्वनि के उपरोक्त दावे से कोई सम्बन्ध नहीं है |

नीचे आप वायरल वीडियो में सुनाई गयी ऑडियो और यूट्यूब पर ध्यान करने के मंत्र का मूल ऑडियो की समानता देख सकते है | इस वीडियो से हम स्पष्ट हो सकते है कि सोशल मीडिया पर वायरल “ॐ” मंत्र का ऑडियो नासा द्वारा प्रसारित नही किया गया है, बल्कि यह केवल एक ध्यान मंत्र है | 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोत्क पोस्ट को गलत पाया है | नासा के सूर्य की वास्तविक रिकॉर्डिंग में से ॐ की प्रतिध्वनि नही सुनाई देती है | सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो असल में ध्यान करने का मंत्र है | 

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Title:क्या नासा के अनुसार सूर्य से ॐ की प्रतिध्वनि सुनाई देती है?

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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