ALTERED IMAGE: बहुजन समाज पार्टी के पोस्टरों को एडिट कर ब्राह्मणों को उनके घर में A.C होने की वजह से उन्हें विदेशी बताया गया है |

False Political
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आगामी २०२२ में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों की तैयारियां का दौर शुरू होते दिख रहा है, इस दौरान, बहुजन समाज पार्टी द्वारा खासकर ब्राह्मण समुदाय के लिए ब्राह्मण सम्मेलन का आयोजन कर रही है | २३ जुलाई २०२१ को अयोध्या में ब्राह्मण सम्मेलन की शुरुआत हुई है | इन्हीं सब के बीच, सोशल मीडिया पर एक तस्वीर को फैलाते हुए दावा किया जा रहा है कि बहुजन क्रांति मोर्चा में इस्तेमाल किये गये बैनरों में “ब्राह्मण कौम विदेशी है, इनके घर में ए.सी (A.C) है” लिखा गया है | तस्वीर में कुछ लोग सड़क पर इस पोस्टर को हाथ में लिए खड़े हैं |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“बहुजन समाज पार्टी के द्वारा किये गए ब्राम्हण सम्मेलन के कुछ प्रमुख स्लोगन |”

फेसबुक पोस्ट 

यह तस्वीर फेसबुक व अन्य सोशल मंचों पर काफी तेजी से फैलाया जा रहा है | 

कुछ ट्विटर यूजर ने इस तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा है कि, आज यूपी मायावती की पार्टी ब्राह्मण सम्मेलन कर रही है,लेकिन जब सत्ता में थी तब ब्राह्मणों के खिलाफ़ उनकी क्या सोच थी इस तस्वीर में साफ़ दिख रहा है |”

आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि….

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया है कि वायरल तस्वीर को डिजिटली एडिट किया गया है | मूल पोस्टर में लिखा गया है कि “बहुजन क्रांति मोर्चा- ब्राह्मण कौम विदेशी है, इसका DNA यूरेशी है |”

जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर को गुगूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम से हमें यह तस्वीर २०१८ से फेसबुक पर उपलब्ध मिली |इस तस्वीर में हमें वायरल तस्वीर से मिलता जुलता पोस्टर नज़र आया | इस पोस्टर में लिखा गया है कि “बहुजन क्रांति मोर्चा- ब्राह्मण कौम विदेशी है, इसका DNA यूरेशी है |”

गूगल रिवर्स इमेज सर्च के परिणाम से हमें १४ जनवरी २०१८ को विनोद कुमार नामक एक फेसबुक यूजर ने यह तस्वीर अपने प्रोफाइल पिक्चर के तौर पर अपलोड करते हुए लिखा था कि “जिला भिवानी हरियाणा में भीमा कोरेगांव महाराष्ट्र में हुई घटना के विरोध मे प्रदर्शन करते बामसेफ,बहुजन क्रान्ति मोर्चा,डासफी,नफ,बाल्मिकी महासभा के लोग।”

वर्तमान में सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर और २०१८ में साझा की गयी मूल तस्वीर की तुलना आप नीचे देख सकते है जिससे यह स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर को मूल तस्वीर में छेड़छाड़ कर बदला गया है | वायरल तस्वीर एडिटेड है |

इस सन्दर्भ में फेसबुक पर कीवर्ड सर्च करने पर हमें २०१८ से इस मूल विरोध प्रदर्शन के कुछ वीडियो मिले जिनके अनुसार यह घटना हरियाणा के भिवानी की है जहां लोगो ने महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव में हुई हिंसा के खिलाफ विरोध में प्रदर्शन किया | उस समय इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर अखबार में खबरें भी छपी थीं | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “भीमा कोरेगाव में हुई हिंसा के विरोध मे भिवानी (हरियाणा) मे प्रदर्शन करते लोग |”

तदनंतर इस प्रदर्शन से सम्बंधित अग्रिम कीवर्ड सर्च कर हमें इस विरोध प्रदर्शन से संबंधित ख़बर  दैनिक जागरण में 15 जनवरी 2018 को प्रकाशित मिली | रिपोर्ट में इस प्रदर्शन की एक तस्वीर भी शेयर की गयी है जिसमें “ब्राह्मण कौम विदेशी है, इसका DNA यूरेशी है” वाले एक पोस्टर भी दिख रहा है |

आर्काइव लिंक

यह विरोध क्यों किया गया था?
ब्राह्मण समुदाय के विदेशी होने का दावा 2001 की एक स्टडी के आधार पर किया गया है | द टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस बारे में एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी | इस रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सवर्ण जातियों का DNA यूरोपियन लोगों से मिलता है | यूरेशी शब्द का अर्थ है जो लोग यूरोप और एशिया से जुड़े हो | इस आधार पर इस प्रदर्शन में ब्राह्मण समुदाय के लोगों के DNA को यूरेशी कहा गया है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त तस्वीर के साथ किये गये दावे को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर को फोटोशोप के माध्यम से एडिट कर फैलाया जा रहा है | इस तस्वीर का उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान सभा चुनाव से कोई संबंध नहीं है | मूल पोस्टर में लिखा गया है कि “बहुजन क्रांति मोर्चा- ब्राह्मण कौम विदेशी है, इसका DNA यूरेशी है |”

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. ताइवान में नववर्ष के मौके पर की गयी आतिशबाजी को टोक्यो ओलंपिक के उद्घाटन का बता वायरल किया जा रहा है।

२. ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भारत सरकार द्वारा ३ महीने के रिचार्ज प्लैन फ्री में देने के दावे गलत हैं।

३. पाकिस्तान स्थित कघान घाटी में गाड़ियों की लम्बी कतारों के वीडियो को हिमांचल प्रदेश का बता वायरल किया जा रहा है।

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Title:ALTERED IMAGE: बहुजन समाज पार्टी के पोस्टरों को एडिट कर ब्राह्मणों को उनके घर में A.C होने की वजह से उन्हें विदेशी बताया गया है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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