किलिमंजारो पर्वत के वीडियो को कैलाश पर्वत के पहले एरीयल वीडियो का बताया जा रहा है |

False Social
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वर्तमान में मानसून के चलते देश के अलग अलग हिस्सों से बाढ़, तूफ़ान या भूस्खलन की खबरें अकसर आ रही है, इन घटनाओं के विचलित कर देने वाले वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफी तेजी से साझा की जा रही है, ऐसे में बर्फ़ से ढके हिमपर्वत के एक वीडियो को बड़े पैमाने पर सोशल मंचों पर फैलाते हुए यह दावा किया जा रहा है कि भारत सरकार के प्रयासों के कारण कैलाश पर्वत के ऊपर का दृश्य पहली बार संभव हो सका है | वायरल हो रहे दावे में यह भी लिखा गया है कि इस वीडियो को 21 जुलाई, 2021 को लिया गया है |  इस वीडियो को फ़ेसबुक पर 2 हज़ार से ज्यादा बार शेयर किया गया है 

फैक्ट क्रेस्केंडो के पाठकों ने इस वीडियो को हमारे व्हाट्सएप फैक्टलाइन नंबर (9049053770) पर भेजकर तथ्य की जांच करने का अनुरोध किया |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“राम राम जी, भारत सरकार के प्रयास के कारण कैलाश पर्वत के ऊपर का दृश्य पहली बार संभव हो सका है जी 21-7-2021. सावन प्रारंभ हो गया आप भी दर्शन कर लें जी |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

फेसबुक पर इस वीडियो को काफी बड़े पैमाने पर फैलाया जा रहा है |

इस वीडियो को न्यूज़ ट्रैक के एडिटर इन चीफ योगेश मिश्रा ने आपने आधिकारिक फेसबुक अकाउंट से साझा करते हुए लिखा है कि “भारत सरकार के प्रयास के कारण कैलाश पर्वत के ऊपर का दृश्य पहली बार संभव हो सका है (21-7-2021) सावन प्रारंभ हो गया आप भी दर्शन कर लें |”

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया है कि वायरल हो रहा वीडियो तंजानिया स्थित किलिमंजारो पर्वत का है |

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इन्विड वी वेरीफाई टूल की मदद से छोटे फ्रेम्स में तोड़कर व यांडेक्स पर रिवर्स इमेज सर्च किया जिसके परिणाम से हमें यह वीडियो एक इन्स्ताग्राम यूजर के अकाउंट पर उपलब्ध मिला | इस वीडियो को सितंबर २०२० को पोस्ट करते हुए शीर्षक में लिखा गया है कि “किलिमंजारो, अविस्मरणीय पल, तंजासफारी |” इस पोस्ट के अनुसार यह वीडियो माउंट किलिमंजारो से संदर्भित है |

आगे हमने गूगल पर किलिमंजारो पर्वत के बारें में कीवर्ड सर्च किया जिससे हमें पता चला कि किलिमंजारो पर्वत, तंजानिया का एक शांत ज्वालामुखी है | यह अफ्रीका का सबसे ऊँचा पर्वत है व दुनिया का सबसे ऊँचा एकल मुक्त पर्वत है, इससे संदर्भित कुछ अन्य कीवर्ड सर्च करने पर हमने यह वीडियो  यूट्यूब पर मौजूद मिला | नीचे वायरल वीडियो से ली गयी तस्वीर और यूट्यूब वीडियो के स्क्रीनशॉट का तुलनात्मक विश्लेषण देखा जा सकता है |

हमने यूट्यूब पर और अधिक कीवर्ड सर्च किया जिसके परिणाम से हमें २३ जुलाई २०२० को डेली न्यूज़ डिजिटल नामक एक आधिकारिक यूट्यूब चैनल द्वारा अपलोड किया गया वही वीडियो मिला | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “पायलट ने किलिमंजारो पर्वत के चारों ओर 360 डिग्री घुमाया” | इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है कि “प्रेसिजन एयर पायलट रेमतुल्लाह रिज़वान ने किलिमंजारो पर्वत के चारों ओर एक 360 डिग्री मोड़ लिया, बहुत स्पष्ट दिन, पर्वतारोहियों को गड्ढा, खड़ी ढलान और बर्फ पर चढ़ते हुए देखा जा सकता था |”

हमें आईस्टॉक पर किलिमंजारो पर्वत की एक तस्वीर भी मिली जिसमें स्पष्ट रूप से पहाड़ की चोटी दिखाई दे रही है | इस तस्वीर में दी गयी जानकारी के अनुसार २००९ में यह तस्वीर खींची गयी है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात् हमने उपरोक्त वीडियो के साथ किये गये दावे को गलत पाया है | तंजानिया स्थित किलिमंजारो पर्वत के एक वीडियो को सोशल मीडिया पर कैलाश पर्वत के रूप में वायरल किया जा रहा है | वायरल सन्देश को भ्रामक रूप से साझा करते हुए भारत सरकार की सराहना की गई है कि सरकार के अथक प्रयासों के पश्चात पहली बार कैलाश पर्वत की चोटी के दर्शन संभव है, जो कि सरासर गलत है |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. ताइवान में नववर्ष के मौके पर की गयी आतिशबाजी को टोक्यो ओलंपिक के उद्घाटन का बता वायरल किया जा रहा है।

२. ऑनलाइन पढ़ाई के लिए भारत सरकार द्वारा ३ महीने के रिचार्ज प्लैन फ्री में देने के दावे गलत हैं।

३. पाकिस्तान स्थित कघान घाटी में गाड़ियों की लम्बी कतारों के वीडियो को हिमांचल प्रदेश का बता वायरल किया जा रहा है।

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Title:किलिमंजारो पर्वत के वीडियो को कैलाश पर्वत के पहले एरीयल वीडियो का बताया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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