क्या राहुल गांधी का राजस्थान के गाँवों में विरोध हुआ था?

False National Political
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१ मई २०१९ को विक्की मित्तल नामक एक फेसबुक यूजर ने एक विडियो पोस्ट किया | विडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि मित्रों यह वीडियो देखिए एक गांव में रात्रि में राहुल गांधी को बीजेपी की मोदी सेना ने किस प्रकार भगाया बहुत शानदार वीडियो जरूर देखें |”

विडियो में हम लोगों की भीड़ को “मोदी, मोदी” कहकर नारे लगाते हुए सुन सकते है | इस भीड़ से एक आदमी को निकलते व एक गाड़ी में चढते हुए देखा जा सकता है | विडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि वह आदमी राहुल गांधी है, जो रात को किसी गांव में प्रचार के लिए गए थे, परंतु मोदी-मोदी के नारे लगाते हुए भीड़ को देखकर, वह भाग गए | यह विडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में है | इस विडियो को १ लाख ९७००० व्यूज मिल चुकी है | फैक्ट चेक किये जाने तक यह पोस्ट लगभग ३६९४ प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुकी थी |

आर्काइव लिंक

उपरोक्त पोस्ट में किए गए दावे की सत्यता की जांच करना आवश्यक था क्योंकि अगर राहुल गांधी का इतना विरोध होता, तो यह बहुत बड़ी खबर थी, लेकिन इस तरह की खबरें समाचार पत्र, समाचार चैनल में भी नहीं आईं | इसीलिए हमने सच्चाई जानने की कोशिश की |

संशोधन से पता चलता है कि..

जांच की शुरुआत में हमने इस विडियो का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने की कोशिश की परंतु परिणाम में हमें कुछ नहीं मिला क्योंकि विडियो में बहुत ज्यादा अँधेरा है | इसीलिए हमने विडियो को बारीकी से देखा | विडियो में जिस आदमी को राहुल गांधी दावा किया जा रहा है उसके पीछे हमें कोई सुरक्षाकर्मी नज़र नहीं आते है | हमने गूगल पर राहुल गांधी के सुरक्षा एजेंसी के बारे में जानकारी ढूँढने की कोशिश की | १६ अगस्त २०१२ को रीडिफ़ द्वारा प्रकाशित खबर में लिखा गया है कि भारत सरकार ने कहा है कि देश में सिर्फ १५ लोगों को जेड प्लस (Z+) सुरक्षा प्रदान की गई है जिनमे से राहुल गांधी एक है | इस कार्य के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए है |

आर्काइव लिंक

हमें तब पता चला कि प्रोटोकॉल के अनुसार, राहुल गांधी को Z+ सुरक्षा दी गई है, और उपरोक्त वीडियो में दिखाई देने वाले व्यक्ति के साथ कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखाई देते है | आप नीचे सुरक्षाकर्मियों के साथ राहुल गांधी की फोटो देख सकते हैं |

उपरोक्त पोस्ट में दिखाए गए वीडियो को देखने के बाद, हमें उपरोक्त वीडियो में दिखाई गयी गाड़ी का नंबर मिला है | गाड़ी का नंबर – RJ14UJ8991 | गाड़ी के नंबर का रजिस्ट्रेशन जानने के लिए हमने आरटीओ की आधिकारिक वेबसाइट पर गए, जहां से कार के मालिक- महेश मोरदिया का नाम मिला है |

विडियो से हमें यह पता चल गया था कि यह कांग्रेस से जुड़े हुए कोई नेता है | इसके अलावा गाड़ी का नंबर भी राजस्थान का है, इसीलिए हमने यह जानने की कोशिश की कि क्या राजस्थान कांग्रेस में महेश मोरदिया नाम का कोई व्यक्ति है | फेसबुक पर भारतीय युवा कांग्रेस राष्ट्रीय समिति का एक नोट मिला जहाँ से हमें पता चला कि राजस्थान कांग्रेस में महेश मोरदिया हैं और वह अखिल भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव थे |

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बाद में, जब हमने महेश मोरदिया से संपर्क किया और उनसे उपरोक्त पोस्ट में साझा किए गए वीडियो के बारे में पूछा, तो उन्होंने हमें बताया कि “उपरोक्त वीडियो में मेरा विरोध किया गया था, जब हम २०१९ में जोधपुर सीट के कांग्रेस उम्मीदवार वैभव गहलोतजी के लिए प्रचार करने गए थे, कुछ लोग हम विरोध कर रहे थे, लेकिन राहुल गांधी का हमारे साथ होने वाली बात गलत है |”

बाद में महेश मोरदिया ने इस घटना का अधिक प्रमाण हेतु कुछ वीडियो और फोटो भी हमें भेजे थे, जिसे आप नीचे देख सकते हैं |

फोटो-

विडियो-

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है, क्योंकि उपरोक्त वीडियो में, राहुल गांधी का विरोध नहीं किया गया है, बल्कि अखिल भारतीय कांग्रेस के पूर्व महासचिव महेश मोरदिया  का विरोध किया जा रहा है |

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Title:क्या राहुल गांधी का राजस्थान के गाँवों में विरोध हुआ था?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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