रिलायंस द्वारा अयोध्या राम मंदिर के लिए सोलार पॉवर प्लांट दान करने का दावा गलत है ।

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15 जनवरी से अयोध्या के राम मंदिर निर्माण हेतु श्री राम जन्मभूमी राम मंदिर निधी समर्पन अभियान के अंतर्गत एक डोनेशन ड्राइव की शुरुवात की गई है, जिसके चलते सोशल मंचों पर कई विशिष्ट लोगों द्वारा दान अर्पण करने की खबरें सामने आई, इन सब के बीच इंटरनेट पर रिलायंस के बारे में भी कुछ ख़बरें वायरल होतीं दिख रहीं है, खबर के मुताबिक रिलायंस ने राम मंदिर के लिए सोलार पॉवर प्लांट दान किया है। आपको यह भी बता दें यह कि यह खबर कथित तौर पर निता अंबानी के ट्वीटर हैंडल पर प्रकाशित की गयी थी।

ट्वीटर हैंडल की तस्वीर में जो ट्वीट है उसमें लिखा है,

“रिलांयस ने राम मंदिर को कम्प्लीट “सौर ऊर्जा” प्लांट भेंट किया इसलिए चुभता है हमारा अम्बानी परिवार इन मुगलो की औलादो को।” 

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फेसबुक | आर्काइव लिंक

इस पोस्ट को सोशल मंचो पर काफी तेज़ी से वायरल किया जा रहा है।

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रही खबर सरासर गलत है। निता अंबानी का कोई आधिकारिक ट्वीटर हैंडल नहीं है व रिलायंस द्वारा राम मंदिर को सोलार पॉवर प्लांट दान करने की खबर भी झूठी है।

जाँच की शुरुवात हमने उपरोक्त दावे को गूगल पर कीवर्ड सर्च करने से की, परिणाम में हमें ऐसा कोई समाचार नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो कि वायरल हो रही खबर सही है। इसके पश्चात हमने श्री राम जन्मभूमी तिर्थ क्षेत्र के सदस्य बिमलेन्द्र मोहन प्रताप मिश्रा से संपर्क किया तो उन्होंने इस खबर को झुठलाते हुए कहा, 

“वायरल हो रही खबर सरासर गलत व भ्रामक है। रिलायंस ने राम मंदिर के लिए ऐसा कोई दान नहीं किया है।“

तत्पश्चात हमने यह जानने की कोशिश की कि उपरोक्त फेसबुक पोस्ट में दिख रहे ट्वीट की तस्वीर निता अंबानी के आधिकारिक ट्वीटर हैंडल की है या नहीं। सबसे पहले हमने ट्वीटर पर @NitaAmabani नामक ट्वीटर हैंडल का शोध किया, नतीजतन हमें वह हैंडल मिला जिससे उपरोक्त ट्वीट किया गया था, उस ट्वीटर हैंडल को खंगालने पर वायरल हो रहा ट्वीट इस वर्ष 11 जनवरी को सुबह 6.08 बजे किया हुआ मिला।

आर्काइव लिंक

हमने इस ट्वीटर हैंडल के बॉयो को देखा, वहाँ हमें निता अंबानी के नाम के आगे कोई भी ब्लू टिक नहीं दिखा, जिससे हमने अनुमान लगाया कि यह ट्वीटर हैंडल निता अंबानी का आधिकारिक ट्वीटर हैंडल नहीं है।

आपको बता दें कि जिस किसी के भी ट्वीटर हैंडल के नाम के आगे ब्लू टिक हो, वह उस शख्स, संस्था आदि का आधिकारिक ट्वीटर हैंडल होता है।

जाँच के दौरान हमने इस बात पर भी गौर किया कि इस ट्वीटर हैंडल के नाम में अंबानी की स्पेलिंग गलत है। अंग्रेज़ी में अंबानी की सही स्पेलिंग Ambani होती है, परंतु यहाँ Amabani लिखा हुआ है।

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 ट्वीटर | आर्काइव लिंक

इसके पश्चात हमने वायरल हो रहे दावे को लेकर रिलायंस इंडिया से संपर्क किया, हमें उनके मीडिया डिपार्टमेंट द्वारा ये जानकारी  दी गई कि रिलायंस द्वारा इस प्रकार का कोई भी दान नहीं किया गया है व सोशल मंचों पर वायरल हो रही ख़बर भ्रामक व बेबुनियाद है, हम यह भी स्पष्ट कर दें कि मुकेश अंबानी परिवार के सदस्यों का किसी भी सोशल मंच पर अकाउंट नहीं है।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया है कि उपरोक्त दावा गलत है। निता अंबानी का कोई आधिकारिक ट्वीटर हैंडल नहीं है व रिलायंस द्वारा राम मंदिर को सोलार पॉवर प्लांट दान करने की खबर भी झूठी है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१.  भारतीय पासपोर्ट से राष्ट्रीयता का कॉलम नहीं हटाया गया है|

२. ट्रैक्टर बेचने वाली कंपनी ने विज्ञापन के लिए प्रसारित किये हुए वीडियो को किसानों के ट्रैक्टर मार्च से जोड़कर वायरल किया जा रहा है।

३. 2019 में कुछ सिख दलों द्वारा मानव अधिकार दिवस पर किये गए विरोध की तस्वीरों को वर्तमान किसान आंदोलन से जोड़ा जा रहा है।

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Title:रिलायंस द्वारा अयोध्या राम मंदिर के लिए सोलार पॉवर प्लांट दान करने का दावा गलत है ।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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