500 रुपये के नोट पर लगी हरी पट्टी की जगह को लेकर हो रहे दावे गलत व भ्रामक हैं।

Economy False
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इन दिनों सोशल मंचों पर एक दावा काफी तेज़ी से वायरल होता दिख रहा है। उस दावे के मुताबिक अगर 500 रुपये की नोट पर दिख रही हरी पट्टी महात्मा गांधी की तस्वीर के नज़दीक हो और आर.बी.आई के गवर्नर के हस्ताक्षर से दूर हो तो वह 500 रुपये की नोट नकली है।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है, 

500 के नोट को लेकर बड़ी खबर, RBI ने दी यह अहम जानकारी, दावा किया गया था कि 500 रुपए का वह नोट नहीं लेना चाहिए जिसमें हरी पट्टी आरबीआई गवर्नर के सिग्नेचर के पास न होकर गांधीजी की तस्वीर के पास होती है।“

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रही खबर सरासर गलत है।

जाँच के दौरान हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च कर ये जानने की कोशिश की कि नकली 500 रुपये की नोट को कैसे पहचाना जाये। हमने ये भी जानने की कोशिश की कि क्या नोट पर दिख रही हरी पट्टी से नोट के नकली या असली होने की पहचान की जा सकती है या नहीं।

नतीजन हमें द फाइनेंशियल एक्सप्रेस द्वारा 22 फरवरी 2020 को प्रकाशित किया गया एक समाचार लेख मिला जिसमें 500 रुपये के नये नोट की विशेषताएं बतायी गयी है। नोट पर दिख रही हरी पट्टी के संदर्भ में यह लिखा है कि एक मुद्रा नोट को झुकाने पर महात्मा गांधी की छवि की दाई ओर दिख रही हरी पट्टी अपना रंग बदल देती है।

इसके अलावा नोट पर दिख रही हरी पट्टी के बारे में कुछ भी नहीं लिखा हुआ है।

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तदनंतर इस सन्दर्भ में आगे जाँच करने पर हमें मिंट द्वारा 29 फरवरी 2020 को प्रकाशित एक समाचार लेख मिला जिसमें इस बात की जानकारी दी गयी है कि 500 रुपये का नोट नकली है ये कैसे जाना जाये।

इस समाचार लेख में भी कही भी ऐसा नहीं लिखा हुआ है कि अगर नोट पर दिख रही हरी पट्टी महात्मा गांधी की तस्वीर के नज़दीक हो और आर.बी.आई के गवर्नर के हस्ताक्षर से दूर हो तो 500 रुपये की नोट नकली है।

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तत्पश्चात फैक्ट क्रेसेंडो ने आर.बी.आई के प्रवक्ता योगेश दयाल से संपर्क किया और उनसे वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने की कोशिश की व यह इस बात की भी जानकारी ली कि हरी पट्टी किस जगह पर है, क्या उससे पता चलता है कि 500 रुपये की नोट नकली है, परिणाम में उन्होंने हमें बताया कि,

वायरल हो रहा दावा सरासर गलत है। नोट पर दिख रही हरी पट्टी कौनसी जगह पर स्थित है उससे नोट की साख पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। आप बहुत से असली 500 रुपये की नोट देख सकते है जिन पर हरी पट्टी आर.बी.आई गवर्नर के हस्ताक्षर के पास न होकर महात्मा गांधी की तस्वीर के पास भी होती है। वायरल हो रहा दावा लोगों में भ्रम फैला रहा है और ऐसे दावों पर बिलकुल भी भरोसा न करें।“  

इसके बाद अधिक जाँच करने पर हमें पी.आई.बी फैक्ट चेक द्वारा इस वर्ष 25 जून को किया गया ट्वीट मिला जिसमें स्पष्टिकरण दिया हुआ है कि वायरल हो रहा दावा सरासर गलत है। 

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आपको बता दें कि आर.बी.आई की आधिकारिक वैबसाइट पर 500 रुपये के नये नोट की विशेषताएं विस्तार से बतायी गयी है। 

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहा दावा सरासर गलत है। नोट पर दिख रही हरी पट्टी का नोट के जाली होने से कोई सम्बन्ध नहीं है ।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. दिल्ली में हुई एक झड़प के वीडियो को लोनी मामले से जोड़ गलत सन्दर्भ के साथ प्रसारित किया जा रहा है।

२. असम के एक पुराने वीडियो को बांग्लादेशियों द्वारा अलग देश की मांग के रूप में फैलाया जा रहा है|

३. सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनके भाषण में कहे “चोरी सम्बंधित” वक्तव्य को सन्दर्भ से बाहर फैलाया जा रहा है|

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Title:500 रुपये के नोट पर लगी हरी पट्टी की जगह को लेकर हो रहे दावे गलत व भ्रामक हैं।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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