क्या अमित शाह ने बनिया समाज को चोरी और मुनाफाखोरी वाला बताया है ? यहां जानिए सच

False Political

देश के गृह मंत्री अमित शाह से जुड़ा एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल किया गया है। जिसमें दो तस्वीरों का एक कोलाज बना हुआ है। पहले कोलाज में जो तस्वीर दिख रही है वो टीवी स्क्रीन पर दिख रहे आज तक चैनल की है। इसमें अमित शाह बनिया हूँ मेरी बात भरोसा रखना टेक्स्ट के साथ देखा जा सकता है। जबकि कोलाज की दूसरी तस्वीर में एक अख़बार की कटिंग दिख रही है। जिसमें लिखा है चोरी और मुनाफाखोरी देश के बनियों की आदत है : अमित शाह। सोशल मीडिया यूज़र ने इस पोस्ट को सच मानते हुए हाल के दावे से साझा किया है।

फेसबुक पोस्ट ।  आर्काइव पोस्ट

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जांच की शुरुआत में कोलाज में दिख रही पहली तस्वीर को ढूंढना शुरू किया। जिसके लिए हमने कीवर्ड्स की मदद ली। परिणाम में हमें आज तक न्यूज़ चैनल के आधिकारिक फेसबुक चैनल पर एक वीडियो अपलोडेड मिला जो 21 मार्च 2021 का था। वीडियो को देखने पर हम यह समझ पाए कि अमित शाह ने उस वक़्त हुए बंगाल चुनाव के दौरान ये बातें कही थीं। अमित शाह संकलप पत्र जारी कर रहे थें। जहां पर उन्होंने कहा था कि पाई-पाई का हिसाब कर के संकल्प पत्र बनाया है, मैं बनिया हूँ मुझ पर भरोसा रखना।

आर्काइव

फिर हमने कोलाज में दिख रही अख़बार वाली कटिंग के बारे में पड़ताल शुरू की। इसके लिए हमने सबसे पहले अखबार की खबर की हेडलाइन को लेकर न्यूज को सर्च किया। लेकिन हमें कोई नतीजे नहीं मिले। हमारा ध्यान इस बात पर गया कि वायरल अख़बार की कटिंग में नीचे की तरफ राजस्थान विधान सभा चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के राष्ट्रिय अध्यक्ष अमित शाह से जुड़े लेख लिखे थे। जिसमें राजस्थान के बूंदी लिखा था। इसकी मदद से हमने जांच शुरू की।

हमें बीजेपी के ट्विटर हैंडल पर 3 दिसंबर 2018 में शेयर किया हुआ एक वीडियो मिला, जो राजस्थान के बूंदी में हुई रैली की थी। हमने देखा कि वीडियो में अमित शाह ने अपने पूरे भाषण में बनियों को लेकर ऐसा कुछ नहीं कहा था। 

आर्काइव लिंक 

यही वीडियो हमें बीजेपी के आधिकारिक चैनल पर अपलोड किया हुआ मिला।

आर्काइव | भाजपा राजस्थान फेसबुक 

हमारा ध्यान इस बात पर भी गया कि वायरल अखबार वाली कटिंग में अमित शाह को राष्ट्रिय अध्यक्ष बताया गया है, जो वो अभी नहीं है। अमित शाह इस वक़्त देश के गृह मंत्री हैं। उनके अध्यक्ष का कार्यकाल 2014 से 2020 तक का था। इसके बारे में भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक साइट पर देखा जा सकता है।

निष्कर्ष-

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल पोस्ट में जिस अख़बार कटिंग को अमित शाह के हवाले से दिखाया गया है, वो असल में फर्जी है। हमें अपनी  खोज में इस प्रकार की कोई जानकारी किसी भी वेबसाइट या मीडिया द्वारा प्रकाशित नहीं मिली। इसलिए वायरल पोस्ट झूठा साबित होता है। 

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Title:क्या अमित शाह ने बनिया समाज को चोरी और मुनाफाखोरी वाला बताया है ? यहां जानिए सच

Fact Check By: Priyanka Sinha 

Result: False

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