कोलकाता में भाजपा को वोट न दें रैली की पुरानी तस्वीर हालिया संदर्भ में गलत दावे से वायरल…

False Political

लोकसभा चुनाव 2024 में देश की सत्ता पर काबिज़ पार्टी बीजेपी अबकी बार 400 पार के नारे के साथ दम खम दिखा रही है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुआ है , जो बीजेपी के खिलाफ एक प्रदर्शन को दर्शा रहा है। वायरल पोस्ट में  नो वोट टू बीजेपी के बैनर और तख्तियाँ लेकर रैली निकाली जा रही है। यूज़र का दावा है कि तमिलनाडु में बीजेपी को वोट देने के विरोध में ये रैली हुई है। पोस्ट इस कैप्शन के साथ वायरल है…

यदि आप सहमत हैं तो रीट्वीट करें ‼️ तमिलनाडु का मूड #तमिलनाडु ने बीजेपी को खारिज किया # बाय बाय मोदी #मैसिव रैली# बाय बाय मोदी

ट्विटर लिंक  ।  आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने पोस्ट की पड़ताल के लिए तस्वीर का गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमने देखा इसी तस्वीर का इस्तेमाल इंडिया टुडे द्वारा 2021 में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट में किया था। जबकि खबर के अनुसार, साल 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले, कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने कोलकाता में भाजपा के खिलाफ ‘नो वोट टू बीजेपी’ नारे, बैनर और तख्तियों के साथ विरोध मार्च निकाला था। 

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हमने अपनी खोज के दौरान स्टॉक फ़ोटो के लिए एक वेबसाइट, Alamy पर भी इसी जानकारी के साथ इस तस्वीर को 10 मार्च 2021 में शेयर किया हुआ पाया।

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अब हमें 15 मार्च 2021 में नेशनल हेराल्ड की एक रिपोर्ट मिली। जिसमें बताया गया है कि बंगाल के उस समय में हुए विधान सभा चुनाव के दौरान बीजेपी के खिलाफ अभियान चलाया गया था। जिसके लिए किसानों की अपील पर कोलकाता में छात्रों, बुद्धिजीवियों, शिक्षकों और नागरिक समाज समूहों द्वारा चलाए गए अभियान के तहत बीजेपी को वोट न दें की अपील की गई थी। उस दौरान बीजेपी के गुजरात मॉडल का विरोध करते हुए युवा महिलाओं और पुरुषों ने खुले तौर पर लोगों से अपील की कि वे ऐसी पार्टी को वोट न दें जिसका रिकॉर्ड गुजरात 2002 जैसा है और जिसकी सरकार ने युवा विद्वानों, बुद्धिजीवियों, लेखकों और असहमत लोगों को मनगढ़ंत आरोपों और बिना किसी सबूत के जेल में डाल दिया है।

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पोस्ट की पड़ताल में हमारा ध्यान इस बात पर भी गया कि बैनर में बांग्ला अक्षर का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही थोड़ा ज़ूम कर के देखने पर पता चलता है कि आस -पास की दुकानों में बांग्ला अक्षर का इस्तेमाल किया गया है। चूंकि वायरल पोस्ट के साथ दावा किया गया है कि ये तमिलनाडु में हुआ है। परन्तु बांग्ला में लिखावट होने से ये पक्का हो जाता है कि ये रैली तमिलनाडु में न हो कर बंगाल में हुई है। 

इससे हम स्पष्ट हो सकते हैं कि वायरल पोस्ट में दिख रही तस्वीर न तो हाल की है और न ही इसका तमिलनाडु से कोई लेना देना है।

निष्कर्ष- 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि यह तस्वीर 2021 की है जो तमिलनाडु की नहीं है। ये तस्वीर कोलकाता में 2021 में हुए विधान सभा चुनाव के दौरान की है। 

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Title:कोलकाता में भाजपा को वोट न दें रैली की पुरानी तस्वीर हालिया संदर्भ में गलत दावे से वायरल…

Fact Check By: Priyanka Sinha 

Result: False

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