२०१७ में छात्रों द्वारा किये गए विरोध प्रदर्शन का वीडियो कश्मीर की वर्तमान स्थिति के नाम से फैलाया जा रहा है |

False Political
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२ सितम्बर २०१९ को Secular news नामक एक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि, “कश्मीर जल रहा है।मोदी और शाह दुनिया को दिखाने नही दे रहे आप दिखाये कम से कम दुनिया को बताएं।ये ज़ालिम ज़ुल्म की इन्तेहाँ कर रहे है |” इस विडियो को सोशल मीडिया पर काफी तेजी से साझा किया जा रहा है और साथ ही यह दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो कश्मीर की वर्तमान स्थिति को दर्शाता है, जिसमे हम कथित तौर पर कश्मीरी छात्राओं को आजादी के नारें लगते हुए देख सकते है | फैक्ट चेक किये जाने तक यह वीडियो ८६६८ प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुका था |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव वीडियो 

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद ३७० के हटने पर कई पुराने वीडियो व तस्वीरें वर्तमान का बताकर गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाये जा रहे हैं, जिस वजह से हमने इस वीडियो के सत्यता की जांच की |

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इस वीडियो को बारीकी से देखने से की | हमें इस वीडियो में ‘RK’ और #RisingKashmir का वॉटरमार्क दिखाई दिया | फिर हमने  यू-ट्यूब पर ‘Rising Kashmir’ नाम को ढूंढा, तो हमें इस समाचार वेबसाइट का YouTube चैनल मिला | इसके पश्चात हमने यू-ट्यूब पर “स्टूडेंट प्रोटेस्ट राइजिंग कश्मीर वैली” जैसे की-वर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए इस वीडियो को ढूँढा | परिणाम से हमें १७ अप्रैल २०१७ को उनके द्वारा अपलोड किया गाय वीडियो मिला| इसी वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “छात्र कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी का विरोध कर रहे हैं” | 

मूल विडियो के साथ वायरल वीडियो में सिर्फ इतना ही अंतर है कि, मूल वीडियो के छोटे हिस्सों को जोड़कर यह वायरल वीडियो को बनाया गया है | २०१७ को ‘राइजिंग कश्मीर’ द्वारा अपलोड किये गये वीडियो के  कुछ दृश्यों को एडिट कर तथा जोड़कर वर्तमान का कहते हुए साझा किया जा रहा है | 

जब हमने इस बारे में ख़बर ढूंढा, तो हमें कश्मीरी छात्राओं द्वारा कश्मीर में किये गए इस विरोध प्रदर्शन पर कई ख़बरें मिली | SP कॉलेज के छात्रों ने अप्रैल २०१७ को पुलवामा में पुलिस द्वारा किये गए छापों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था | यह वीडियो उसी दौरान लिया गया था| इस घटना पर पूरी ख़बर पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें | सरकारी महिला महाविद्यालय की सैकड़ों छात्राएं भी पुलवामा डिग्री कॉलेज की छात्राओं के साथ एकजुटता दिखाते हुए सड़कों पर उतरी थे |

राइजिंग कश्मीर | आर्काइव लिंक 

Countercurrents.orgPostArchivedLink
Kashmirpost.orgPostArchivedLink
Oneindia.comPostArchivedLink

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | पोस्ट में साझा वीडियो मे दर्शाई घटना १७ अप्रैल २०१७ की है, जिसमें श्रीनगर के एसपी कॉलेज के छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया था | वर्तमान में इस वीडियो का कश्मीर की मौजूदा स्थिति से कोई संबंध नहीं है |

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Title:२०१७ में छात्रों द्वारा किये गए विरोध प्रदर्शन का वीडियो कश्मीर की वर्तमान स्थिति के नाम से फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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