वर्ष 2015 में सीरिया में एक महिला को अल-कायदा द्वारा गोली मारने के वीडियो को वर्तमान अफगानिस्तान से बता वायरल किया जा रहा है।

False International
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हालही में अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्ज़ा कर लिया है, इसके चलते सोशल मंचों पर कई वीडियो व तस्वीरें साझा की जा रही है। ऐसे में एक वीडियो इंटरनेट पर काफी तेज़ी से साझा किया जा रहा है, उसमें आप कई लोगों को बंदूक लेकर खड़े हुये देख सकते है व ये लोग एक महिला को बंदुक से गोली मारकर उसकी निर्मम हत्या कर देते है। इस वीडियो के साथ जो दावा वायरल हो रहा है उसके मुताबिक वीडियो वर्तमान अफगानिस्तान से है, जहाँ तालिबानियों ने एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी क्योंकि वह अपने घर से बाहर निकली थी।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है, 

कोई बुद्धिजीवी बताएगा क्या यही इस्लाम का असली रूप है? कि एक महिला ने अगर आपके हिसाब से कपड़े नहीं पहने हैं तो आप उसकी हत्या कर दें तालिबान शासन का आतंक शुरु महिला की हत्या सिर्फ इसलिए क्योंकि वह घर से बाहर निकली। तालिबानी सोच में कभी भी महिलाएं और बच्चे सुरक्षित नहीं है। हिंदुस्तान में भी बहुत से तालिबानी सोच के लोग हैं इन्हे तुरंत देश से बाहर निकाला जाए ऐसी हम सरकार से मांग करते है।“

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रहा वीडियो वर्ष 2015 का है जब सीरिया में अल-कायदा के लोगों ने एक महिला को व्यभिचार के लिये गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इस वीडियो का वर्तमान, अफगानिस्तान व तालिबान से कोई सम्बंध नहीं है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे वीडियो को इनवीड-वी वैरिफाइ टूल के माध्यम से छोटे छोटे कीफ्रेम्स में काटकर व गूगल पर इमेज सर्च कर की, परिणाम में हमें वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहे दृश्य की तस्वीर द टाइम्स द्वारा 16 जनवरी 2015 को प्रकाशित किये गये लेख में प्रकाशित की गयी मिली। लेख के मुताबिक सीरिया में एक महिला को अल-कायदा के लोगों ने बीच सड़क पर गोली मार दी व उसकी हत्या कर दी। इन लोगों ने खुद को एक बुजुर्ग महिला को गोली मारते हुए फिल्माया, जिस पर उन्होंने वेश्यालय चलाने का आरोप लगाया था। वीडियो फुटेज अलेप्पो से 50 मील दक्षिण में उत्तर-पश्चिमी सीरिया में एक पूर्व सरकारी गढ़, मारत अल नुमान के मध्य वर्ग में फिल्माया गया था

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इसके बाद हमने उपरोक्त जानकारी को ध्यान में रखते हुये गूगल पर इस सम्बन्ध में कीवर्ड सर्च किया व हमें उपरोक्त लेख में दी गयी वही जानकारी वाइस न्यूज़ द्वारा पांच वर्ष पहले प्रकाशित किये हुये एक लेख में मिली। उस लेख से हमें यह भी पता चला कि, अल कायदा से संबंध रखने वाले एक आतंकवादी समूह ने कथित तौर पर एक महिला को व्यभिचार करने का आरोप लगाने के बाद उत्तर-पश्चिमी सीरियाई शहर में मार डाला, इस दौरान रक्का इस बिंग स्लॉटर्ड सायलेंटली समूह के स्थानीय कार्यकर्ता ने चुपचाप एक वीडियो लेकर पोस्ट कर दिया जिसमें महिला की गोली मारकर मौत हो गई, जो कथित तौर पर सीरिया के उत्तर-पश्चिमी शहर इदलिब के बाहर एक क्षेत्र में हुई थी।

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तदनंतर हमने कीवर्ड सर्च कर रक्का इस बिंग स्लॉटर्ड सायलेंटली के वैबसाइट पर वायरल हो रहे वीडियो की खोज की तो हमें यह वीडियो 13 जनवरी 2015 को उनके द्वारा प्रकाशित किये गये एक लेख में मिला। इस लेख में हमें वायरल हो रहा वही वीडियो देखने को मिली। लेख में दी गयी जानकारी में लिखा है, जबात अल-नुसरा ने इदलिब के देहात में मौरत मसरेन में एक महिला को व्यभिचार के लिए सज़ा दी व गोली मार कर उसकी हत्या कर दी, उस महिला ने अल-कायदा के लोगों से अपने बच्चों को देखने की मांग की पर उन्होंने मना कर दिया व उसे गोली मार दी।

लेख के अनुसार यह घटना 13 जनवरी 2015 में घटी थी।

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तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े से संबंधित अन्य फैक्ट चेक को आप नीचे पढ़ सकते है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। वायरल हो रहा वीडियो वर्ष 2015 का है जब सीरिया में अल-कायदा के लोगों ने एक महिला को व्यभिचार के आरोपों के चलते गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी। इस वीडियो का वर्तमान, अफगानिस्तान व तालिबान से कोई सम्बंध नहीं है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. ब्रिटेन में हुये २०१४ के एक नुक्कड़ नाटक वीडियो को अफगानिस्तान में मुस्लिम महिलाओं की सरेआम नीलामी का बता फैलाया जा रहा है|

२. ब्राज़िल के पेरोला शहर के एक वीडियो को श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) का बता गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

३. उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में सदियों से पूजे जा रहे मुस्लिम संत सय्यद कालू पीर के पारंपरिक मंडाण नृत्य को सांप्रदायिक रंग दे गलत दावों के साथ साझा किया जा रहा है।

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Title:वर्ष 2015 में सीरिया में एक महिला को अल-कायदा द्वारा गोली मारने के वीडियो को वर्तमान अफगानिस्तान से बता वायरल किया जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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