क्या कोलकाता में CRPF के जवानों पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया?

False Political
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१९ मई २०१९ को चौकीदार कुमार भारत नामक एक फेसबुक यूजर ने एक तस्वीर पोस्ट की | यह तस्वीर तीन अलग अलग तस्वीरों का कोलाज है | तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि कलकत्ता में CRPF के जवानों पे आक्रमण करते हुए बगदीदी TMC वाले ” तस्वीर में हम कुछ लोगों को पुलिस को पीटते हुए देख सकते है | तस्वीर के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर कोलकाता का दृश्य है और दिखाए गए पुलिस केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवान है और उन्हें तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के पीटा | यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में है | फैक्ट चेक किये जाने तक यह तस्वीरें १४० से ज्यादा प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुकी थी |

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लोक सभा २०१९ के चुनाव चलते हमें ऐसे कई पोस्ट मिले जहाँ पुरानी घटनाओं या असंबंधित तस्वीरों को भ्रामक संदेश के साथ साझा किया गया है | इसीलिए हमने इस तस्वीर की सच्चाई जानने की कोशिश की |  

संशोधन से पता चलता है कि..

जांच की शुरुआत में हमने इन तस्वीरों को अलग कर स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया | पहली और दूसरी तस्वीर के परिणाम से हमें पता चला कि यह तस्वीरें २२ जून २०१७ की है | २२ जून २०१७ को प्रकाशित मिरर के खबर के अनुसार यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की है जहाँ जागृति अस्पताल में एक किशोर लड़की के साथ इंटेंसिव केयर यूनिट में बलात्कार हुआ था | इस खबर को सुनने के बाद क्रोधित भीड़ ने अस्पताल में हंगामा किया | इसी हंगामे के बीच प्रदर्शनकारियों की पुलिस अधिकारियों के साथ झड़प हुई | एक पुलिस अधिकारी को लात मारकर बेहोश कर दिया गया था | इस खबर में हम फेसबुक पर वायरल तस्वीरों को भी देख सकते है |

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हमें १९ जून २०१७ को आज तक द्वारा प्रकाशित खबर मिली | खबर के अनुसार १७ -१८ साल की एक छात्रा के साथ अस्पताल की इंटेंसिव केयर यूनिट में एक वार्ड बॉय द्वारा बलात्कार हुआ था, यह खबर फैलने के बाद लोगों के बीच हिंसा भड़क उठी | खबर में यह भी लिखा गया है कि पुलिस पर हमला करने के मामले में २०० से ज्यादा लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है और साथ ही ३६ लोगों को गिरफ्तार किया गया है |

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इससे हमें यह पता चलता है कि पहली दो तस्वीरें २०१७ को कानपूर में हुई घटना की है | इसके पश्चात हमने तीसरी तस्वीर का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया | परिणाम से हमें पता चला कि यह तस्वीर ८ साल पुरानी है | हमें २३ जून २०११ को द हिन्दू द्वारा प्रकाशित खबर मिली | खबर के अनुसार यह तस्वीर गुवाहाटी की है, जब पहाड़ी वासियों ने २०११ में बेदखली का विरोध किया था | तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि “कृषक मुक्ति संग्राम की एक महिला कार्यकर्ता गुवाहाटी में एक प्रदर्शन के दौरान एक पुलिसकर्मी पर हमला करती है |”

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इस तस्वीर को इंडिया टुडे ने भी अपने खबर में समान विवरण के साथ प्रकाशित किया है |

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निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | दावें अनुसार यह तस्वीर कोलकाता की नहीं है | उपरोक्त पोस्ट दो अलग अलग घटनाओं की तस्वीरों को एक करते हुए भ्रामक दावें करता है | पहली दो तस्वीरें २०१७ को कानपूर की घटना की है व तीसरी तस्वीर २०११ में गुवाहाटी में हुई घटना की है | तीनों तस्वीरों का पश्चिम बंगाल के कोलकाता या तृणमूल कांग्रेस पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है | चित्र पुराने हैं और दावे से असंबंधित हैं |

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Title:क्या कोलकाता में CRPF के जवानों पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हमला किया?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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