मध्यप्रदेश के देवास में एक ही समुदाय के दो नाबलिकों के घर से भागने के पश्चात भीड़ द्वारा उन्हें पकड़ने के वीडियो को “लव जिहाद” के नाम से वायरल किया जा रहा है |

False National
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सोशल मीडिया पर एक लड़के को पुलिस की मौजूदगी में भीड़ द्वारा पीटते हुये एक वीडियो साझा किया जा रहा है, इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि यह घटना भोपाल की है जहाँ एक मुस्लिम युवक एक हिन्दू युवती को लव जिहाद के चलते भगाकर ले जा रहा है, हम भीड़ द्वारा इस युवक को लात घूसों से पीटते हुए देख सकते है | साथ ही हम पुलिस को लड़के को भीड़ से बचाते हुए देख सकते है |  

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है की 

“भोपाल में एक और लवजिहादी हत्थे चढा..हिन्दू बालिका को बहला फुसला कर ले जाते समय आया पकड़ में जिहादी की मानसिक_स्थिती_का_इलाज_करते शेर | जय श्री राम |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि… 

फैक्ट क्रेसेंडो ने शोध कर जाँच में पाया कि ये वीडियो मध्य प्रदेश के देवास से है जहां एक नाबालिग लड़का और लड़की घर से भागते हुये पकड़े गये थे | यह दोनों हिन्दू समुदाय से है व इस घटना के साथ साम्प्रदायिकता का कोई संबंध नहीं है |

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इनविड वी वेरीफाई टूल की मदद से छोटे-छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर व गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें इस वीडियो का एक स्क्रीनशॉट हमें द क्विंट द्वारा ४ सितंबर २०२१ को प्रकाशित लेख में मिला | इस खबर के अनुसार  ये घटना मध्य प्रदेश के देवास ज़िले की है जब एक लड़का और एक १२ साल की लड़की साथ में बस में सफर कर रहे थे | इसी बीच लोगों ने लव जिहाद के शक के चलते उस युवक की पिटाई कर दी | लड़का और लड़की, उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में अपने घर से भागे हुये थे | उनकी लोकेशन पता चलने के बाद यूपी पुलिस ने देवास पुलिस को इस बारे में सूचना दी | इस खबर के अनुसार दोनों बच्चे नाबालिग है और दोनों एक ही समुदाय से है | खबर के अनुसार पुलिस ने १८ लोगों के खिलाफ हिंसा का केस दर्ज कर लिया है | रिपोर्ट में डीएसपी ने कहा है कि, पुलिस ने लड़के को बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर ज्यादा थे | फिर भी, अधिकारी किसी तरह दोनों को बचाने में कामयाब रहे और हमने लड़की को महिला थाने और लड़के को औद्योगिक क्षेत्र के पुलिस स्टेशन भेज दिया | चार घंटे बाद यूपी पुलिस पहुंची और हमने दोनों को उन्हें सौंप दिया गया |”

जाँच में आगे बढ़ते हुए फैक्ट क्रेसेंडो ने देवास एस.पी शिव दयाल सिंह से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि “सोशल मीडिया पर इस वीडियो को साझा करते हुए किये गए दावे गलत है | ये बात सच है कि वहां मौजूद लोगों ने उस युवक को लव जिहाद के शक से पीटा था परन्तु हमारी जाँच में ऐसा कुछ सामने नहीं आया है | दोनों बच्चे हिन्दू समुदाय से है और नाबालिग है | इस घटना के साथ साम्प्रदायिकता का कोई संबंध नहीं है |”

तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े से संबंधित अन्य फैक्ट चेक को आप नीचे पढ़ सकते है |

निष्कर्ष:

तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट के माध्यम से किये गए दावों को गलत पाया है | इस घटना के साथ साम्प्रदायिकता के साथ कोई सम्बन्ध नहीं है | यह घटना लव जिहाद से संबंधित नहीं है | इस घटना से संबंधित लड़का और लड़की हिन्दू समुदाय से है और नाबालिग है |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. असम के एक पानी पूरी विक्रेता द्वारा पानी में मूत्र मिलाने के प्रकरण को फर्जी सांप्रदायिक रंग दे सोशल मंचों पर फैलाया जा रहा है।

२. पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने नाम से फिरसे बना फर्जी अकाउंट जिससे सांप्रदायिक ट्वीट किये गये|

३. बिहार के कटिहार में मुर्हरम जुलूस के दौरान घटी मारपीट की घटना को हिन्दू-मुस्लिम कोण दे सांप्रदायिकता से जोड़ साझा किया जा रहा है|

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Title:मध्यप्रदेश के देवास में एक ही समुदाय के दो नाबलिकों के घर से भागने के पश्चात भीड़ द्वारा उन्हें पकड़ने के वीडियो को “लव जिहाद” के नाम से वायरल किया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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