पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने नाम से फिरसे बना फर्जी अकाउंट जिससे सांप्रदायिक ट्वीट किये गये |

False Political
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भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश व वर्तमान में भा.ज.पा के राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई को लेकर सोशल मंचो पर कई गलत व भ्रामक खबरे वायरल होती चली आ रहीं है। फैक्ट क्रेसेंडो ने पहले भी ऐसी खबरों का अनुसंधान कर आप तक सच्चाई पहुँचायी है। ऐसी ही एक खबर इन दिनों सोशल मंचों पर काफी चर्चा में है। वायरल खबर के मुताबिक पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने सामप्रदायिक विषय पर टिप्पणी करते हुए लिखा है कि लाल बहादुर शास्त्री को विष देने वाले व्यक्ति मुसलमान था जो पाकिस्तान चला गया था जिन्हें इंदिरा गाँधी के आजीवन पेंशन दिया था | सोशल मीडिया पर किये गये पोस्ट के अनुसार यह टिप्पणी रंजन गोगोई ने आपने ट्विटर अकाउंट द्वारा किया है |

पोस्ट में लिखा गया है कि “लाल बहादुर शास्त्री को विष देना वाला मुस्लिम रसोइया पाकिस्तान भाग गया था, जिसे इंदिरा गाँधी आजीवन पेंशन देती रही थी “यह हर हिन्दू को पता होना चाहिए |” इस पोस्ट को फेसबुक पर १००० से भी ज्यादा बार साझा किया गया है |

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फेसबुक पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि..

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि उपरोक्त खबर गलत व भ्रामक है। रंजन गोगोई द्वारा फैक्ट क्रेसेंडो को ये बताया गया कि उनके विषय में फ़ैल रहा सम्बंधित दावा गलत है और उनका सोशल मंचों पर कोई भी आधिकारिक अकाउंट नहीं है।

इस दावे की जाँच की शुरुवात हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च करने के माध्यम से की, हमने इस विषय पर समाचार लेखों की खोज की परंतु हमें ऐसा कोई भी विश्वसनीय समाचार लेख नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो कि रंजन गोगोई ने उनके किसी भी सोशल मंच से लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गाँधी को लेकर कोई भी टिप्पणी की हो जिसमे यह उल्लेखित किया गया है कि इंदिरा गाँधी लाल बहादुर शास्त्री को मारने वाले मुस्लिम व्यक्ति को पेंशन देती थी |

तदनंतर हमने वायरल हो रही तस्वीर में दिए गये सोशल मंच के अकाउंट को खोजने की कोशिश की तो हमें सोशल मंच पर उस नाम का कोई अकाउंट नहीं मिला। 

इसके पश्चात फैक्ट क्रेसेंडो ने रंजन गोगोई से संपर्क किया, इस सन्दर्भ में उनके द्वारा स्पष्ट किया कि उनका किसी भी सोशल मंच पर अकाउंट नहीं है।

मेरा किसी भी सोशल मंच पर कोई अकाउंट नहीं है। वायरल हो रही खबर सरासर फर्जी है। इस ट्वीट और इस फ़र्ज़ी अकाउंट के खिलाफ मैंने शिकायत दर्ज की है | साथ ही सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल से निवेदन किया है कि इस फ़र्ज़ी ट्विटर अकाउंट कर कारवाही की जाये | मेरे बारे में ऐसी कई फेक न्यूज़ इंटरनेट पर वायरल होती रहती है। इससे पहले भी ऐसी कई फर्जी ट्वीट और फर्जी अकाउंट मेरे नाम से जोड़ते हुए फैलायेये है | मैंने हर बार ऐसे अकाउंट के शिकायत दर्ज करवा है और उन अकाउंट को ससपेंड भी करवाया है परंतु इसके बाद भी लोग फिर से कोई नया अकाउंट मेरे नाम से बनाकर भ्रामक दावे फैलाते रहते है |”

आपको बता दें कि जाँच के दौरान हमें इंटरनेट पर पूर्व मूख्य न्यायाधीश के नाम से कई ऐसे फर्ज़ी अकाउंट मिले जो उनको प्रतिरूपित करतें है।

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त तस्वीर के माध्यम से किये गये दावे को गलत पाया है | पूर्व न्यायाधीश व वर्तमान में भा.ज.पा के राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई ने लाल बहादुर शास्त्री और इंदिरा गाँधी को लेकर ऐसी कोई भी टिप्पणी नही की है | रंजन गोगोई का सोशल मंचों पर कोई अकाउंट नहीं है।

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. वर्ष 2015 में सीरिया में एक महिला को अल-कायदा द्वारा गोली मारने के वीडियो को वर्तमान अफगानिस्तान से बता वायरल किया जा रहा है।

२. ब्राज़िल के पेरोला शहर के एक वीडियो को श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) का बता गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

३. ब्रिटेन में हुये २०१४ के एक नुक्कड़ नाटक वीडियो को अफगानिस्तान में मुस्लिम महिलाओं की सरेआम नीलामी का बता फैलाया जा रहा है|

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Title:पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने नाम से फिरसे बना फर्जी अकाउंट जिससे सांप्रदायिक ट्वीट किये गये |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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