२०१४ में ISIS द्वारा इराक में एक मस्जिद को बम से उड़ाने की तस्वीर को वर्तमान में तालिबान द्वारा पाकिस्तान में एक मस्जिद को हमला कर उसे ध्वस्त करने के नाम से फैलाया जा रहा है |

False International
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अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के कब्ज़े के बाद ऐसी कई खबरें सामने आयी हैं जो यह दावा करती है कि तालिबान की इस जीत में पाकिस्तान का भी समर्थन है,  वर्तमान में तालिबान और पाकिस्तान को लेकर  एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होती दिख रही है जिसे साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि तालिबान ने पाकिस्तान की एक मस्जिद को बम से ध्वस्त कर दिया है | इस तस्वीर में हम एक मस्जिदनुमा ऊंची ईमारत में ब्लास्ट होते हुए और उसे गिरते हुये देख सकतें है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“पाकिस्तान में तालिबानियों की मदद से पहली मस्जिद अंतरिक्ष में लांच की गई | भारत मे बैठे तालिबान प्रेमियो बधाइयां रुकनी नही चाहिए |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक

इस तस्वीर को फेसबुक पर काफी तेजी से फैलाया जा रहा है |

अनुसंधान से पता चलता है कि..

फैक्ट क्रेसेंडो ने शोध कर जाँच में पाया कि यह तस्वीर २०१४ से है जब इराक की मोसुल शहर में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों द्वारा एक मस्जिद को बम से उड़ा दिया गया था | यह तस्वीर पाकिस्तान से नहीं है |


जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से शुरू की, जिसके परिणाम से हमें यह तस्वीर हमें हफिंगटन पोस्ट यूके द्वारा प्रकाशित एक लेख में उपलब्ध मिली | इस तस्वीर को इराक के मोसुल में स्थित शिया की अल-कुब्बा हुसैनिया मस्जिद का बताते हुए लिखा गया है कि यह खबर असोसिएटेड प्रेस द्वारा रिपोर्ट की गई है | इस लेख के शीर्षक में लिखा है कि ISIS के आतंकवादियों के शिया तीर्थ की जगहों को ध्वस्त कर दिया |

आर्काइव लिंक

इसी सम्बन्ध में डेली मेल यूके द्वारा प्रकाशित लेख के अनुसार इस तस्वीर को इराकी शहर मोसुल से बताया है | इस तस्वीर को ७ जुलाई २०१४ को साझा करते हुए लिखा गया है कि ISIS द्वारा इराकी शहर मोसुल में एक दर्जन प्राचीन तीर्थों और शिया मस्जिदों को नष्ट कर दिया गया है | ये मस्जिदें जिन इलाकों में स्थित थीं वे इस्लामिक स्टेट के कब्जे में थीं और इन्हेइन  आतंकियों द्वारा बम से ध्वस्त कर दिया गया है | इस खबर के शीर्षक में लिखा गया है कि “प्राचीन तीर्थस्थल ISIS के हताहतों की संख्या बन गए: इस्लामिक चरमपंथियों ने मस्जिदों और मंदिर को ध्वस्त कर दिया क्योंकि वे इराक के माध्यम से अपना नरसंहार फैलाना चाहते हैं |” इस लेख में प्रकाशित तस्वीरें में इराक में ISIS द्वारा नष्ट किए गए कम से कम १० प्राचीन मंदिरों और शिया मस्जिदों को ध्वस्त करने की तस्वीरें संग्लित हैं | इस तस्वीर को द टाइम्स यूके द्वारा जुलाई २०१४ को इराक का बताते हुए प्रकाशित किया है |

आर्काइव लिंक

तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े से संबंधित अन्य फैक्ट चेक को आप नीचे पढ़ सकते है |


निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त तस्वीर के माध्यम से किये गये दावे को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीर २०१४ से है और इसका वर्तमान में तालिबान द्वारा फैलाये जा रहे आतंक से कोई संबंध नहीं है | यह तस्वीर इराक के मोसुल शहर में इस्लामिक स्टेट के आतंकियों द्वारा मस्जिद तबाह करते हुए दर्शाती है |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. वर्ष 2015 में सीरिया में एक महिला को अल-कायदा द्वारा गोली मारने के वीडियो को वर्तमान अफगानिस्तान से बता वायरल किया जा रहा है।

२. ब्राज़िल के पेरोला शहर के एक वीडियो को श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) का बता गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

३. ब्रिटेन में हुये २०१४ के एक नुक्कड़ नाटक वीडियो को अफगानिस्तान में मुस्लिम महिलाओं की सरेआम नीलामी का बता फैलाया जा रहा है|

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Title:२०१४ में ISIS द्वारा इराक में एक मस्जिद को बम से उड़ाने की तस्वीर को वर्तमान में तालिबान द्वारा पाकिस्तान में एक मस्जिद को हमला कर उसे ध्वस्त करने के नाम से फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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