क्या यह वीडियो भारत में पुलिस द्वारा मुस्लिमों पर किये गए अत्याचार का है ? जानिये सच |

False International Social
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२६ जुलाई २०१९ को हमारे whatsapp नंबर 9049053770 पर हमारे एक पाठक श्रीमती नंदा देवी द्वारा एक वीडियो भेजा गया व हमसे इसकी सत्यता जाँचने का निवेदन किया |

इस वीडियो में यह दावा किया गया है कि यह वीडियो हिन्दुस्तान का है | जब हमने इस वीडियो का स्क्रीन शॉट लेकर सोशल मिडिया पर ढूंढा, तो यह वीडियो हमें फेसबुक व ट्विटर पर वाइरल होता हुआ मिला, यह वीडियो हमें कई जगह ‘भारत के असाम में हो रहे मुस्लिमों पर अत्याचार’ इस विवरण से मिला तो कहीं इसे कश्मीर का वीडियो कहा गया और कहीं यह वीडियो ‘हिन्दुस्तान में रहना होगा, तो जय श्री राम कहना होगा’ इस विवरण के साथ मिला।

क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

1 . Facebook Version :

Chakrawarti Vikramaditya : ७ जुलाई २०१९ : ArchivedLink

2. Twitter Version :

Ben Qafit : २८ जून २०१९ : ArchivedLink

3. YouTube Version :

Torture in Kashmir 1 : २४ सितम्बर २०१६ 

हमें प्राप्त सभी वीडियो के साथ ज़्यादातर यही दावा मिला कि पुलिस द्वारा मुस्लिमों पर ऐसी बर्बरता भारत में हो रही है |

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने उपरोक्त वीडीयो का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च पर ढूंढा, तो हमें Twipu नामक एक वेबसाइट मिली जिसमें हमें इस वीडियो का काफ़ी साफ़ संस्करण मिला जिसमें हमें तीन वाक्य लिखे मिले, जो कि साफ़ पढ़ने में आ रहें थे |

@turkistantuzbah : ArchivedLink

पहला वाक्य : “Police officers evicting ambulance driver, Abdul Ghaffar, from the Minhaj Ambulance and violently arresting him.”

दूसरा वाक्य : “Police assaulting unarmed and innocent elderly citizens.”

तीसरा वाक्य : “Zulfiqar Butt from Manga Mundi being arrested.”

इसके अलावा जो पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहें हैं, उनमे से कुछ ने पूरी काली वर्दी पहनी है और कुछ ने आधी काली और आधी खाकी वर्दी पहनी है |

हमने फिर गूगल पर ‘Minhaj Ambulance’ कीवर्ड्स को ढूंढा, तो हमें पता चला कि मिन्हज एम्बुलेंस की सेवाएं – पकिस्तान के लाहौर में २४ मई २०१२ से शुरू की गयी थी |

इसके पश्चात हमने गूगल पर ‘Manga Mundi City’ कीवर्ड्स को ढूंढा, तो हमें पता चला कि मंगा मंडी पकिस्तान के लाहौर से ४५ किलोमीटर दूर एक शहर है और यह एक औद्योगिक क्षेत्र है |

तदोपरान्त हमने गूगल पर ‘police uniform from around the world’ कीवर्ड्स ढ़ूढे, हमें ‘Garda-Post’ नामक एक वेबसाइट मिली और इसमें दी गयी पकिस्तान पुलिस की वर्दी हमारे उपरोक्त वीडियो में दिखने वाली पुलिस की वर्दी से हुबहू मिलती है |

इन सारे अनुसंधान से इस बात की पुष्टि होती है कि यह वीडियो में पकिस्तान की पुलिस है, भारत की नहीं | जब हमने अलग-अलग की वर्ड्स से उपरोक्त वीडियो के बारे में ढूंढने कि कोशिश की, तो हमें वीडियो से मिलती-जुलती कोई भी वारदात के बारे में पुख्ता ख़बर नहीं मिली, मगर हमें YouTube पर २४ दिसम्बर २०१४ को अपलोड किया गया एक वीडियो मिला | इस वीडियो में पकिस्तान पुलिस दंगाइयों को मार रही है और गिरफ़्तार कर रही है | जब हमने दोनों वीडियो से पुलिस की वर्दी की तुलना की, तो हमने दोनों वर्दियों को सामान पाया | दोनों वीडियो में पुलिस ने नीली टोपी पहनी थी और काली वर्दी के साथ खाकी रंग का पैंट पहना था |

इस अनुसंधानों से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि यह वीडियो भारत का नहीं, बल्कि पकिस्तान का वीडियो है | उपरोक्त वीडियो को गलत विवरण के साथ फैलाया जा रहा है।

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘यह वीडियो भारत में पुलिस द्वारा मुस्लिमों पर किये गए अत्याचार की है |’ ग़लत है |

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Title:क्या यह वीडियो भारत में पुलिस द्वारा मुस्लिमों पर किये गए अत्याचार का है ? जानिये सच |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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