अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के कारण हो रहे प्रदर्शन के चलते प्रदर्शनकारियों द्वारा वाइट हाउस पर हमला नही किया गया है|

False Political
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अमेरिका के मिनियापोलिस में पुलिस हिरासत में एक अफ्रीकी-अमेरिकी व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद पूरे अमेरिका में व्यापक रूप से विरोध प्रदर्शन किये जा रहें है | इन विरोध प्रदर्शनों को सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया जा रहा है, इसके साथ ही इन प्रदर्शनों को लेकर गलत ख़बरें भी इंटरनेट पर अपना रास्ता बना रही है | एक ऐसा ही वीडियो सोशल मीडिया मंचों पर इस दावे के साथ फैलाया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका में वाइट हाउस पर हमला किया है, ईस्ट गेट पर गोली चलाई जा रही है साथ ही सूत्रों से पता चला है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प अपने परिवार के साथ कैंसस भाग गए है | यह वीडियो हमारे व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर ९०४९०५३७७० पर फैक्ट चेक के लिये भेजा गया, मैसेज में लिखा है कि “प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के अंदर आग लगा दी जिसके बाद राष्ट्रपति ट्रम्प अपने परिवार के साथ कैंसस भाग गए हैं |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने वायरल वीडियो को बारीकी से देखने से की जिसके परिणाम से हमें पता चला कि यह वीडियो वाइट हाउस का नही है | जबकि यह बताया गया कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प शुक्रवार २९ मई की रात को व्हाइट हाउस के बाहर प्रदर्शनकारियों के इकट्ठा होने के बाद एक भूमिगत बंकर के अंदर ले जाये गये थे, हम वीडियो में दिखायी गयी बिल्डिंग और वाइट हाउस की बिल्डिंग के तुलनात्मक विश्लेषण करते हुए इस निष्कर्ष तक पहुंचे कि यह वीडियो वाइट हाउस से सम्बंधित नही है |

इस वीडियो के स्क्रीनशॉट को यांडेक्स रिवर्स इमेज सर्च किया जिसके परिणाम से हमें पता चला कि यह बिल्डिंग अमेरिका के ऑहियो राज्य के कोलंबस में स्थित ऑहियो स्टेटहाउस है |

इसके पश्चात हमने गूगल पर “ऑहियो स्टेटहाउस में हुए प्रदर्शन” कीवर्ड्स को ढूँढा, जिसके परिणाम से हमें उपरोक्त दावे से सम्बंधित प्रदर्शन की ख़बरें प्राप्त हुई | न्यूज़वीक की एक रिपोर्ट के अनुसार, “जॉर्ज फ्लॉयड की मौत का विरोध कर रहे लोगों की भीड़ द्वारा ओहियो स्टेटहाउस में गुरुवार, २८ मई को कई खिड़कियों को तोड़ दिया गया और अमेरिकी झंडे जलाए गए |” हमें एक न्यूज़ बुलेटिन मिला, जिसने इस घटना के वीडियो को एक ओहियो आधारित न्यूज़ टीवी चैनल एनबीसी ४ कोलंबस पर चलाया | इससे यह स्पष्ट होता है कि ओहियो स्टेटहाउस के बाहर प्रदर्शन करने वाले प्रदर्शनकारियों के एक वीडियो का उपयोग यह बताने के लिए किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी व्हाइट हाउस के अंदर घुसकर तोड़फोड़ कर रहे है जिसके बाद राष्ट्रपति को एक भूमिगत बंकर या केंसास में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा |

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | वीडियो कोलंबस में ओहियो स्टेटहाउस के बाहर का है नाकि वाइट हाउस का |

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Title:अमेरिका में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के कारण हो रहे प्रदर्शन के चलते प्रदर्शनकारियों द्वारा वाइट हाउस पर हमला नही किया गया है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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