क्या तबरेज़ अंसारी के लिए इन्साफ की मांग करने वाली और अपने आप को हिंदू बताने वाली यह लड़की असल में मुसलमान हैं ? जानिये सच |

False National Social
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२ जुलाई २०१९ को फेसबुक पर ‘Sushil Arya’ नामक एक यूजर ने ‘I Support Yogi’ नामक एक पेज पर एक पोस्ट साझा किया है | पोस्ट मे एक महिला की चार तस्वीरें है | इन चार में से दो तस्वीरों में इस महिला ने हाथ में एक बैनर पकड़ा है जो किसी विरोध का है और बाकी दो तस्वीरों में यह महिला ईद की मुबारकबाद दे रहीं है | पोस्ट के विवरण में लिखा है – “अल तकिया से सावधान..ये तो सबीहा खान निकली, और खुद को हिन्दू लिखकर तब प्रोपेगेंडा रचा था, इस लडकी ने |” 

इस पोस्ट द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि तबरेज़ को इन्साफ दिलाने के लिए दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के समय यह महिला हिंदू होने का दावा कर रही है मगर यह महिला असल में सबीहा खान नामक मुसलमान है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

संशोधन से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले पोस्ट मे दी गयी तस्वीर को गूगल रिवर्स इमेज सर्च में ढूंढा | हमें मिले परिणाम को आप नीचे देख सकतें है |

इस संशोधन मे हमें ‘BeyondHeadlines’ द्वारा २ जुलाई २०१९ को प्रसारित एक ख़बर मिली | इस ख़बर के मुताबिक यह महिला २६ जून २०१९ को दिल्ली के ‘जंतर-मंतर’ पर झारखण्ड में मोब लिंचिंग के शिकार हुए तबरेज़ अंसारी को न्याय की मांग करनेवालों में शामिल थी | इस महिला ने हाथ में एक बैनर है, जिसपर लिखा है कि ‘I am a Hindu & I love Muslims. Muslims are my brothers, sisters and spouses. You killed our Tabrez. We all are Tabrez. Your hate is too small in front of us all. #NoToHindutvaTerrorism. Hindu love Muslim.’

सरल हिंदी में इसका अनुवाद है – ‘मैं एक हिंदू हूं और मैं मुसलमानों से प्यार करती हूं | मुसलमान मेरे भाई, बहन और जीवनसाथी हैं | आपने हमारे तबरेज को मार दिया | हम सब तबरेज हैं | आपकी नफरत हम सभी के सामने बहुत छोटी है | #NoToHindutvaTerrorism  हिंदू मुस्लिम से प्यार करता है |’

इसके साथ यह लिखा है कि उपरोक्त दावे के अनुसार इस महिला पर इल्जाम लगाया जा रहा है कि यह एक मुसलमान महिला हैं जो हिंदू होने का दावा कर रहीं है | जब ‘BeyondHeadlines’ ने इस महिला से इस फैल रही अफ़वाह के बारे में संपर्क साधा तो पता चला कि इस महिला का नाम सबीहा खान नहीं बल्कि स्वाती है और यह दिल्ली की रहिवासी हैं |

इसके अलावा, उन्होंने ‘BeyondHeadlines’ को जो बयान दिया, वह बयान भी इस प्रसारित ख़बर में दिया गया है |

इस बयान का सरल हिंदी अनुवाद आप नीचे पढ़ सकतें है |

हां मैं तबरेज के लिए खड़ी थी और उसके जैसे कई लोगों के लिए चाहे वह मुस्लिम हो, हिंदू, सिख, ईसाई या कोई और हो | मैं और मेरे जैसे कई लोग मानवता के लिए खड़े हैं, जिनके लिए यह देश जाना जाता है | मैंने नफरत के खिलाफ बात की और मुझे लगता है कि केवल प्यार ही इसे जीत सकता है |

उस रात जब हमने तबरेज के साथ हुई नाइंसाफी के लिए विरोध किया, तो मैं किसी भी निराश नागरिक की तरह अपने हिंदू और मुस्लिम दोनों दोस्तों को समझाकर थक गयी कि ये अपराध हमें विभाजित करने के लिए हैं और जिस दिन हम किसी भी कीमत पर विभाजित होना बंद कर देंगे, अपराध रूक जाएगा | मैं अपने देश में धर्म या जाति के नाम पर होने वाले सभी अत्याचारों के खिलाफ खड़ी हुई हूं – जैसे कि पहलु खान, अखलाक, अंकित सक्सेना, नजीब, डॉ. पायल तडवी, आदि | मैं कई विरोधों का हिस्सा रही हूं।

मुझे लगता है कि मैं अपने भारतीय हिंदू समुदाय की रक्षा के लिए एक भारतीय और एक हिंदू परिवार के हिस्से के रूप में यह जिम्मेदारी लेती हूं कि हम किसी भी जीवन को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते | मैं अपने मुस्लिम समुदाय को यह संदेश देना चाहती हूं कि वे हमसे अलग नहीं हैं |

कई लोगों ने इस मामले में ऑनलाइन क्या-क्या नहीं किया, लेकिन मैं चाहती हूं कि वे समझें कि मेरे जैसे लोग संकुचित विचारधारा के नहीं हैं, राजनेता संकुचित हो सकते हैं क्योंकि वे वोट चाहते हैं, हमारे जैसे लोग नहीं | मुझे बुरा भी लगता है क्योंकि मेरे अपने कॉलेज के कुछ साथियों ने भारत के नागरिकों के रूप में हमारे संवैधानिक कर्तव्य के प्रचार के लिए मुझे ऑनलाइन परेशान किया |

भारतीय संविधान का A-51A कहता है कि धार्मिक, भाषाई और क्षेत्रीय या अनुभागीय विविधताओं के बीच सामंजस्य और समान भाईचारे की भावना को बढ़ावा देना, संविधान का पालन करना और उसके आदर्शों का सम्मान करना हमारा मौलिक कर्तव्य है |

मैंने भारत के नागरिकता का पालन करने वाले कानून के रूप में अपना मौलिक कर्तव्य निभाया और मुझे आशा है कि हमारे सांसद और उनके समर्थक यह समझते हैं कि संविधान का सम्मान करना और उसका पालन करना सबसे बड़ा राष्ट्रीय कर्तव्य है जो एक नागरिक के रूप में हम कर सकतें हैं | मुझे उम्मीद है कि हम सभी मजबूत रहेंगे और साथ में, चाहे कुछ भी हो | यह देश प्रेम पर खड़ा है और यह हमेशा के लिए कायम रहेगा |

भारत का रंग VIBGYOR है, जिसपर कोई भी दूसरा रंग हावी नहीं हो सकता है | हम रंगीन समस्याओं और रंगीन समाधानों के साथ एक देश हैं | इसलिए, मैं भारत की वर्णान्ध नागरिक होना मुझे मंजूर नहीं |

धन्यवाद।

आपकी भारतीय साथी नागरिक |

इस बयान में स्वाती ने साफ़ स्वीकार किया है कि वह एक हिंदू परिवार से हैं |

इसके अलावा इस ख़बर में दिए गए साक्षात्कार में भी उन्होंने ०२:५७ से ०३:०५ के बीच में कहा की “…खासकर मेजोरिटी कम्युनिटी, जिससे मैं भी बिलोंग करती हूं….” यहां वह हिंदू समुदाय के बारे में बात कर रहीं है | साक्षात्कार के इस हिस्से को हमने नीचे दिया है |

पूरी ख़बर पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

BeyondheadlinesPost | ArchivedLink

इसके बाद हमने उपरोक्त पोस्ट में दर्शाए सबीहा खान के बारे में पता किया | उपरोक्त पोस्ट में दिए गए चार तस्वीरों में से एक तस्वीर फेसबुक के ‘सबीहा खान’ नामक एक अकाउंट से यह तस्वीर साझा हो रही है ऐसा दर्शाया गया है | 

हमने इस बात की पुष्टि के लिए फेसबुक पर जब ‘Sabiha Khan’ की वर्ड्स से ढूंढा, तो संशोधन में हमें दो फेसबुक के पेज मिले, जिसमे से एक प्रोफाइल फोटो उपरोक्त दावे मे दर्शाए फेसबुक अकाउंट के प्रोफाइल फोटो से हुबहू मिलती-जुलती है |

जब हम इस पेज पर गए तो २७ जून २०१९ को हमने इस तस्वीर को साझा किया पाया |

FacebookPost | ArchivedLink

मगर जब हम इस पेज पर किये गए सारे पोस्ट को देखने लगें, तो हमने पाया कि इस पेज पर ज़्यादातर पोस्ट विविध क्षेत्र में महिला उपलब्धियों को दर्शाता है | इसके अलावा इस पेज पर एक तस्वीर है जिसमें प्रोफाइल फोटो से मिलती-जुलती महिला की तस्वीर है और यह तस्वीर AIMIM के किसी चुनावी जीत की लग रही है |

फिर हमने गूगल पर ‘sabiha khan AIMIM’ की वर्ड्स से ढूंढा और हमें youtube मे समय राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल द्वारा ८ फरवरी २०१७ को और ‘तेहेलका२४’ द्वारा ११ फ़रवरी को अपलोड दो विडियो मिले | इस विडियो से हमें पता चला कि हमें प्राप्त फेसबुक पेज पर प्रोफाइल फोटो में दिखने वाली महिला का नाम सबीहा आरिफ़ खान कि है, जो २०१७ में BMC चुनाव के वक्त मुंबई के ६३ नम्बर वार्ड से AIMIM की उम्मीदवार थी | इस विडियो को आप नीचे देख सकतें हैं |

फिर हमने सबीहा खान और स्वाती की आवाज़ की तुलना इन दोनों प्राप्त विडियो से की, जिसे आप नीचे सुन सकतें हैं | इस तुलना से साफ़ समझ में आता है कि, दोनों की आवाज़ अलग है |

इसके अलावा हमने विडियो से स्क्रीनशॉट लेकर दोनों की तस्वीरों की तुलना की और हमने पाया कि भले ही दोनों महिलाओं की सूरत काफ़ी मिलती-जुलती ज़रूर है मगर, सबीहा खान के नाक के पास एक मस्सा है जो स्वाती की शक्ल पर नहीं है | इस तुलना को आप नीचे देख सकतें हैं |

इस सारे संशोधन से हमें साफ़ पता चलता है की उपरोक्त पोस्ट में दिखाई गयी लड़की दिल्ली शहर की एक छात्रा है, जबकि सबीहा खान मुंबई में रहने वाली AIMIM की एक उम्मीदवार थी | यह दोनों दो अलग व्यक्ति हैं और इनका आपस में कोई भी मेल नहीं है | स्वाती का पूरा परिचय उसकी सुरक्षा के लिए गोपनीय रखा गया है |

जांच का परिणाम : इस संशोधन से हम इस निष्कर्ष पर आते हैं कि उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘तबरेज़ को इन्साफ दिलाने के लिए दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शन के समय यह महिला हिंदू होने का दावा कर रही है मगर वह असल में सबीहा खान नामक मुसलमान है |’ ग़लत है | उपरोक्त पोस्ट में साझा तस्वीर दिल्ली की एक छात्रा स्वाती की है और उसकी शक्ल मुंबई से AIMIM की उम्मीदवार रह चुकी सबीहा खान से काफ़ी मिलती-जुलती है | इस तस्वीर को गलत दावे के साथ भ्रम पैदा करने के लिए साझा किया जा रहा है |

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Title:क्या तबरेज़ अंसारी के लिए इन्साफ की मांग करने वाली और अपने आप को हिंदू बताने वाली यह लड़की असल में मुसलमान हैं ? जानिये सच |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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