क्या मोदी सरकार ने नागालैंड को अलग पासपोर्ट और अलग झंडे का अधिकार दिया है ?

False National Social
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२५ जून २०१९ को फेसबुक पर ‘सच सबसे आगे’ नामक एक यूजर द्वारा एक पोस्ट साझा किया गया है | पोस्ट में ‘The Live TV’ का एक विडियो साझा किया गया है | विडियो में दावा किया गया है कि, केंद्र की मोदी सरकार ने नागालैंड राज्य के लिए अलग पासपोर्ट और अलग झंडा मंजूर कर दिया है | अब हमें अपने ही देश में नागालैंड जाना है, तो पासपोर्ट जरुरी होगा |    

पोस्ट के विवरण में लिखा है कि,

बुरी फंसी मोदी सरकार, मोदी सरकार ने नागालैंड को दिया अलग पासपोर्ट, अलग झंडे का अधिकार 

इस पोस्ट व्दारा किया गया दावा स्पष्ट है | तो आइये जानते है इस दावे की सच्चाई |

मूल पोस्ट यहाँ देखें – ‘सच सबसे आगे’  | ARCHIVE POST

संशोधन से पता चलता है कि…

सबसे पहले हमने पोस्ट में साझा दावे को की वर्ड्स बनाकर गूगल किया तो हमें जो परिणाम मिले, वह आप नीचे देख सकते है | 

इस सर्च परिणाम से हमें ‘Imphal Times’ समाचार वेबसाइट द्वारा २५ जून २०१९ को प्रसारित एक खबर मिली | इस खबर में कहा गया है कि, उत्तर-पूर्व के कई समाचार प्रकाशनों ने यह खबर दी है कि, भारत सरकार तथा नेशनल सोशलिस्ट कौंसिल ऑफ़ नागालैंड (NSCN-IM) के बीच शुरू शांति वार्ता ख़त्म होने की कगार पर है, क्योंकि भारत सरकार ने NSCN-IM द्वारा रखी गई सभी ८ मांगे मंजूर कर ली है, जिसमे नागालैंड के लिए अलग पासपोर्ट व अलग झंडे की मांगे शामिल है |

पूरी खबर यहाँ पढ़ें – ‘Imphal Times’ | ARCHIVE NEWS

इसके अलावा हमें ‘e-pao’ नामक समाचार वेबसाइट पर भी इसी तरह की दूसरी खबर मिली | इस खबर में भी कहा गया है कि, उत्तर-पूर्वी राज्यों के अख़बारों में इस तरह की ख़बरें प्रकाशित हो रही है कि, भारत सरकार ने NSCN-IM द्वारा रखी गई सभी ८ मांगे मंजूर कर ली है, जिसमे नागालैंड के लिए अलग पासपोर्ट व अलग झंडे की मांगे शामिल है | 

पूरी खबर यहाँ पढ़ें – ‘e-pao’ | ARCHIVE NEWS

यह दोनों खबरों का एक एक शब्द समान है | दोनों ने खबर का कोई पुख्ता या आधिकारिक स्रोत नहीं लिखा है | इसके अलावा मुख्य धारा के किसी अख़बार या समाचार एजेंसी द्वारा प्रकाशित इस तरह की कोई खबर हमें नहीं मिली |

तब हमने इस खबर के पीछे की कहानी ढूंढ निकाली | अलग अलग की वर्ड्स के साथ गूगल सर्च करने से हमें पता चला कि, NSCN-IM और भारत सरकार के बीच एक ‘framework agreement’ पर ३ अगस्त २०१५ को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निवासस्थान पर हस्ताक्षर किये गए थे | पीएमओ इंडिया के यू-ट्यूब चैनल पर इसका विडियो ३ अगस्त २०१५ को अपलोड किया गया था | आप यह विडियो नीचे देख सकते है |

इस ‘framework agreement’ को सरकार ने गुप्त रखा है | इसके बाद २०१६ में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि, सरकार ने नागालैंड के लिए अलग पासपोर्ट व अलग झंडे की मांग को मंजूर किया है | १३ जुलाई २०१६ को ‘इंडियन एक्सप्रेस’ द्वारा इस सन्दर्भ में एक खबर प्रसारित की गई थी |

पूरी खबर यहाँ पढ़ें – ‘इंडियन एक्सप्रेस’ | ARCHIVE EXPRESS

३० जनवरी २०१६ को ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ द्वारा एक खबर प्रसारित की गई थी | खबर में सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि, जब ‘framework agreement’ को अंतिम रूप दिया जायेगा तब नागालैंड को अलग पासपोर्ट व अलग झंडा मंजूर किये जाने की सम्भावना है | 

पूरी खबर यहाँ पढ़ें – ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ | ARCHIVE NEWS

२२ जून २०१६ को तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजीजू ने एक ट्वीट द्वारा इस बात से इंकार किया था कि, भारत सरकार ने नागालैंड के लिए अलग पासपोर्ट व अलग झंडे को मंजूरी दे दी है |

ARCHIVE TWEET

१५ मार्च २०१७ को राज्यसभा में डी. पी. त्रिपाठी द्वारा ‘framework agreement’ के सन्दर्भ में प्रश्न पूछा गया था | इस प्रश्न के उत्तर में तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजीजू ने कहा था कि, अभी इस करार के डिटेल्स जारी नहीं किये जा सकते | PIB द्वारा एक प्रेस रिलीज़ में इसकी जानकारी दी गई थी |

ARCHIVE RELEASE

१९ जुलाई २०१८ को ‘द हिन्दू’ द्वारा एक खबर प्रसारित की गई | इस खबर में कहा गया है कि, सरकार ने ‘framework agreement’ के बारे में संसदीय समिति को जानकारी दी है | इस जानकारी में कहा गया है कि, नागा समूह की अलग संस्कृति व पहचान बनाये रखने के लिए नागालैंड को विशेष दर्जा देने पर सहमती हुई है | लेकिन अलग पासपोर्ट या अलग झंडे जैसे किसी प्रावधान का जिक्र इस खबर में नहीं है |

पूरी खबर यहाँ पढ़ें – ‘द हिन्दू’ | ARCHIVE HINDU

हमने लोकसभा की वेबसाइट पर चेक किया कि, क्या नागालैंड के सन्दर्भ में कोई सुधार विधेयक पेश किया जाने वाला है, लेकिन हमें ऐसे किसी विधेयक के बारे में जानकारी नहीं मिली | 

अतः इस संशोधन से यह बात स्पष्ट होती है कि, भारत सरकार द्वारा नागालैंड को अलग पासपोर्ट या अलग झंडा मंजूर किये जाने सम्बन्धी कोई जानकारी पब्लिक डोमेन में उपलब्ध नहीं है | यह खबर सोशल मीडिया पर २०१६ से चल रही है, और लोकसभा के चुनाव ख़त्म होने पर उसे और हवा दी जा रही है | २०१६ में इस खबर का संज्ञान लेकर सरकार की तरफ से तत्कालीन गृह राज्यमंत्री किरेन रिजीजू ने इस बात से इंकार किया था | मुख्यधारा की मीडिया ने यह ख़बरें तो दी है कि, नागालैंड को अलग पासपोर्ट व अलग झंडा मंजूर किया जा सकता है, लेकिन अभी तक इस मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं हुआ है, क्योंकि ‘framework agreement’ को अंतिम रूप दिया जाना अभी बाकि है | इसलिए, उपरोक्त विडियो में किया गया दावा गलत है | 

जांच का परिणाम :  इस संशोधन से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त पोस्ट के विडियो में किया गया दावा कि, “मोदी सरकार ने नागालैंड को दिया अलग पासपोर्ट, अलग झंडे का अधिकार |” सरासर गलत है | सरकार द्वारा अभी तक ऐसी कोई घोषणा नहीं की गई है | 

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Title:क्या मोदी सरकार ने नागालैंड को अलग पासपोर्ट और अलग झंडे का अधिकार दिया है ?

Fact Check By: R Pillai 

Result: False


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