क्या वास्तव में इस वृद्ध ब्राह्मण के कपड़े उतरवाए, जनेऊ काटा फिर नाचने पर मजबूर किया गया है?

False National Social
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२७ जुलाई २०१९ को प्रशांत बलूनी नामक एक फेसबुक यूजर ने एक विडियो पोस्ट किया | विडियो के शीर्षक में लिखा गया है किएक वृद्ध ब्राह्मण की पहले यग्योपवित (जनेऊ) काटी फिर कपड़े उतार कर भीड़ ने डांस करने के लिए मजबूर किया | यह स्थिति है दक्षिण के कांग्रेस शासित राज्यों की, राहुल जी क्या यह अल्पसंख्यक ब्राह्मणों के साथ मोब लिंचिंग नही है? कहाँ हैं सारे लिब्राण्डु |” 

इस वीडियो में एक वृद्ध को बिना शर्ट के भीड़ के बीच कभी हाथ जोड़ते तो कभी नाचते हुए देखा जा सकता है | इस वीडियो के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि भीड़ ने पहले इस वृद्ध ब्राह्मण के कपड़े उतरवाए, जनेऊ काटा फिर नाचने पर मजबूर किया | इस विडियो को सोशल मीडिया पर काफ़ी तेजी से साझा किया जा रहा है | फैक्ट चेक किये जाने तक यह विडियो ११० प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुकी थी |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव विडियो 

इन दिनों सोशल मीडिया पर सांप्रदायिकता को बढ़ावा देने वाली, भड़काऊ तथा मॉब लिंचिंग से जुड़ी पोस्ट ज्यादा देखने को मिल रही हैं | क्या वास्तव में इस वृद्ध ब्राह्मण के कपड़े उतरवाए, जनेऊ काटा फिर नाचने पर मजबूर किया गया है? हमने इस विडियो की सच्चाई जानने की कोशिश की |

संशोधन से पता चलता है कि…

जांच की शुरुआत में हमने इस विडियो को इनविड टूल का इस्तेमाल करते हुए छोटे की फ्रेम्स में तोडा | इन फ्रेम्स को हमने गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया | परिणाम से हमने पाया कि २७ जून २०१९ को तमिल वेबसाइट “फैक्ट क्रेस्सन्डो तमिल” ने इस वीडियो का फैक्ट-चेक किया था | 

इसके पश्चात हेमन यूट्यूब चैनल ‘Karuppar Koottam’ से इस वीडियो का करीब १ मिनट ३७ सेकंड लंबा वर्जन मिला जो २४ जून २०१९ को अपलोड किया गया था | इस विडियो के शीर्षक में तमिल भाषा में लिखा गया है कि “பூணூல் தோழர் | பறையிசையுடன் பெரியார் சிலையை வணங்கிய முதியவர்” | हिंदी अनुवाद- पेरियार की प्रतिमा को सम्मान देने वाले पवित्र जनेऊ धागे के साथ एक बूढ़ा व्यक्ति | इस पूरे वीडियो में देखा जा सकता है कि इस बुजुर्ग को एक बार भी परेशान नहीं किया गया | यह आदमी खुद ही उनके साथ डांस कर रहा था | पूरी वीडियो में उनका जनेऊ उनके गले में ही दिखाई दे रहा है |

पेरियार शब्द को गूगल सर्च करने पर हमें पता चला कि मशहूर तमिल समाज सुधारक ईवी रामासामी है | वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि डांस कर रहे बुजुर्ग के आसपास खड़े कुछ लोग काले कपड़े पहने हुए हैं और उनके हाथ में काले रंग के झंडे हैं जिस पर मशहूर तमिल समाज सुधारक ईवी रामासामी की तस्वीर छपी हुई है | रामासामी पेरियार के नाम से मशहूर हैं |

विडियो में वृद्ध आदमी का जनेऊ उनके गले में ही दिखाई देती है साथ ही उन्हें काफ़ी खुश देखा जा सकता है | 

बूम लाइव ने करुपर कूत्तम के यू-ट्यूब चैनल से संपर्क करते हुए पुष्टि की, कि (१ मई २०१९ ) ‘मे डे’ के अवसर पर कांचीपुरम में पेरियार स्टेच्यू के पास यह आयोजन किया गया था |

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात् हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | इस विडियो के साथ वायरल हो रहा दावा भ्रामक है | विडियो में ना ही इस बुजुर्ग को प्रताड़ित किया गया और ना ही उनका जनेऊ उतरवाकर नाचने के लिए मुजबूर किया गया | वह स्वेच्छा से भीड़ के बीच डांस कर रहा था |

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Title:क्या वास्तव में इस वृद्ध ब्राह्मण के कपड़े उतरवाए, जनेऊ काटा फिर नाचने पर मजबूर किया गया है?

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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