क्या सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पैंट्री कर्मियों ने खाना ना खाने पर यात्रियों की डंडे से पिटाई की ?

False National Political
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५ जुलाई २०१८ को फेसबुक के ‘Live Jan Jan Tak’ नामक एक पेज पर एक पोस्ट साझा है | पोस्ट में एक विडियो दिया गया है | विडियो में रेलवे की एक जनरल कोच दिखाई दे रही है | कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर कोच में आते है और औरतों व मर्दों की बड़ी ही बेरहमी से पिटाई करना शुरू करते है | औरतें चिल्लाते हुए दिखती है तथा हमलावर गालियां देते हुए सुनाई देता है | पोस्ट के कैप्शन में लिखा है –

खाना नहीं खाने के कारण आनंद बिहार रेलवे स्टेशन सप्तक्रान्ति एक्सप्रेस मे यात्रीयो की पिटाई करते कुक इस विडियो को आगे जरूर भेजे ताकि ईन हराम खोरो को सजा हो सके
#Railwayminister
#Pmo
#President
लोककल्याण में लगे इस पेज को जरूर लाईक करें सब लोग!!

इस पोस्ट द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि सप्तक्रांति एक्सप्रेस के कुक यात्रियों की पिटाई इसलिए कर रहे है क्योंकि उन्होंने रेलवे का खाना खाने से इंकार किया था | विडियो में पिटाई करने वाले लोग पहनावे से रेलवे के कर्मचारी नहीं लगते है, इसलिए इस विडियो पर संदेह होता है | आइये जानते है इस विडियो और पोस्ट के दावे की सच्चाई |

ARCHIVE POST

संशोधन से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले विडियो को ध्यान से देखा और सुना तो हमें पता चला कि लोग जो भाषा का इस्तेमाल कर रहे है वह मराठी है | हमलावर आते ही ‘कुठाय, कुठाय’, ‘कुठे आहे रे त्यो’, ‘कुठे गेला त्यो’ पूछते हुए बोगी में घुसे आते है | इसके बाद जिन गालियों का इस्तेमाल किया जा रहा है वह भी मराठी में ही है, जो यहाँ लिखी नहीं जा सकती | इस आधार पर हमने marathi speaking people beaten in train इन की वर्ड्स के साथ सर्च किया, तो हमें कुछ भी परिणाम नहीं मिले | फिर हमने सप्तक्रांति एक्सप्रेस का रूट गूगल पर ढूंढा, तो हमें पता चला की यह ट्रेन दिल्ली से मुजफ्फरपुर जाती है |

दिल्ली आनंद विहार से लेकर मुज़फ्फरपुर तक यह ट्रेन कुल सोलह स्थानकों पर रूकती है, जिनमे से एक भी महाराष्ट्र का नहीं है | लिहाजा यह बात स्पष्ट होती है कि यह ट्रेन महाराष्ट्र से नहीं गुजरती है |

इसके बाद हमें यह अंदेशा हुआ की यह घटना शायद महाराष्ट्र के किसी दुसरे ट्रेन की हो | सो हमने women beaten in train in maharashtra इन की वर्ड्स के साथ सर्च किया तो हमें टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा अपलोड एक विडियो मिला, जो आप नीचे देख सकते है |

ARCHIVE VIDEO

टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने इस विडियो पर लिखा है कि एक दम्पति की बेटी ने गलती से दूसरी महिला यात्री के सामान को छूने के बाद यह घटना हुई | विडियो पर TOI का लोगो है, जिसका मतलब यह है कि यह TOI का एक्सक्लूसिव विडियो है | विडियो की जानकारी में लिखा है कि, यह वाकया सोलापुर-पुणे पैसेंजर ट्रेन में हुआ | कई महिलाएं व बच्चों पर दौड़ती ट्रेन में हमला करने के जुर्म में ११ हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है |

इसके बाद हमने गूगल पर इस घटना की खबर की खोज की तो हमें टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा ही प्रकाशित एक खबर मिली | इस खबर में लिखा है की यह खबर ३१ मार्च २०१७ को प्रसारित की गई है |

ARCHIVE TOI

मराठी में महाराष्ट्र टाइम्स अख़बार ने भी यह खबर प्रकाशित की है |

ARCHIVE MT

इस घटना के बारे में गूगल पर अलग अलग की वर्ड्स के साथ और अधिक संशोधन करने पर हमें ABP न्यूज़ द्वारा प्रसारित एक खबर भी मिली, जिसमे यह घटना विस्तार से बताई गई है |

https://abpmajha.abplive.in/videos/solapur-victims-of-the-train-attack-speaking-with-abp-majha-411800

ARCHIVE VIDEO

मराठी अख़बार लोकसत्ता की वेबसाइट पर भी यह विडियो अपलोड किया गया है |

ARCHIVE LOKSATTA

जांच का परिणाम :  इस संशोधन से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त पोस्ट में किया गया दावा कि, “खाना नहीं खाने के कारण आनंद बिहार रेलवे स्टेशन सप्तक्रान्ति एक्सप्रेस मे यात्रीयो की पिटाई करते कुक” सरासर गलत है | यह २०१७ का महाराष्ट्र के सोलापुर-पुणे ट्रेन का विडियो है और पिटाई करने वाले रेलवे कर्मचारी नहीं है |

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Title:क्या सप्तक्रांति एक्सप्रेस के पैंट्री कर्मियों ने खाना ना खाने पर यात्रियों की डंडे से पिटाई की ?

Fact Check By: Rajesh Pillewar 

Result: False


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