12 साल पुरानी तस्वीर को गलत दावे के साथ जहांगीरपुरी हिंसा से जोड़ा जा रहा है; जानिए सच

False Social

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हनुमान जन्मोत्सव शोभायात्रा के दौरान हुए हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में हाथों में तलवार लिए लोगों की भीड़ नजर आ रही है। तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि ये लोग दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में हाल ही में हुई हिंसा के दौरान दंगा करने गए थे।

वायरल पोस्ट के साथ यूजर्स ने लिखा है – ये दिल्ली में जहांगीरपुरी में हुई शोभा यात्रा की तस्वीर है। आप इन युवोऔं की शक्लें देखिए औऱ इनकी उम्र का अंदाजा लगाइए। इनकी पढ़ने लिखने की उम्र या नौकरी रोजगार करने की उम्र है। लेकिन इनके हाथो में हथियार है? आखिर नफरतवादी लोग देश के भविष्य को किस ओर ले जाने चाहते है, तस्वीरे से साफ दिखाई दे रहा है।

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यह खबर फेसबुक पेज पर भी तेजी से वायरल की जा रही है। इसका लिंक यहां, यहां, और यहां देखें।

अनुसंधान से पता चलता है कि…

पड़ताल की शुरुआत हमने वायरल पोस्ट को गूगल पर रिवर्स इमेज करने से की। वायरल फोटो हमें एशियन न्यूज़ पेज पर मिला। जो की 29 अप्रैल 2010 में पोस्ट किया गया है । रिपोर्ट में मुताबिक यह तस्वीर कर्नाटक की है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ईसाइयों पर हमला किया था। जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।

वायरल तस्वीर मीडिया वॉच, मूसनीड और अन्य न्यूज़ पेज पर भी अलग अलग साल में प्रकाशित की गई है। पर इससे स्पष्ट होता है कि वायरल फोटो 12 साल पुरानी है। तस्वीर का दिल्ली के जहांगीरपुरी में हुए हिंसा से कोई संबंध नहीं है।

हनुमान जयंती के मौके पर दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो गुटों के बीच संघर्ष हुआ था। इस दौरान पथराव होने लगा और गोलियां चलने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ में शामिल लोगों को खदेड़ा था। इंडिया टुडे के रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

निष्कर्ष:

तथ्यों की जांच के पश्चात हमने पाया कि वायरल फोटो 12 साल पुरानी है। फोटो का जहांगीरपुरी में हुए हिंसा से कोई संबंध नहीं है।

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Title:12 साल पुरानी तस्वीर को गलत दावे के साथ जहांगीरपुरी हिंसा से जोड़ा जा रहा है; जानिए सच

Fact Check By: Saritadevi Samal 

Result: False

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