थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत कर रही महिला पुलिस के वीडियो को डिजिटली एडिट कर सांप्रदायिकता से जोड़ा जा रहा है।

Communal False

इस वीडियो को डिजिटली एडिट किया गया है। इसमें महिला पुलिस लव जिहाद के बारें में बात नहीं कर रही है। वह थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत कर रही है।

एक महिला पुलिस का वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। उसमें उन्हें आप ये कहते हुये सुन सकते है कि पुलिस ने वसिम अक्रम नामक एक युवक को लव जिहाद के मामले में पकड़ा है। वह दक्ष शर्मा के नाम से फेसबुक पर मौजूद था व इस नाम से वह हिंदू लड़कियों को फंसाता था और उनका शारीरिक शोषण करता है। पुलिस ने अक्रम में नज़िराबाद से पकड़ा है। पूछताछ में उसने बताया कि उनका एक संगठण हिंदू लड़कियों को फंसाकर उनसे शादी करता है। इसका मुख्यालय बांगलादेश के ढ़ाका व भारत केरल में है।

वायरल हो रहे वीडियो को साझा कर यूज़र ने लिखा है, “इस महिला पुलिस की बाते सुनें!देश में इस्लाम किस तरह हावी हो रहा है।“

फेसबुक


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अनुसंधान से पता चलता है कि…

सबसे पहले जब हमने इस वीडियो को ध्यान से देखा, तो पाया कि इसमें सुनाई दे रही आवाज़ व महिला पुलिस के बोल मिल नहीं रहे थे। इससे हमने अनुमान लगाया कि जो आवाज़ सुनाई दे रही है वह वीडियो में बोल रही महिला पुलिस की नहीं है।

फिर हमने इनवीड-वी वैरिफाइ टूल के माध्यम से इस वीडियो को छोटे कीफ्रेम्स में काटकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। परिणाम में हमें यही वीडियो 20 दिसंबर 2016 को पंजाब केसरी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर प्रसारित किया हुआ मिला। इस वीडियो में हमने महिला पुलिस को एक इंस्पेक्टर के बारे में शिकायत करते हुये पाया। उसका कहना है कि थाने के इंस्पेक्टर उस पर उनके घर में खाना बनाने के लिये दबाव डाल रहे थे। उसने मना किया तो इंस्पेक्टर ने उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। फिर जब वो वापस थाने गयी तो इंस्पेक्टर ने उसके साथ बदतमीजी की। महिला पुलिस ने यह भी बताया कि इंस्पेक्टर ने उसे ऑफिस में बुलाकर सिगरेट का धुँआ उसके मुँह पर फूंका और वहाँ रखे काजू उसे मूँह में ठूस दिये। महिला पुलिस इस वीडियो में उस थाना प्रभारी को सज़ा देने की मांग कर रही है।

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इससे हम समझ गये कि इस वीडियो में महिला पुलिस लव जिहाद की बात नहीं कर रही है।

आगे बढ़ते हुये हमें 19 दिसंबर 2016 को द लल्लनटॉप के वैबसाइट पर इस घटना के बारे में जानकारी दे रहा एक लेख प्रकाशित मिला। उसमें बताया गया है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के मैनपूरी में स्थित करहल थाने की है। इस वीडियो में रूपेश भारती नामक महिला पुलिस करहल थाने के प्रभारी सुभाषचंद्र यादव के बारे में शिकायत कर रही है। महिला कॉनस्टेबल का कहना है कि ये हरकते थाना प्रभारी कई बार कर चूके है व सबके साथ करते है। उनका कहना है कि सीनियर्स से शिकायत करने पर वे उसे टाल देते है। उसने इस थाने प्रभारी को हटाने की मांग की व ये कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वो रिज़ाइन करेगी नहीं तो आत्महत्या कर लेगी। 

इस पर थाना प्रभारी सुभाषचंद्र यादव का कहना है कि थाने में वे अकेली महिला कॉनस्टेबल है पर वह ड्यूटी पर नहीं आती। इस बजह से महिलाओं को गिरफ्तार करने में दिक्कत जाती है। इस वजह से उन्होंने इसके खिलाफ मामला दर्ज किया था। उनका कहना है कि उनका परिवार है तो वे महिला पुलिस से खाना क्यों बनवाएंगे। उन्होंने भी इस मामले में जाँच की मांग की थी।

जाँच के दौरान हमें यूपी पुलिस का ट्वीट मिला। जिसमें वे मैनपूरी पुलिस को इस मामले की जाँच करने के लिये कह रहे है।

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इसी सिलसिले में आगरा के आई.जी ने भी ट्वीट किया था।

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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। इसमें सुनाई दे रही है आवाज़ को डिजिटली एडिट कर डाली गयी है। मूल वीडियो में महिला पुलिस लव जिहाद के बारे में बात नहीं कर रही है। वह थाना प्रभारी ने की हुई बदतमीजी के बारे में शिकायत कर रही है।

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Title:थाना प्रभारी के खिलाफ शिकायत कर रही महिला पुलिस के वीडियो को डिजिटली एडिट कर सांप्रदायिकता से जोड़ा जा रहा है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False

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