सूरत के मुस्लिम सब्जी विक्रेताओं के सम्बन्ध में जारी हुई ऑडियो क्लिप फर्जी है|

Coronavirus False
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सोशल मीडिया पर ६ मिनट ४२ सेकंड के वायरल ऑडियो क्लिप में, स्पीकर ने खुद को सिटी लाइट एरिया, सूरत का निवासी बताते हुए लोगों से मुस्लिम विक्रेताओं से सब्जियां न खरीदने की अपील की है | वह अपने इस ऑडियो संदेश को एक सांप्रदायिक मुद्दा बनाते हुए दावा करता है कि विक्रेता कम मूल्य पर सब्जियां बेच रहे हैं क्योंकि उनका मकसद कोरोनावायरस फ़ैलाने का है | फिर उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि शायद इस घटना का मार्च में दिल्ली में तबलीगी जमात धार्मिक मण्डली में भाग लेने वाले कोरोनावायरस से संक्रमित लोगों के साथ लेना-देना हो सकता है | स्पीकर आगे मुस्लिम विक्रेताओं द्वारा बेची जाने वाली सब्जियों के कम मूल्य के बारें में भी सवाल करता है |

ऑडियो में व्यक्ति कहता है कि “आज मेने अनोखी घटना देखी और क्यूंकि कोरोना वायरस के बीमारी बहुत ज्यादा फ़ैल रही है इसलिए आपसे प्राथना करता हूँ की इसको पूरा सुने और सुनने के बाद आपको जो निर्णय सही लगे आप वो करे। में आज सुबह मॉर्निंग वाक पर निकला, में जब मॉर्निंग वाक पर निकलता हूँ तो में दूध और सब्ज़ी भी ले आता हूँ। पर आज मुझे मेरे एरिया में सात-आठ साल हो गए यहाँ रहते रहते, आज पहली बार मैने एक अनोखी बात देखी, सुबह वाक करते करते की हर चार रस्ते पे, गली के नुकड़ पे, करीब पांच किलोमीटर मेरी मॉर्निंग वाक में करीब १५-१६ जितने मैंने थ्री व्हीलर टेम्पो देखे जिसमे मुस्लिम लड़के सब्जी और फ्रूट्स बेच रहे थे। ये इसलिए मुझे शंका पैदा होती है के पांच-सात साल से में यहाँ रहता हूँ, मेने आज दिन तक इन लोगों को नहीं देखा। ये पहली बार मुस्लिम लड़को को थ्री व्हीलर टेम्पो में सब्ज़ी और फ्रूट्स बेचते देखा। अब क्यूंकि कोरोना वायरस चल रहा है फ़ैल रहा है। और तीन-चार दिन से में भी न्यूज़ देख रहा हूँ के तब्लीग़ी जमात, तब्लीग़ी समाज के मुस्लिम को कोरोना पॉजिटिव होने के बावज़ूद क्वारंटाइन में नहीं रहना चाहते है और भागना चाहते है वहाँ से तो एक शंका पैदा होती है की क्या वो भाग करके के हिन्दू एरिया में जा करके कोरोना को हिन्दू लोगो में फैलाना चाहते है। महामारी पैदा करना चाहते है। अब जो मेने आज जो घटना मेने आठ साल में नहीं देखी कभी।”

आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच कि शुरुवात हमने सूरत के ए.सी.पी आर.आर सरवैया से बात करने से की, उन्होंने हमें बताया कि “सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो क्लिप के माध्यम से किये गये दावे गलत है | हमने इस ऑडियो क्लिप को बनाने और इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था | उस व्यक्ति का नाम मुकेश ओस्त्वल है | उनपर आईपीसी १५३ (ए) और आईपीसी २६९, (दंगा भड़काने के इरादे से और जाति, धर्म और जन्म स्थान के आधार पर समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है | जिसके बाद अदालत द्वारा उसे जमानत दी गई थी |”

इसके आलावा हमें ७ अप्रैल २०२० को टाइम्स ऑफ़ इंडिया द्वारा प्रकाशित खबर मिली,जिसके अनुसार सूरत सिटी पुलिस के डिटेक्शन ऑफ क्राइम ब्रांच (DCB) ने व्हाट्सएप पर एक ऑडियो बनाने और प्रसारित करने के लिए सिटी लाइट रोड पर सूर्या कॉम्प्लेक्स के निवासी मुकेश ओस्टवल (49) को गिरफ्तार किया है | पुलिस के अनुसार, ओस्टवल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के भिन्टगाम के मूल निवासी हैं और उन पर सार्वजनिक अधिसूचना में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन और भारतीय दंड संहिता के तहत लापरवाही से काम करने के लिए मामला दर्ज किया गया है। उन्हें राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत भी गिरफ्तार किया गया है |

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के माध्यम से किये गये दावे गलत है | वायरल ऑडियो क्लिप जिसमें एक शख्स दावा करता है कि सूरत में मुस्लिम सब्जी और फल विक्रेता कोरोनावायरस फैला रहे हैं सरासर गलत है |

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Title:सूरत के मुस्लिम सब्जी विक्रेताओं के सम्बन्ध में जारी हुई ऑडियो क्लिप फर्जी है|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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