FACTCHECK: – यूपी के उन्नाव में अतिक्रमण हटाते वक़्त मस्जिद को तोड़ने के दावे गलत हैं |

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सोशल मीडिया पर एक मस्जिद जैसी संरचना को तोड़ने के वीडियो को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो उत्तर प्रदेश के उन्नाव से है जहाँ मस्जिदों को इस तरह से ध्वस्त किया जा रहा है | दावे में यह भी कहा गया है कि यह मस्जिद और उसके आसपास बने घरों को अतिक्रमित ज़मीन पर बनाया गया था |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

“उन्नाव वाला बकरा जो बद्रीनाथ को बदरुदीन की जगह बता रहा था उसकी मस्जिद और आसपास के घर उड़ा दिए, एफआईआर दर्ज की और कागज दिखाने को बोला गया अवैध बनी थी मस्जिद और घर | योगी जी वाह योगी जी |”

इस वीडियो को एक और शीर्षक के साथ भी फैलाया जा रहा है | इसमें लिखा गया है कि 

“कागज दिखाने को बोला था और बस #JCB आ गई। उसके मस्जिद और आसपास के घर उड़ा दिए ,fir दर्ज की और कागज नहीं दिखा पाए। अवैध बनी थी मस्जिद और घर |”

फेसबुक पोस्ट 

यह वीडियो फेसबुक पर काफी तेजी से साझा किया जा रहा है |

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया है कि उन्नाव में अवैध अतिक्रमण को हटाने के चलते किसी भी मस्जिद को नही तोडा गया है |

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इन्विड वी वेरीफाई टूल के मदद से छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने से किया जिसके परिणाम से हमें ये वीडियो २६ जुलाई २०२१ को न्यूज़ १८ यूपी उत्तराखंड के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया हुआ मिला | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि Unnao में भूमाफिया पर प्रशासन का Action, सिंचाई विभाग ने मुक्त कराई 2.5 एकड़ की ज़मीन |” आगे इस वीडियो के विवरण में लिखा गया है कि Unnao में भूमाफिया पर प्रशासन का Action हुआ है। इस दौरान सिंचाई विभाग ने 2.5 एकड़ की जमीन कब्जे से मुक्त करवाया है |”

२७ जुलाई २०२१ को नवभारत टाइम्स द्वारा प्रकाशित खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के उन्नाव में जल शक्ति सिंचाई विभाग द्वारा भू माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई। विभाग ने १० जेसीबी व एक पोकलैंड लगाकर करोड़ों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि वीडियो उन्नाव के सोहरामऊ का है जहां यूपी सरकार के जलशक्ति विभाग ने 2.5 एकड़ जमीन को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया था |

आश्चर्य की बात यह है कि किसी भी न्यूज़ रिपोर्ट में यह उल्लेखित नही है कि इन अवैध घरों को हटाने के वक़्त किसी भी मस्जिद को तोडा गया हो | 

आगे फैक्ट क्रेसेंडो ने यह जानने के लिए कि क्या इस अतिक्रमण को हटाते वक़्त किसी मस्जिद को तोड़ा गया या नहीं, इस सम्बन्ध में हमने उन्नाव जिले के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट रविन्द्र कुमार से संपर्क किया | उन्होंने हमें बताया कि “सिंचाई विभाग की जमीन पर पिछले कुछ वर्षों से कब्जा किया गया है और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो इन अवैध संरचनाओं के विध्वंस को दर्शाता है | इस क्षेत्र में कोई भी मस्जिद मौजूद नही थी और ना ही कोई और धार्मिक स्थान था | वीडियो में दिख रहे मस्जिद जैसे संरचना असल में वहां मौजूद एक अवैध सोसाइटी का गेट है और ऐसे गेट उत्तर प्रदेश में कई जगहों में देखने को मिलतें है | इस अवैध ज़मीन पर कोई मस्जिद नही था |”

इसके पश्चात हमें सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट द्वारा किया गया ट्वीट मिला | इस ट्वीट में लिखा गया है कि माननीय मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी के निर्देशन एवं माननीय जलशक्ति मंत्री डॉ. @bjpdrmahendra के नेतृत्व में जनपद उन्नाव में सिंचाई विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत भूमाफियाओं से मुक्त कराई गई 2.5 एकड़ जमीन!” इस ट्वीट में वायरल हो रहे वीडियो को भी साझा किया गया है | इस ट्वीट में भी कही भी मस्जिद को तोड़ने का उल्लेख नही किया गया है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के माध्यम से किये गये दावों को गलत पाया है | उन्नाव में हुए अतिक्रमण हटाने के वीडियो को गलत दावा करते हुए फैलाया जा रहा है | इस अवैध अतिक्रमण को हटाने के वक़्त किसी भी मस्जिद या कोई और कोई भी धार्मिक स्थल को तोड़ा नही गया है | वीडियो में मस्जिद की संरचना जैसे दिखने वाला गेट असल में एक सोसाइटी का अवैध गेट था जिसे अतिक्रमण हटाने के अभियान में तोड़ा गया था |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. महिलाओं द्वारा फिल्म डायरेक्टर की पीटाई के वीडियो को भा.ज.पा से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२. मेक्सिको में मगरमच्छ के महिला पर हमला करने के वीडियो को भारत का बताकर फैलाया जा रहा है |

३. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर पर किया कथित विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्वीट फर्ज़ी है।

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Title:यूपी के उन्नाव में अतिक्रमण हटाते वक़्त मस्जिद को तोड़ने के दावे गलत हैं |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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