प्रयागराज में एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा की गई आत्महत्या की तस्वीरों को सांप्रदायिक रंग देते हुए बरेली का बता फैलाया जा रहा है |

Communal False National

सोशल मीडिया पर खून से लथपथ एक पुलिसकर्मी की तस्वीरों को साझा करते हुये ये दावा किया जा रहा है कि बरेली (उ.प्र) में मामूली चालान को लेकर कुछ मुस्लिम व्यक्तियों द्वारा इस पुलिसकर्मी का ये हाल किया गया है, तस्वीरों को देखने पर ऐसा प्रतीत होता है जैसे कि किसी ने इस पुलिसकर्मी को गोली मार दी है व पुलिसकर्मी का शरीर जमीन पर खून से सना गिरा पड़ा है| 

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के कैप्शन में लिखा गया है कि 

“बरेली सिविल लाईन्स न्यूज़ पुलिस द्वारा चालान काटने पर मुसलमानों ने उनकी पिटाई की जो कानून को चुनौती है। यह बताता है कि भविष्य में भारत का हाल भी अफगानिस्तान जैसा होने वाला है यदि अब ही हम नही जागे।” 

(शब्दशः)

आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने शोध कर पाया है कि इस घटना का ना तो चालान और ना ही किसी धर्म विशेष के व्यक्तियों के साथ कोई सम्बन्ध हैं, ये घटना आत्महत्या से सम्बंधित है, ये घटना व वायरल की जा रही तस्वीरें प्रयागराज में एक हेड कांस्टेबल की आत्महत्या से हैं जिन्हें गलत दावों के साथ बरेली का बता वायरल किया जा रहा है | 

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे पोस्ट से संबंधित कीवर्ड सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें कोई भी विश्वसनीय न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली जो इस बात की पुष्टि करे की बरेली में कुछ मुस्लिम युवकों ने चालान काटने पर पुलिसकर्मी पर हमला किया हो | 

जाँच को आगे बढ़ाते हुये हमने गूगल पर वायरल हो रही तस्वीरों को रिवर्स इमेज सर्च किया, इसके परिणाम से हमें बरेली पुलिस द्वारा इस सम्बन्ध में जारी किया गया एक स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ जिसके अनुसार यह मामला बरेली से नहीं बल्कि जी.आर.पी कानपूर का बताया गया है | इस ट्वीट में लिखा गया है कि इस मामले को गलत रूप से सांप्रदायिक रंग देते हुए फैलाया जा रहा है | यह घटना २० सितंबर की है जब जी.आर.पी कानपूर में नियुक्त हेड कांस्टेबल ने खुदको गोली मारते हुए आत्महत्या की थी | बरेली पुलिस ने सोशल मीडिया पर चल रहे दावे का खंडन करते हुए इसे फर्जी बताया है |

इस ट्वीट से संकेत लेते हुए हमने कीवर्ड सर्च किया जिसके परिणाम से हमें टाइम्स ऑफ़ इंडिया और दैनिक भास्कर द्वारा प्रकाशित खबरें मिली | ख़बरों के अनुसार मृत ब्यक्ति की पहचान प्रयागराज में रहनेवाले चिंतामणि यादव के रूप में की गई है | हेड कांस्टेबल यादव ने जी.आर.पी प्रयागराज पुलिस लाइन के शौचालय में खुद को अपनी सर्विस गन से गोली मार दी थी | यह मामला खुल्दाबाद के पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आता है | वह जीआरपी कानपुर में तैनात थे और अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर प्रयागराज आये थे | 

रिपोर्ट के अनुसार हेड कांस्टेबल ने जब खुद को गोली मारी तब गोली की आवाज़ सुनकर वहां मौजूद लोग शौचालय के तरफ भागे जहाँ उनको खून से लथपथ पाया गया | इसके कुछ ही पल बाद उनकी मृत्यु हो गयी |

इस घटना पर अधिक जानकारी प्राप्त करने हेतु फैक्ट क्रेसेंडो ने प्रयागराज जी.आर.पी के डिप्टी एस.पी अमित श्रीवास्तव से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि “यह मामला अभी एक हफ्ते पहले का है जब जी.आर.पी कानपूर के हेड कांस्टेबल चिंतामणि यादव ने खुदको गोली मारी थी | वे प्रयागराज में रविवार को अजमेर सियालदह एक्सप्रेस ट्रेन को एस्कॉर्ट करने के लिए आये थे | वे जी.आर.पी प्रयागराज पुलिस लाइन के 2 नंबर बैरक में रुके हुए थे | उनके पास हमें कोई सुसाइड नोट नही प्राप्त हुआ | इस मामले की जाँच अभी भी की जा रही है | 

उन्होंने हमें स्पष्ट किया कि इस मामले के साथ किया जा रहा दावा गलत है, सोशल मंचों पर एक मनगढ़ंत प्रसंग को इस प्रकरण के साथ जोड़ वायरल किया जा रहा है |

फैक्ट क्रेसेंडो ने खुल्दाबाद थाना के इंस्पेक्टर वीरेन्द्र यादव से संपर्क किया जिन्होंने सोशल मीडिया पर चल रहे दावों का खंडन करते हुए हमें बताया कि इस मामले की जाँच अभी भी जारी है परंतु चालान काटने व मुस्लिम युवकों द्वारा पीते जाने की बात फर्जी है | हमने चिंतामणि यादव जी के परिजनों से संपर्क किया है परंतु कोई हमें इस घटना के पीछे सही कारण नही बता पाया |

आगे फैक्ट क्रेसेंडो ने बरेली के एस.पी रविन्द्र कुमार से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि उनके क्षेत्र में ऐसी कोई घटना नही घटी है और वायरल हो रहे पोस्ट का खंडन बरेली पुलिस द्वारा उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर किया गया है | यह मामला प्रयागराज में हेड कांस्टेबल की आत्महत्या से संबंधित है |

निष्कर्ष:

तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट के माध्यम से किये गये दावे को गलत पाया है | प्रयागराज में हेड कांस्टेबल द्वारा की गयी आत्महत्या के प्रकरण व इससे सम्बंधित तस्वीरों को सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक दावों के साथ फैलाया जा रहा है|

Update:- हमारे द्वारा बरेली पुलिस से बात करने के पश्चात बरेली पुलिस द्वारा उक्त प्रकरण को लेकर उनके सोशल हैंडल पर एक विडियो स्पष्टीकरण जारी किया गया, जिसे आप नीचे देख सकतें हैं

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. असम के एक पानी पूरी विक्रेता द्वारा पानी में मूत्र मिलाने के प्रकरण को फर्जी सांप्रदायिक रंग दे सोशल मंचों पर फैलाया जा रहा है।

२. पूर्व न्यायाधीश रंजन गोगोई ने नाम से फिरसे बना फर्जी अकाउंट जिससे सांप्रदायिक ट्वीट किये गये|

३. बिहार के कटिहार में मुर्हरम जुलूस के दौरान घटी मारपीट की घटना को हिन्दू-मुस्लिम कोण दे सांप्रदायिकता से जोड़ साझा किया जा रहा है|

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Title:प्रयागराज में एक पुलिस कांस्टेबल द्वारा की गई आत्महत्या की तस्वीरों को सांप्रदायिक रंग देते हुए बरेली का बता फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False

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