कानुपर में पुलिस पर पथराव करने वाले युवक मुस्लिम नहीं थे; झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ यह वीडियो वायरल

Communal False

इस घटना में पुलिस जिन युवकों की पिटाई कर रही है वे दोनों भी हिंदू है। इस बात की पुष्टि हमने कानपुर देहात की पुलिस से की है।

एक वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। उसमें आप पलिसकर्मियों को एक मकान के छत पर कुछ युवकों को पीटते हुये देख सकते है। दावा किया जा रहा है कि कानपुर में पुलिस पेट्रोलिंग कर रही थी। उस दौरान कुछ मुस्लिमों ने उनपर पथराव किया। इस वजह से पुलिस उनकी पिटाई की। 

वायरल हो रहे पोस्ट में यूज़र ने लिखा है, “वीडियो देखकर आप आनंद से भर जाओगे। यूपी के कानपुर में कुछ मुल्लों ने गश्त करती पुलिस पर पथराव किया। बहादुर यूपी पुलिस कर्मियों ने बिना सीढी के ही बिल्डिंग पर चढ़कर जिहादियों की दिवाली हैप्पी कर दी। और पीछे पीछे बाबाजी ने बिल्डिंग तोडने के लिए बुलडोजर भेज दिए।“ (शब्दश:)

फेसबुक

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

इस वीडियो की जाँच हमने फेसबुक पर कीवर्ड सर्च कर की। परिणाम में हमें इसका मूल वीडियो 20 अक्टूबर को ए.बी.पी न्यूज़ के पेज पर शेयर किया हुआ मिला। इसके साथ दी गयी जानकारी में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात क्षेत्र में कुछ युवकों ने छत से पुलिस पर पथराव किया। जिसके बाद पुलिस ने छत पर जाकर उन युवकों को लाठियों से पीटा। यह घटना कोर्ट के आदेश पर बुलडोजर की कार्यवाही करने पर हुई थी।

फेसबुक

आगे बढ़ते हुये हमें इस खबर की जानकारी 20 अक्टूबर को दैनिक भास्कर के वेबसाइट पर भी मिली। उसमें बताया गया है कि यह घटना कानपुर देहात के भोगनीपुर थान क्षेत्र के पुखरायां कस्बे में पड़ने वाले किदवई नगर मोहल्ले में 18 तारीख को घटी थी। 

वहाँ एक मकान के अवैध निर्माण का मामला चल रहा था। कोर्ट के आदेश पर पुलिस की टीम उस मकान को ध्वस्त करने पहुंचे थे। उसी वक्त दो युवकों ने उनपर गाली गलौज की व पथराव किया। जिसके जवाब में पुलिस उनपर लाठियाँ बरसाई और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। उन दोनों का नाम समीर और कार्तिक है।

इसमें कही भी नहीं लिखा है कि आरोपी युवक मुस्लिम समुदाय से है।

फिर फैक्ट क्रेसेंडो ने भोगनीपुर के सी.ओ से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि “इस घटना का सांप्रदायिकता से कोई लेना- देना नहीं है। जिन युवकों की पिटाई हुई व उन्हें जेल में डाला गया, वे दोनों भी हिंदू है। इस घटना से मुस्लिम समुदाय का कोई संबन्ध नहीं है।“

आगे बढ़ते हुये हमें कानपुर देहात पुलिस के ट्वीटर हैंडल पर 18 अक्टूबर को शेयर किया गया भोगनीपुर पुलिस का वीडियो बाईट भी मिला। आप नीचे देख सकते है।

आर्काइव लिंक

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। इसमें पुलिस जिन युवकों की पिटाई कर रही है वे दोनों भी हिंदू है। इस घटना को सांप्रदायिकता से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

Avatar

Title:कानुपर में पुलिस पर पथराव करने वाले युवक मुस्लिम नहीं थे; झूठे सांप्रदायिक दावे के साथ यह वीडियो वायरल

Fact Check By: Samiksha Khandelwal 

Result: False

Leave a Reply