राहुल गाँधी के साथ दिख रही छात्रा और जामिया के विरोध में दिख रही छात्रा दो अलग-अलग लड़कियां हैं, इनका आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है |

False Political
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देश भर के छात्र पिछले हफ्ते से नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का विरोध कर रहे हैं | जिसके चलते सोशल मंचो पर इन विरोध प्रदर्शनों को लेकर बहुत से पोस्ट, तस्वीरें व वीडियो गलत दावों के साथ साझा किये जा रहे हैं , ऐसे ही एक पोस्ट में केरल की एक महिला छात्रा के साथ मंच पर राहुल गांधी की एक तस्वीर को दिल्ली के जामिया मिल्लिया विश्वविद्यालय (JMIU) के छात्रों द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन से जोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है | वायरल पोस्ट में तीन तस्वीरें साझा की गयी है, जिनमें से एक तस्वीर में राहुल गांधी के साथ एक छात्रा की तस्वीर है और बाकि दो तस्वीरों में JMIU की छात्राओं को प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किये लाठीचार्ज से एक छात्र को बचाते हुये दर्शाती है |

वायरल पोस्टों में, जामिया विश्वविद्यालय के छात्रों पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ संबंध होने का आरोप लगाया गया है और विरोध प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित होने का दावा किया गया  हैं | साथ ही इस पोस्ट के माध्यम से दावा किया गया है कि राहुल गाँधी के साथ देखी गयी छात्रा और JMIU की एक छात्रा जो तस्वीर में दिख रही है वो एक ही हैं | 

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “#राहुल_गांधी के साथ ये वही #जिहादिन है ————भरे पड़े हैं हमारे बीच में |”

फेसबुक पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इन तस्वीरों का स्क्रीनग्रैब लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें 9 दिसंबर २०१९ को केरला कौमुदी द्वारा प्रकाशित एक खबर मिली | खबर के अनुसार कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के एक स्कूल में विज्ञान प्रयोगशाला के उद्घाटन समारोह में अपने भाषण से पहले पूछा कि कोई छात्र उनके द्वारा दिये जाने वाले भाषण का अनुवाद करने में मदद करेंगे या नही | 

वह चाहते थे कि छात्र श्रोताओं में से कोई भी उनके अंग्रेजी भाषण को मलयालम में ट्रांसलेट करने में मदद करें | स्कूल की १२ वीं कक्षा की छात्रा, सेफा फेबिन ने इस कार्य के लिए उनका सहयोग किया | १७ साल की छात्रा सफा फेबिन ने मंच पर आकर कांग्रेस नेता को उनके भाषण का अनुवाद करने में मदद की | नीचे आप इस घटना का वीडियो देख सकते है | 

टेलीग्राफ इंडिया

दूसरी दो तस्वीरों के रिवर्स इमेज सर्च के परिणाम में हमें १५ दिसंबर २०१९ को न्यूज़ मिनट द्वारा प्रकाशित खबर मिली जिसके अनुसार यह तस्वीर ट्विटर पर रितिका चोप्रा ने अपलोड की थी, इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार रितिका चोप्रे के ट्विटर अकाउंट पर हमें यह तस्वीर उपलब्ध मिली जिसे इंडियन एक्सप्रेस ने अपने समाचार पत्र के दैनिक संस्करण में इस्तेमाल किया था | इस तस्वीर के नीचे लिखा गया है कि “दिल्ली पुलिस ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों को रविवार को घेर लिया और पीटा | फोटोग्राफर- गजेन्द्र यादव |”

सम्बंधित छायाचित्र विरोध प्रदर्शन हिंसक हो जाने के बाद, दिल्ली पुलिस द्वारा JMIU के उन छात्रों पर लाठीचार्ज किये जाने का है जिन्होंने पास के एक घर में शरण ली थी | इसी घटना से जुड़ा एक वीडियो जिसमें हम दो छात्र लाडेदा फरजाना और आयशा रेना को पुलिस के खिलाफ खड़े हुए और अपने साथी छात्र शाहीन अब्दुल्ला को पिटाई से बचाने के लिए हस्तक्षेप करते वक़्त का दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया | इस वीडियो को आप यहाँ देख सकते है | हमें लाडेदा फरजाना और आयशा रेना की इंटरव्यू मिला | वे जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के २२ वर्षीय छात्रा है | 

नीचे आप राहुल गाँधी के साथ दिखने वाली १७ साल की छात्रा सफा फेबिन और जामिया मिलिया विश्वविद्यालय की २२ वर्षीय विद्यार्थी लाडेदा फरजाना और आयशा रेना की तस्वीरों का तुलनात्मक विश्लेषण देख सकते हैं |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | हमने पाया कि राहुल गांधी के साथ फोटो खिंचवाने वाली लड़की केरल के एक छात्रा सफा फेबिन है, जिसने कांग्रेस नेता के लिए एक भाषण का अनुवाद किया था और दुसरी तस्वीरों में दिखाई गई छात्रा जामिया मिलिया विश्वविद्यालय की विद्यार्थी  है | यह दोनों अलग लड़कियां है |

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Title:राहुल गाँधी के साथ दिख रही छात्रा और जामिया के विरोध में दिख रही छात्रा दो अलग-अलग लड़कियां हैं, इनका आपस में कोई सम्बन्ध नहीं है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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