प्रधानमंत्री मोदी के ऑनलाइन जन संवाद के मूल वीडियो के एक छोटे से हिस्से को काटकर सन्दर्भ से बाहर वायरल किया जा रहा है |

Missing Context National

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के ऑनलाइन जन संवाद की एक ७ सेकंड की वीडियो क्लिप को साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि किस तरह देश की जनता यह बात कबूल कर रही है कि उनको प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की गई नई योजनाओं का लाभ नही मिलता है | इस वीडियो को आम आदमी पार्टी के आधिकारिक अकाउंट से साझा करते हुए व्यंगात्मक तंज कर लिखा गया है कि “इसी कारण से प्रधानमंत्री मोदी कभी कोई प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद नही रहते है |”

इस वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है कि

“यह मोदी जी के उत्तर प्रदेश दौरे के दौरान हुई घटना है जब वो वहां के लोगों के साथ वार्तालाप कर रहे थे |”

(शब्दशः)

गत दिनों लखनऊ में “आजादी@75 – न्यू अर्बन इंडिया एक्सपो” का उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया गया था जिसके अंतर्गत उन्होंने प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत निर्माणित आवासों की चाबियाँ डिजिटल रूप से अनेक लाभार्थियों को सौंपी व इन लाभार्थियों से ऑनलाइन संवाद भी किया , इसी संवाद के एक ७ सेकंड क्लिप को विपक्षी पार्टियों व सोशल उपभोगताओं द्वारा साझा किया जा रहा है, इस क्लिप में  हम प्रधानमंत्री मोदी द्वारा एक महिला को प्रश्न पूछते हुए सुन सकते है कि क्या उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत कोई लाभ मिला है| इस प्रश्न के उत्तर में महिला प्रधानमंत्री को जवाब नहीं में जबाब देती है | 

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा जा रहा है कि किस तरह आम जनता को प्रधानमंत्री की किसी भी योजना से लाभ नहीं मिलता है और इस बात को जनता खुद प्रधानमंत्री के समक्ष कबूल कर रही है | वीडियो पर दिख रही जानकारी से हमें पता चलता है कि वीडियो में बात प्रधानमंत्री को जबाब देने वाली महिला ललितपुर से है और इस महिला का नाम बबिता है |

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने शोध कर पाया है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो क्लिपड है, इस वीडियो को मूल वीडियो से काटकर सन्दर्भ के बाहर भ्रामक रूप से वायरल किया जा रहा है |

जाँच की शुरुआत हमने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पोस्ट से संबंधित कीवर्ड को सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें वायरल वीडियो का लंबा वर्शन ५ अक्‍टूबर २०२१ को आजतक के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध मिला। इस वीडियो को पूरा सुनने पर ये स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री मोदी ने आवास योजना (शहरी) के लाभार्थीयों में से एक महिला जो कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर से हैं से बातचीत की थी, व वायरल वीडियो इसी न्यूज़ के मूल वीडियो के एक छोटे से भाग का है क्योंकि वायरल वीडियो क्लिप के कोने में भी आज तक न्यूज़ चैनल का लोगो दिख रहा है | 

A group of people sitting in chairs  Description automatically generated with low confidence

आज तक द्वारा प्रसारित पूरा वीडियो ५ मिनट ९ सेकंड का है। इस वीडियो को पूरा देखने पर हमें पता चलता है कि २ मिनट १८ सेकंड से लेकर २ मिनट २५ सेकंड के वीडियो को काट कर वायरल किया जा रहा है | पुरे वीडियो को सुनने पर हमें पता चलता है कि ओरिजनल वीडियो में इससे पहले बबिता को यह बोलते हुए देखा जा सकता है कि उन्‍हें घर के लिए ढाई लाख रूपए मिले है, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी जब प्रधानमंत्री स्‍वनिधि योजना के बारे में पूछते हैं, जब बबिता मना करती हैं तो प्रधानमंत्री जी ने उन्‍हें उसकी प्रॉसेस बताते हुए इसके लिए अप्‍लाई करने को कहते हैं। 

पुरे वीडियो को सुनने पर हमें पता चलता है कि वायरल वीडियो को मूल वीडियो से काटकर संदर्भ से बहार भ्रामक संदेश के साथ फैलाया जा रहा है |

मूल वीडियो को ५ अक्टूबर २०२१ नरेन्द्र मोदी ने अपने आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर अपलोड करते हुए लिखा है कि उत्तर प्रदेश के ललितपुर से प्रधानमंत्री आवास योना के लाभार्थीयों ने उन्हें खाना खाने का आमंत्रण दिया है | नीचे दिए गये विवरण के अनुसार प्रधानमंत्री ने आवास योजना के तहेत ७५ जिले में ७५००० लाभाथियों को डिजिटली घर की चाबी सौंपी थी | इस वीडियो में भी हम बबिता को यह कहते हुए सुन सकते है कि आवास योजना के तहेत उन्हें ढाई लाख का लाभ प्राप्त हुआ है, जिसके बाद मोदी जी उन्हें स्वनिधि योजना के बारें में पूछने पर वे यह कहती है कि उन्हें इसका  लाभ नहीं मिला और फिर प्रधानमंत्री उन्हें इस योजना में अप्लाई करने की प्रोसेस बतातें हैं |

इस सन्दर्भ में फैक्ट क्रेसेंडो को उत्तर प्रदेश के भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी द्वारा स्पष्ट किया गया कि प्रधानमंत्री के वीडियो को गलत रूप से प्रस्तुत किया जा रहा है, कई लोगों द्वारा सुविधा अनुसार बातचीत के ७ सेकंड को ही काटा गया व प्रधानमंत्री से जोड़ उनके बारे में भ्रम फ़ैलाने के लिए वायरल किया जा रहा है  |

निष्कर्ष:

तथ्यों की जाँच के पश्चात् हमने वायरल हो रहे वीडयो के माध्यम से किये गये दावे को सन्दर्भ से बाहर “भ्रम” फैलाते हुए पाया है |  उत्तर प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ऑनलाइन माध्‍यम से ललितपुर की बबिता नाम की एक महिला से बातचीत की थी, जिसके मूल वीडियो से एक  छोटे से भाग की क्लिप को काटकर सोशल मीडिया पर भ्रम फ़ैलाने के उद्देश्य से वायरल किया गया है | 

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Title:प्रधानमंत्री मोदी के ऑनलाइन जन संवाद के मूल वीडियो के एक छोटे से हिस्से को काटकर सन्दर्भ से बाहर वायरल किया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: Missing Context

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