कर्नाटक के गोरुर बांध के वीडियो को मध्य प्रदेश के इंदिरा सागर बांध का बताया जा रहा है |

False National Social
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१३ सितंबर २०१९Indore News – IMJनामक एक फेसबुक पेज ने एक वीडियो पोस्ट किया, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के इंदिरा सागर बांध परियोजना से माँ नर्मदा ज़ी का विकराल स्वरुप | नर्मदे हर” | इस वीडियो में हम एक डैम के गेट्स को खुलते हुए देख सकते है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर तेजी से साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह मध्य प्रदेश में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का इंदिरा सागर बांध है जिसके गेट खोल दिए गए है | फैक्ट चेक किये जाने तक यह पोस्ट २३० प्रतिक्रियाएं प्राप्त कर चुका था |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुआत हमने वीडियो को इन्विड टूल का इस्तेमाल कर छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर व यांडेक्स रिवर्स इमेज कर के की, जिसके परिणाम में हमें ४ अगस्त २०१८ को प्रकाशित एक वीडियो मिला जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “के.आर.एस डैम को अतिरिक्त पानी निकलने के कारण खोला गया, पानी का स्तर बढ़ने के कारण KRS डैम का खोला गया गेट देखिए” |

इस परिणाम के पश्चात हमने “KRS gates open” कीवर्ड्स को इस्तेमाल कर इस वीडियो से जुडी ख़बरों को ढूँढा, परिणाम से हमें १४ जुलाई २०१८ को द हिन्दू द्वारा प्रकाशित एक खबर मिली, जिसमें हम वायरल वीडियो से मिलते जुलते एक बांध की तस्वीर देख सकते है | इस तस्वीर के शीर्षक में लिखा गया है कि “कर्नाटक: हासन: १४/७/२०१८ हेमवती जलाशय के शिखा द्वार शनिवार को खोले गए। इस घटना का गवाह बनने के लिए कई लोगों ने बांध का दौरा किया | फोटोग्राफर: प्रकाश हसन”

आर्काइव लिंक 

इसके पश्चात हमें गूगल मैप्स पर के.आर.एस बांध की तस्वीरों को ढूँढा, परिणाम से हमें पता चला की के.आर.एस बांध और वायरल वीडियो में दर्शाया गया बांध अलग है | दोनों बांधों के तस्वीरों की तुलना आप नीचे देख सकते है | 

इसके पश्चात हमने “हेमावती रिजर्वायर गोरुर डैम” जैसे कीवर्ड्स के माध्यम से गूगल सर्च किया, जिसके परिणाम से हमें ११ अगस्त २०१९ को अपलोड किया गया एक वीडियो मिला जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “गोरुर बांध भर गया” | 

इसके पश्चात हमने गूगल मैप्स पर “हेमावती रिजर्वायर गोरुर” जैसे कीवर्ड्स को ढूँढा, परिणाम से हमें वीडियो में दर्शाया गया बांध मिला, इसमें बांध की सरंचना, रेलिंग और लैंप ठीक वैसा ही मिला, जैसा इंदिरा सागर बांध के नाम पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है | दोनों जगह की तस्वीरों की तुलना आप नीचे देख सकते है, जिसे ये स्पष्ट होता है कि वायरल वीडियो में कर्नाटक के गोरुर बांध को दिखाया गया है |

गूगल मैप्स पर कर्नाटक में स्थित गोरुर बांध का स्ट्रीट व्यू भी उपलब्ध है जिसे आप नीचे देख सकते है |

कर्नाटक के हस्सन जिले के आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर गोरुर बांध की तस्वीरें भी देखी जा सकती है, साथ ही लिखा गया है कि कावेरी की एक महत्वपूर्ण उपनदी हेमवती नदी के पार इस बांध का निर्माण किया गया है | यहां बताया गया कि कर्नाटक के हसन जिले में गोरूर इलाके में १९७९ में यह बांध बनाया गया था |

इसके पश्चात हमने गोरुर बांध के प्रोजेक्ट के असिस्टेंट इंजिनियर, वेंकतारावानाप्पा सी.एम् से संपर्क किया, उन्होंने हमें बताया कि “यह वीडियो कर्नाटक के हस्सन जिले में गोरुर बांध है | यह मध्य प्रदेश में स्थित इंदिरा सगर बांध नही है |”

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपोर्क्त पोस्ट को गलत पाया है | वीडियो में दर्शाया गया बांध वास्तव में कर्नाटक में स्थित गोरुर बांध है जिसे सोशल मीडिया पर मध्य प्रदेश में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के इंदिरा सागर बांध के नाम से फैलाया जा रहा है |

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Title:कर्नाटक के गोरुर बांध के वीडियो को मध्य प्रदेश के इंदिरा सागर बांध का बताया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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