पुराने वीडियो को नागरिकता (संशोधन) विधेयक (CAB) के पारित होने से बाद का बता, गलत दावे के साथ फैलाया गया है |

False Political
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एक वीडियो जो कथित तौर पर शरणार्थियों को अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश सीमा पार करता दिखा रहा है, सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ साझा किया जा रहा है कि इस सप्ताह संसद के दोनों सदनों में नागरिकता संशोधन बिल (CAB) पारित होने के बाद बांग्लादेशी हिंदू भारत आ रहे हैं | वीडियो में, लोगों को बंगाली बोलते हुए सुना जा सकता है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “लोकसभा में #CAB पास होने के बाद सभी बांग्लादेशी हिंदू बिना अनुमति के भारत आ रहे हैं |”

विवादास्पद नागरिकता संशोधन बिल पाकिस्तान, अफ़गिस्तान और बांग्लादेश के छह गैर-मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों को नागरिकता प्रदान करता है, जो इन देशों में धार्मिक उत्पीड़न का सामना करते हैं | यह बिल नागरिकता अधिनियम (1955) को संशोधित करके पारित किया गया है | पूर्वोत्तर राज्य विशेषकर असम और त्रिपुरा के कई हिस्सों में व्यापक पैमाने पर इस संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं (CAB के बारें में यहाँ पढ़े) | इस वीडियो को इसी बिल के पास होने के संदर्भ में साझा किया गया है | 

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने इस वीडियो को इन्विड टूल का इस्तेमाल करके छोटे कीफ्रेम्स में तोड़कर और गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने से की, जिसके परिणाम में हमें २२ जनवरी २०१९ को एक यूट्यूब चैनल द्वारा प्रसारित वीडियो मिला | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “बांग्लादेश-सीमा में अवैध बांग्लादेशी अप्रवासी |”

इस वीडियो को इन्विड यूट्यूब थंबनेल सर्च के माध्यम से ढूँढने पर हमें २२ जनवरी २०१९ को न्यूज़ नेशन द्वारा प्रसारित वीडियो मिला | एंकर के अनुसार, वीडियो में बांग्लादेशी अप्रवासियों को असम के सिलचर में भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ करते हुए दिखाया गया है | 

आर्काइव लिंक 

हालाँकि हम स्वतंत्र रूप से इसे सत्यापित नहीं कर सकते और भी स्पष्ट नहीं है कि ये वीडियो कब शूट किया गया था | वीडियो में किसी विशिष्ट धर्म का उल्लेख नहीं है, यह न तो दावा करता है कि यह नागरिकता संशोधन बिल के कारण था | 

लेकिन यह स्पष्ट है कि उपरोक्त दावे के अनुसार ये वीडियो नागरिकता संशोधन बिल राज्यसभा और लोकसभा में पारित होने से ११ महीने पहले २२ जनवरी, २०१९ से ही इन्टरनेट पर उपलब्ध है, और इसका वर्तमान में CAB से कोई सम्बन्ध नहीं है |

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | यह वीडियो सोशल मीडिया पर नागरिकता संशोधन बिल पास होने के ११ महीने पहले से इन्टरनेट पर उपलब्ध है | इस वीडियो के साथ नागरिकता संशोधन बिल पास होने का कोई संबंध नही है |

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Title:पुराने वीडियो को नागरिकता (संशोधन) विधेयक (CAB) के पारित होने से बाद का बता, गलत दावे के साथ फैलाया गया है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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