क्या भाजपा, शिवसेना, आरएसएस ने मुसलमानों को मतदान करने से रोका?

False National Political
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७ मई २०१९ को विवेक भारती नामक एक फेसबुक यूजर ने एक विडियो पोस्ट किया | विडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि मुसलमानों को वोट देने से रोक रहे है मोदी सरकार बीजेपी आरएसएस शिवसेना वाले बुड्ढे बच्चे और महिलाओं पर मारपीट कर रहे हैं इस वीडियो को मीडिया वाले शेयर नहीं करेगा इसलिए इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और आर एस एस और मोदी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए . कहां है चुनाव आयोग क्या मोदी के तलवे चाट रहा है |”

विडियो में हम पुलिसकर्मियों को लोगों पर लाठीचार्ज करते हुए देख सकते है | इस विडियो के माध्यम  से दावा किया गया है कि मुस्लिम समुदाय के सदस्यों को वोट डालने की अनुमति नहीं है | विडियो के विवरण द्वारा भाजपा, आरएसएस, शिवसेना पर आरोप लगाता है कि उन्होंने मुस्लिम समुदाय को वोट देने के अधिकार का प्रयोग करने से रोका | यह विडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में है और तेजी से साझा किया जा रहा है |

आर्काइव लिंक

२०१९ के लोक सभा चुनाव के चलते काफ़ी पुराने विडियो को नए दावे के साथ वायरल किया जा रहा है | क्या वास्तव में भाजपा, आरएसएस और शिवसेना द्वारा मुसलमानों का वोट देने का अधिकार छीना गया? जानिए सच |

संशोधन से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुआत हमने इस विडियो को इनविड टूल का इस्तेमाल करके इस विडियो को कीफ्रेम्स में तोडा | इन कीफ्रेम्स को हमने गूगल व यांडेक्स रिवर्स इमेज सर्च किया | परिणाम से हमें कुछ मिलता जुलता नहीं मिला | इसके बाद हमने विडियो की बारीकी से जाँच की तो पाया कि इस विडियो में पीछे गुजराती भाषा में साईन बोर्ड है | गूगल ट्रांसलेट से माध्यम हमें पता चला कि बोर्ड पर डीलक्स पार्लर लिखा गया है |

इस विडियो को ध्यान से सुनने पर हमें पता चलता है कि विडियो में सब गुजराती भाषा में बात कर रहे है | इससे हम थोडा स्पस्ट हो सकते है की यह विडियो गुजरात की हो सकती है | इसके बाद हमने वीडियो के कीफ़्रेम्स को यांडेक्स पर ढूँढा | हमें एक ट्वीट की लिंक मिली जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि यह घटना गुजरात में अहमदाबाद के जिला विरामगाम नामक जगह पर हुई थी | इस ट्वीट को ३ अप्रैल २०१९ को किया गया था |

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ट्विटर पर अलग अलग कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए ढूंढने पर हमें मुसलमानों के खिलाफ दमन का दस्तावेज (डीओएएम) द्वारा की गयी ट्वीटफेसबुक पोस्ट मिले | इसी विडियो को साझा करते हुए लिखा गया है कि “रविवार को एक उग्रवादी भीड़ ने मुस्लिमों द्वारा दफन जमीन की दीवार का उपयोग करने के लिए एक हिंदू महिला को रोकने के बाद # अहमदाबाद के वीरमगाम में हमला कर दिया। # गुजरात पुलिस ने हस्तक्षेप किया और महिलाओं सहित मुसलमानों पर हमला किया |”

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक

इसके पश्चात हमने इस खबर को गूगल पर ढूँढा | १ अप्रैल २०१९ को टाइम्स ऑफ़ इंडिया के अनुसार, गुजरात के विरामगाम इलाके में एक घटना घटी जब मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने एक महिला द्वारा कब्रिस्तान की दीवार पर “कपड़े” सुखाने का विरोध किया |

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इस खबर से सम्बंधित गुजराती कीवर्ड्स को गूगल पर ढूँढने पर हमें १ अप्रैल २०१९ को अकिला न्यूज़ द्वारा प्रकाशित खबर मिली | खबर के हैडलाइन का अनुवाद इस प्रकार है – “वीरमगाम में कब्रिस्तान की दीवार के संबंध में एक समूह ठाकोर-मुस्लिम के बीच झड़प हुई |” अकिला न्यूज़ के लेख में उक्त घटना की कई तस्वीरें थीं | हमने पाया कि खबर में दिखाई गई तस्वीरें, वायरल वीडियो में फ्रेम से समान है |

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१ अप्रैल २०१९ को इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट से पता चलता है कि वीरमगाम शहर के भट्टीपुरा इलाके में दो समुदायों के बीच लड़ाई के बाद कम से कम ६ लोग घायल हो गए और १५ लोगों को हिरासत में लिया गया | यह घटना तब हुई जब एक महिला एक दफन जमीन की दीवार पर धुले हुए कपड़े सुखाने की कोशिश कर रही थी और कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई और इससे दो समूहों के लोगों के बीच हिंसक टकराव हुआ |

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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है क्योंकि यह विडियो अप्रैल २०१९ का है और इसके साथ लोक सभा चुनाव का कोई संबंध नहीं है | गुजरात के विरमगाम की एक घटना का वीडियो, जो चुनाव शुरू होने से पहले का है, अब भ्रमित तरीके से साझा किया जा रहा है यह कहकर कि मुसलमानों को लोकसभा चुनावों में मतदान से रोका जा रहा है |

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Title:क्या भाजपा, शिवसेना, आरएसएस ने मुसलमानों को मतदान करने से रोका?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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