FACTCHECK:-यह तस्वीर भारतीय वायुसेना द्वारा काबुल में फसें भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट करने से संबंधित नहीं है |

False International
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हालही में अफगानिस्तान पर तालिबान ने कब्ज़ा कर लिया है, इसके चलते सोशल मंचों पर कई वीडियो व तस्वीरें साझा की जा रही है। विभिन्न देशों द्वारा अफगानिस्तान से अपने नागरिकों को बाहर निकला गया है और इसी सन्दर्भ में  एक तस्वीर इंटरनेट पर काफी तेज़ी से साझा की जा रही है, जिसमे आप हवाई जहाज़ के अंदर काफी सारे लोगों को बैठे हुए देख सकते है | इस तस्वीर के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर अफ़ग़ानिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को भारतीय वायुसेना द्वारा सी-१७ जहाज से एयरलिफ्ट करने की है | आगे कहा गया है कि सी-१७ ग्लोब मास्टर के द्वारा भारतीय वायुसेना के द्वारा अफ़ग़ानिस्तान में फंसे ८०० नागरिकों को काबुल से एयरलिफ्ट किया गया  | दावे अनुसार यह संभवतः एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड है जिसका श्रेय  भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया गया है |

न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार भारत ने १६ अगस्त को लगभग २४ घंटे से अधिक वार्ता  के बाद आई.ए.एफ सी-१७ विमान का उपयोग करके काबुल से भारतीय नागरिकों के दूसरे बैच को निकाला था | 

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि

 “जिन्हें नहीं समझ आ रहा वो जान लें यह भारतीय वायुसेना के C-17 ग्लोब मास्टर जहाज के अंदर का दृश्य है। C-17 ग्लोब मास्टर जिसमें 800 लोगों को एक साथ काबुल से एयरलिफ्ट किया गया है…. सम्भवतः एक नया रिकॉर्ड होगा। मोदी है तो मुमकिन है |”

फेसबुक पोस्ट 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने पाया है कि इस तस्वीर का भारत वायु सेना या वर्तमान अफ़ग़ानिस्तान से निकाले गए नागरिकों से कोई संबंध नही है | यह तस्वीर २०१३ में खिचीं गयी थी जब फिलीपींस में आए सुपर टाइफून हैयान से क्षतिग्रस्त लोगों को यूएस द्वारा बचाया गया था | 

जाँच की शुरुवात हमने इस तस्वीर को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च करने के की, जिसके परिणाम में हमें १६ अगस्त २०२१ को डेली मेल यूके द्वारा प्रकाशित की हुई एक न्यूज़ रिपोर्ट प्राप्त हुई | इस न्यूज़ रिपोर्ट में तस्वीर को साझा करते हुए विवरण में लिखा गया है कि २०१३ में, अमेरिकी वायु सेना ने ६७० लोगों को फिलीपींस में आये तूफान से बचाने के लिए सी-17 पर रखा था , इस तस्वीर के क्रेडिट यूएस एयर फाॅर्स को दिया गया है | इस न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार वायरल हो रही तस्वीर २०१३ की है |

A large crowd of people  Description automatically generated with low confidence

इस तस्वीर को यूएस के एयर फाॅर्स के अपने अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करते हुए विवरण में लिखा है कि १७ नवंबर,२०१३ को फिलीपींस में आए सुपर टाइफून हैयान के बाद मनीला में निकाले जाने से पहले ६७० से अधिक टैक्लोबैन निवासियों को सी-17 ग्लोबमास्टर III पर बैठाते हुए उन्हें शरण दी गई थी। फिलीपींस में क्लार्क एयर बेस में उन्हें ऑपरेशन दमयान के समर्थन में भेजा गया था जो मानवीय सहायता और आपदा राहत प्रयास के हेतु किया जा रहा है । इस तस्वीर  को १९ दिसंबर २०१३ में अमेरिकी वायु सेना के स्टाफ सार्जेंट रेमन ब्रॉकिंगटन ने खींचा था |

तालिबान के अफ़ग़ानिस्तान पर कब्ज़े से संबंधित अन्य फैक्ट चेक को आप नीचे पढ़ सकते है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त तस्वीर के माध्यम से किये गये दावों को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर भारतीय वायु सेना का अफ़ग़ानिस्तान में फसें भारतीय नागरिको को एयर लिफ्ट करने की नहीं है बल्कि यह तस्वीर २०१३ में खीची गयी थी जब फिलीपींस में आए सुपर टाइफून हैयान से क्षतिग्रस्त तल्कोबन नागरिकों को सी-१७ से राहत व शरण देते हुए मनीला भेजा जा रहा था |

फैक्ट क्रेसेंडो द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक पढ़ने के लिए क्लिक करें :

१. महिलाओं द्वारा फिल्म डायरेक्टर की पीटाई के वीडियो को भा.ज.पा से जोड़ गलत दावे के साथ वायरल किया जा रहा है।

२. मेक्सिको में मगरमच्छ के महिला पर हमला करने के वीडियो को भारत का बताकर फैलाया जा रहा है |

३. समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा राम मंदिर पर किया कथित विवादित ट्वीट का स्क्रीनशॉट ट्वीट फर्ज़ी है।

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Title:यह तस्वीर भारतीय वायुसेना द्वारा काबुल में फसें भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट करने से संबंधित नहीं है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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