गोरखपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की प्रेस कॉन्फ़्रेन्स वीडियो को एडिट कर साझा किया जा रहा है।

False National Social
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१२ सितंबर २०१९ को “कैलाश आर्य” नामक एक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया और इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि ऐसा भिकारी बनकर बहुत लोग निकले हैं बच्चों को पकड़ने के लिए कृपया आप सावधान रहें और अपने बच्चे को भी सावधान रखे क्योंकि हमारे इलाके में अभी बहुत सारे आदमी पकड़ा गए हैं जैसे कि यह वीडियो देख रहे हैं | आपकी आवाज टेढ़ागाछ |” वीडियो में हम यूपी के पुलिस अधिकारी को मीडिया से बात करते हुए सुन सकते है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए दावा किया जा रहा है कि यूपी पुलिस वीडियो में बच्चा अपहरणकर्ताओं   के गिरोह के बारे में लोगों को सूचित कर रहे है | इस वीडियो में एक समाचार बुलेटिन दिखाया गया है जिसमें गोरखपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एसपी), डॉ. कौस्तुभ प्रेस से बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं | 

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुआत हमने इस वीडियो को ध्यान से सुनने से की तो पाया कि डॉ. कौस्तुभ के वीडियो के साथ बैकग्राउंड में आवाज़ को सिंक किया गया है | इसके अलावा, २८ सेकंड पर पुलिस अधिकारी बोलना बंद कर देतें है, परंतु वॉइस ओवर के माध्यम से वायरल संदेश को सुना जा सकता है |

हिंदी में डाले गए ऑडियो में कहा गया है, “यह नहीं कहें कि घर पर कोई नहीं है, बाद में आना | यदि आपके पास एक कुत्ता है, तो उसे उन पर सेट करें और मुख्य द्वार न खोलें। सतर्क रहें और घर में बच्चों का ध्यान रखें । बरगदवा (गोरखपुर) से आ रही ख़बरों से पता चलता है कि भिखारियों का रूप बदल कर ५०० से अधिक लोग घूम रहे हैं । वे सड़क पर जिनसे भी मिलते हैं, उनके अंग निकाल लेते हैं । केवल ६-७ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है। उन्होंने कबूल किया है कि ५०० ​​से ज्यादा लोग शिकार की तलाश में घूम रहे हैं। तो दोस्तों, हर किसी को संदेश अग्रेषित करें और सुरक्षित रहें । बच्चों सहित समूहों में १५ से २० लोग हैं, इसमें बच्चे और महिलाऐं भी है और उनके पास हथियार भी ह, वे रात में देर से आते हैं और यदि आपको बच्चों के रोने की आवाजें सुनाई देती हैं, तो दरवाजा न खोलें । यह संदेश सभी ओर फ़ैल जाना चाहिए । जनहित में जारी – गोरखपुर पुलिस।” वायरल वीडियो में दिया गया संदेश गोरखपुर पुलिस के नाम से फ़ैलाया जा रहा है |

हमने वीडियो के कोने पर एक समाचार चैनल – गोरखपुर समाचार – का लोगो देखा | इसके पश्चात हमने यूट्यूब पर “samachar gorakhpur dr. kaustubh” कीवर्ड्स को सर्च किया जिसके परिणाम से हमें १२ सितंबर २०१९ को गोरखपुर न्यूज़ द्वारा प्रकाशित न्यूज़ बुलेटिन मिली | इस वीडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि “गोरखपुर न्यूज के २४ अगस्त को ऑन एयर एक समाचार को कटपेस्ट कर किया गया वायरल” | 

इस वीडियो में हम गोरखपुर के एसपी डॉ कौस्तुभ को खुद इस बात को कहते हुए सुन सकते है कि उनके एक प्रेस कांफ्रेंस के वीडियो को एडिट करते हुए सिर्फ १ मिनट २६ सेकंड को एक गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है | साथ ही उन्होंने इस बात पर काफी जोर देते हुए कहा कि गोरखपुर में ऐसी कोई भी घटना नही हुई है |

इसके पश्चात हमने यूटूब पर कीवर्ड सर्च के माध्यम से मूल वीडियो को ढूँढा, परिणाम से हमें २४ अगस्त २०१९ को गोरखपुर न्यूज़ द्वारा प्रसारित वीडियो मिला जिसके अनुसार हम न्यूज़ एंकर को एक कहते हुए सुन सकते है कि “गोरखपुर से जुड़े हुए एक मैसेज को पूर्ण रूप से फर्जी बताते हुए एसपी सिटी ने कहा कि गोरखपुर में एक गलत मैसेज साझा किया जा रहा है” | इसके पश्चात २० सेकंड से १ मिनट ३० सेकंड तक हम एंकर को एक यह वायरल मैसेज पढ़ते हुए सुन सकते है | इसी क्लिप को एडिट करते हुए सोशल मीडिया एक गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है | असल में पूरा वीडियो इसी वायरल मैसेज को खारिज करने का है | 

न्यूज़ बुलेटिन में, कौस्तुभ कहते हैं, “अवैध कारोबारियों और बाल अपहर्ताओं के बारे में सोशल मीडिया पर एक संदेश वायरल है और इसे उत्तर प्रदेश पुलिस के नाम से फ़ैलाया जा रहा है | यह एक अफवाह है और इस तरह का कोई भी समूह शहर में नहीं घूम रहा है । यदि कोई व्यक्ति या घटना संदेह पैदा करती है, तो हम नागरिकों से जल्द से जल्द पुलिस को सूचित करने का अनुरोध करते हैं ।”

मूल वीडियो में कौस्तुभ अफवाहों पर विश्वास ना करने की अपील कर रहे हैं, जबकि एडिट किए गए वीडियो में हिंदी वॉइस ओवर है जिसमें कहा गया है कि, “भिखारियों के रूप में ५०० से अधिक अंग व्यापारी शिकार (बच्चे) तलाश रहे हैं” | 

हमने गोरखपुर के अतिरिक्त एसपी (शहर) डॉ कौस्तुभ से संपर्क किया जिन्होंने अंग व्यापारियों द्वारा लोगों पर हमला करने जैसे किसी भी तरह से संदेश से इंकार किया | उन्होंने हमें बताया कि “ये उस क्लिप का हिस्सा है जब एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैंने इस वायरल मैसेज को फर्जी बताया था और कहा था कि ऐसा कोई बच्चा चोर गिरोह गोरखपुर में सक्रिय नहीं है | वीडियो के शुरू और अंत के भाग को हटाया गया है जिससे इसका मूल मतलब बदल गया है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | उत्तर प्रदेश पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के क्लिप्ड और एडिटेड वीडियो को सोशल मीडिया पर झूठे दावों से साथ फैलाया जा रहा है | मूल वीडियो में अवैध अंग व्यापारियों और बाल अपहर्ताओं के बारे में संदेशों पर विश्वास नहीं करने की बात कही गई थी, जबकि एडिटेड वीडियो का इस्तेमाल बच्चे के अपहरण की अफ़वाह फैलाने के लिए किया जा रहा है |

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Title:गोरखपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की प्रेस कॉन्फ़्रेन्स वीडियो को एडिट कर साझा किया जा रहा है।

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: Aavya Ray


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