धर्म और राजनीति का एक ऑडियो नोट लक्ष्मी मित्तल के नाम से फैलाया जा रहा है |

False National Political
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Photo Credits- Forbes

२३ सितम्बर २०१९ को फैक्ट क्रेसेन्डो के वाट्सऐप नंबर- 9049053770 पर एक मैसेज हमारे पाठक द्वारा सत्यता जांचने के लिए भेजा गया | यूनाइटेड किंगडम स्थित स्टील मैग्नेट लक्ष्मी मित्तल के नाम से व्हाट्सएप पर एक ऑडियो फाइल वायरल की जा रही है | मैसेज में लिखा गया है कि यह ऑडियो भारत के दुसरे सबसे बड़े स्टील उद्पदक श्री लक्ष्मी मित्तल का है | मैसेज के साथ एक ऑडियो संग्लित किया गया है | जब हमने उपरोक्त मैसेज अन्य सोशल मीडिया ऐप्स पर ढूंढा तो यह ज्ञात हुआ कि यह पोस्ट वाकई काफ़ी चर्चा में है | २० सितंबर २०१९ को “मनोज भट्ट” नामक एक फेसबुक यूजर ने भी इस सन्देश के साथ ऑडियो को पोस्ट किया | 

लक्ष्मी मित्तल का जन्म भारत में हुआ और वे दुनिया की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड स्टील और खनन कंपनी, आर्सेलर मित्तल के अध्यक्ष हैं |

ऑडियो फाइल में वक्ता को पीएम मोदी, धर्मनिरपेक्षता, भारत की हिंदू पहचान और राम जन्मभूमि जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए सुना जा सकता है |

यहाँ ऑडियो क्लिप से कुछ बयान हैं:

ऑडियो आरोप लगाता है कि जब भी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी कुछ भी करते हैं उसे “हिंदू धर्म के चश्मे से देखा जाता है” और यह बात विकास के लिए एक बाधा बन जाता है |

“This is one first prime minister who looks at India first and we are accusing him. He happens to be Hindu. So be it. It is a 10,000-year-old country. Hindus belong here, where else will they go?” 

हिंदी में अनुवाद- उन्होंने कहा, “यह पहला प्रधानमंत्री है जो पहले भारत की भले के बारें में सोचता है और हम उस पर आरोप लगा रहे हैं | वे हिन्दू धर्म का है | अगर ऐसा है तो ऐसा ही होगा | यह १०००० साल पुराना देश है | हिंदू धर्म के लोग येही के है, वे और कहां जाएंगे?”

“It was Nehru’s fault to have declared India as a secular country. Today 99% of the politicians are bending backwards to appease the minorities.”

हिंदी में अनुवाद- “नेहरू की गलती थी कि उन्होंने भारत को धर्मनिरपेक्ष देश घोषित किया था | आज ९९% राजनेता अल्पसंख्यकों को खुश करने के लिए उनकी ओर झुक रहे हैं |”

“Hindus are one community that has been subjugated, humiliated, massacred.”’

हिंदी में अनुवाद- “हिंदू एक समुदाय है जिन्हें वशीभूत, अपमानित,व नरसंहार किया गया है |”

अनुसंधान से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुआत हमने लक्ष्मी मित्तल से संपर्क करने से किया, उन्होंने हमें बताया कि “यह लक्ष्मी मित्तल का आवाज नही है, इस बात की पुष्टि हमने उसी दिन कर दी थी जिस दिन यह वौइस् क्लिप वायरल हुआ था |” 

क्लिप के वायरल होने के बाद, दुनिया के सबसे बड़े स्टील निर्माता आर्सेलर मित्तल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के माध्यम से पहले ही इनकार कर दिया था | लक्ष्मी मित्तल कंपनी (आर्सेलर मित्तल) की अध्यक्ष और सीईओ हैं |

१९ सितंबर २०१९ को ट्वीट में लिखा गया है कि “हमारे अध्यक्ष और सीईओ द्वारा भारतीय राजनीति और धर्म पर टिप्पणी करने का दावा करते हुए एक ऑडियो फ़ाइल ऑनलाइन प्रसारित हो रही है | हमें नहीं पता कि स्पीकर कौन है, लेकिन यह श्री लक्ष्मी मित्तल नहीं हैं |”

आर्काइव लिंक

क्लिप में कई सुराग हैं जो इस बात को साबित करते है कि यह आवाज लक्ष्मी मित्तल, आर्सेलर मित्तल ग्रुप की अध्यक्ष की नही हैं | ऑडियो में आवाज और उच्चारण लक्ष्मी मित्तल के उपलब्ध इंटरव्यू के साथ मेल नही खाते हैं | 

हमें कई अन्य सुराग मिले हैं जो बताते हैं कि स्पीकर लक्ष्मी मित्तल नहीं हैं |

ऑडियो में व्यक्ति वर्णन करता है:

My grandfather was one of the second largest steel manufacturers in the country after Tatas. And we were so heavily restricted by the British government, not to allow, not manufacturing more. We were not even allowed to manufacture screws and nails which used to be imported from Sheffield and Manchester and Bristol.” He further says, “I have friends in UK and Germany. I worked for 3 1/2 years in Munich.”

हिंदी में अनुवाद- “मेरे दादाजी टाटा के बाद देश के दूसरे सबसे बड़े स्टील उत्पादक में से एक थे | और हम ब्रिटिश सरकार द्वारा बहुत अधिक प्रतिबंधित थे, हमें अधिक निर्माण करने की अनुमति नहीं था | हमें स्क्रू और कील बनाने की भी अनुमति नहीं थी जो शेफ़ील्ड और मैनचेस्टर और ब्रिस्टल से आयात किया जाता था |” वह आगे कहते हैं, “मेरे यूके और जर्मनी में दोस्त हैं | मैंने म्यूनिक में साड़े तीन साल तक काम किया था |”

लक्ष्मी मित्तल के पिता, मोहनलाल मित्तल ने भारत को स्वतंत्रता मिलने के बाद परिवार के स्टील व्यवसाय की स्थापना की और ब्रिटिश शासन के दौरान भारत की दूसरी सबसे बड़ी स्टील कंपनी चलाने वाले उनके दादा का कोई रिकॉर्ड नहीं है | फोर्ब्स के सबसे अमीर परिवारों की सूची में मित्तल परिवार का भी नाम है, इसके अनुसार लक्ष्मी मित्तल के पिता मोहन लाल ने १९५० के दशक में परिवार के स्टील निर्माण व्यवसाय की शुरुआत की थी | घर में बाधाओं का सामना करते हुए, उन्होंने १९७६ में लक्ष्मी को इंडोनेशिया भेजा जहां उन्होंने एक प्लांट स्थापित किया |

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक फोर्ब्स  

हम स्वतंत्र रूप से यह सत्यापित नहीं कर सके कि वायरल ऑडियो क्लिप में स्पीकर कौन है लेकिन हम स्पष्ट कर सकते हैं कि यह दावे अनुसार लक्ष्मी मित्तल की आवाज़ नहीं है |

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | ऑडियो नोट लक्ष्मी मित्तल द्वारा नहीं कही है | फैक्ट क्रेस्सन्डो को उन्होंने खुद यह बात बताया है कि यह आवाज़ उनकी नही है | उनकी कंपनी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट ने भी स्पष्ट किया कि ऑडियो में सुना गया व्यक्ति लक्ष्मी मित्तल नहीं है |

Avatar

Title:धर्म और राजनीति का एक ऑडियो नोट लक्ष्मी मित्तल के नाम से फैलाया जा रहा है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply