क्या भाजपा के विधायक अनिल उपाध्याय दलित लड़कों को पीट रहे है?

False National Political
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२९ अप्रैल २०१९ को “सिर्फ सती से प्रेम” नामक एक फेसबुक पेज ने एक विडियो पोस्ट किया | विडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि B.j.p. विधायक अनिल उपाध्याय की इस हरकत पर क्या कहेगे मोदीजी, इस विडियो को इतना वायरल करो की ये पूरा हिन्दुस्तान देख सके”

विडियो में हम कुछ लोगों को एक लड़के को डंडे से पीटते हुए देख सकते है | इस विडियो के माध्यम से यह दावा किया जा रहा है कि मारने वाले व्यक्ति का नाम अनिल उपाध्याय है और वह भाजपा विधायक है और जिस लड़के को पीटा जा रहा है वह एक दलित लड़का है | इसी विडियो को दुसरे शीर्षक के माध्यम से भी साझा किया जा रहा है | अब्दुल रज़ाक भोले नामक फेसबुक यूजर के द्वारा अपलोड किये गए विडियो के शीर्षक में लिखा गया है कि B.j.p. विधायक अनिल उपाध्याय की इस हरकत पर क्या कहेगे मोदी जी,इस विडियो को इतना वायरल करो की ये पूरा हिन्दुस्तान देख सके..👇 दलित पिछड़े अलीशान कार में नहीं घूम नहीं सकते हैं”

वही विडियो को साझा करते हुए लिखा गया है कि भाजपा के विधायक अनिल उपाध्याय ने इस दलित लड़के को एक आलिशान गाड़ी में घुमने के लिए पीटा | यह विडियो सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चा में है | फैक्ट चेक किये जाने तक इस विडियो को लगभग १००० प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो चुकी थी |

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सोशल मीडिया पर लोक सभा चुनाव के कारण कई बहुत से पुराने विडियो को लोग राजनीति से जोड़कर अलग अलग कथन द्वारा साझा कर रहे है, लेकिन क्या वायरल हो रहे इस वीडियो में इस लड़के को पीटता हुआ यह व्यक्ति भाजपा विधायक है?  हमने सच्चाई जानने की कोशिश की |

संशोधन से पता चलता है कि..

जांच की शुरुआत हमने अनिल उपाध्याय नामक कांग्रेस विधायक को ढूँढने से की | गूगल पर सर्च करने से हमें MyNeta.info के वेबसाइट का लिंक मिला | हमने MyNeta डेटाबेस पर खोजा तो पाया की अनिल उपाध्याय नाम का कोई भाजपा विधायक नहीं है | इसी नाम से दो व्यक्तियों का प्रोफाइल हमें मिला | पहला- जोधपुर के एक बीएसपी नेता डॉ अनिल उपाध्याय, जिन्होंने २०१८ में राजस्थान से चुनाव लड़ा | दूसरा प्रोफाइल लखनऊ से निर्दलीय उम्मीदवार अनिल कुमार उपाध्याय, जिन्होंने २००७  और २०१२ में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा था | लेकिन ईस नाम से मध्य प्रदेश का कोई कांग्रेसी नेता नहीं है |

आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक | आर्काइव लिंक

यह स्थापित होने के बाद कि वीडियो में मौजूद व्यक्ति भाजपा विधायक नहीं है, हमने उपरोक्त व्यक्ति की पहचान ढूँढने की कोशिश की |

इस विडियो को ध्यान से सुनने से विडियो में हम पीटते हुए लड़के को “पप्पा नहीं करू, पापा नहीं करू, मारही भूल है” कहते हुए सुन सकते है | यह लड़का गुजराती भाषा में इन शब्दों का उच्चारण करता  है |

इस पश्चात हमने इस विडियो को इनविड पर अलग अलग कीफ्रेम्स में तोड़कर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया | परिणाम से हमें यही विडियो लाइव लीक के वेबसाइट पर मिला | यह विडियो ५ अप्रैल २०१७ को अपलोड किया गया था | खबर के शीर्षक में लिखा गया था कि भारत में एक ससुर ने अपने दामाद को खूब पीटा | खबर में लिखा गया है कि यह घटना गांधीनगर गुजरात की है |

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इसके बाद हमने इस खबर को गूगल सर्च के माध्यम से ढूँढने की कोशिश की | हमें ५ अप्रैल २०१७ को टाइम्स ऑफ़ इंडिया के द्वारा प्रकाशित खबर मिली | इस खबर में दिए गए जानकारी के अनुसार हमें पता चला कि वीडियो २०१७ के गुजरात के गांधीनगर में हुई एक घटना का है | वीडियो में जिस शख्स के साथ मारपीट की गई है वह हार्दिक भारवाड है जो अहमदाबाद के नवा वडाज का निवासी है |

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह वीडियो १९ मार्च २०१७ का है, जब भरवाड़ ने अपने घर पर अपनी पत्नी रतन के साथ मारपीट करने की कोशिश की, उसके चचेरे भाई और रिश्तेदारों ने उसे पकड़ लिया क्योंकि वह उसकी कार के पास आ रहा था और उसको जमकर पीटा | समूह ने भारवाड की कार को भी नुकसान पहुंचाया, जैसा कि वीडियो में देखा जा सकता है |

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४ अप्रैल २०१७ को यह खबर मुंबई मिरर ने भी प्रकाशित की थी |

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हमें ४ अप्रैल २०१७ को आई ऍम गुजरात द्वारा यह खबर गुजराती में भी मिला |

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इस खबर को ३ अप्रैल २०१९ को इंडिया टीवी के यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है |  

इसके पहले भी एक आम आदमी द्वारा कहे गए शब्दों को विडियो के माध्यम से वायरल करते हुए यह दावा किया गया है कि विडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ कर रहा यह व्यक्ति कांग्रेस विधायक है | फैक्ट क्रेस्केंडो ने इस दावे का सच सामने रखा था |

निष्कर्ष: तथ्यों की जांच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | उपरोक्त पोस्ट में किये गए दावें गलत है क्योंकि यह विडियो दो साल पुराना है और इससे कोई भी राजनितिक दल का संबंध नहीं है | भाजपा में अनिल उपाध्याय नामक कोई विधायक नहीं है | इस पोस्ट को उस व्यक्ति और उस पार्टी के बारे में नकारात्मक भावनाओं को व्यक्त करने के लिए बनाया गया है जिससे वह जुड़ा हुआ है, जो २०१९ के लोकसभा चुनावों के महत्वपूर्ण समय के दौरान मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है |

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Title:क्या भाजपा के विधायक अनिल उपाध्याय दलित लड़कों को पीट रहे है?

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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