क्या अयोध्या के राम मंदिर में एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों को आने की अनुमति नहीं होगी? 

Communal False

अयोध्या के राम मंदिर में सभी धर्मों के लोगों को जाने की अनुमति है। इस बात की पुष्टि हमने राम मंदिर के ट्रस्ट से की है।

इन दिनों इंटरनेट पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। उसमें लिखा हुआ है कि अयोध्या में बन रहे राम मंदिर में एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों को जाने की अनुमति नहीं रहेगी। 

वायरल हो रहे पोस्ट में लिखा है, “इसका मतलब ओबीसी SC-ST हिंदू नहीं है भक्तों हिंदुराष्ट्र व रामराज की जय जपनाम लमो लमो जय श्रीराम भक्तों बजाओ ताली।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

जाँच की शुरुवात हमने गूगल पर किवर्ड सर्च कर की। परिणाम में हमें ऐसा कोई विश्वासनीय समाचार नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि कर सके।

फिर फैक्ट क्रेसेंडो ने श्री राम जन्मभूमी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि, “ये खबर सरासर झूठी है। राम मंदिर में सभी धर्म के लोगों को जाने की अनुमति है। वहाँ किसी के भी जाने पर रोक नहीं लगाया गया है।“

आगे बढ़ते हुये 5 अगस्त 2020 को प्रकाशित द प्रिंट के वेबसाइट पर हमने पाया कि तीन दशक पहले अयोध्या के राम मंदिर की आधारशिला दलित वर्ग के कामेश्वर चौपान ने रखी थी। अब वे राम मंदिर ट्रस्ट के सक्रिय सदस्य है।  


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निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रही खबर गलत है। ऐसा कोई ऐलान नहीं किया गया है कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को लोगों को अयोध्या के मंदिर में जाने की मनाई है। श्री राम जन्मभूमी तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा इस वायरल दावे को ख़ारिज किया गया है।

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Title:क्या अयोध्या के राम मंदिर में एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लोगों को आने की अनुमति नहीं होगी?

Fact Check By: Samiksha Khandelwal 

Result: False

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