ये एक चार साल पुरानी घटना है, इसका वर्तमान से कोई सम्बन्ध नहीं है|

False National Social
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१९ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘Vishal Malviya’ नामक एक यूजर द्वारा एक पोस्ट के माध्यम से एक वीडीयो साझा किया गया था | वीडियो में देवी की कुछ खंडित मूर्तियाँ दिखाई देती है | कुछ लोग इस बारे में बंगाली भाषा में बात कर रहे है, तथा उनकी बातों से पता चलता है कि, उनमे इस घटना से बहुत रोष है | किसने किया पता नहीं, लेकिन उसने हमारे धर्म के साथ खिलवाड़ किया है, इस तरह की बातें वीडियो में सुनाई देती है |           

पोस्ट के विवरण में लिखा गया है कि, 

पश्चिम बंगाल में नवरात्रि के लिए बनाई जा रही माता की मूर्तियों को खंडित किया गया ।

इस पोस्ट व्दारा किया यह दावा किया जा रहा है कि, पश्चिम बंगाल में आगामी काली पूजा के लिए देवी की जो मूर्तियाँ बनाई जा रही है, उन्हें कुछ असामाजिक तत्त्वों ने खंडित किया है | पश्चिम बंगाल में दिवाली के पूर्व काली पूजा का पर्व मनाया जाता है | इस वीडियो को इसी सन्दर्भ में वर्तमान का होने के दावे के साथ वायरल किया गया है | तो आइये जानते है इस वीडियो व दावे की सच्चाई |

मूल पोस्ट यहाँ देखें – ‘Vishal Malviya’  | ARCHIVE POST

अनुसंधान से पता चलता है कि…

सबसे पहले हमने विडियो को इन्विड टूल की मदद से छोटे-छोटे की फ्रेम्स में तोडा और उन टुकड़ों को रिवर्स इमेज सर्च किया | इस शोध से हमें गूगल, बिंगयांडेक्स में कुछ भी इच्छित परिणाम नहीं मिले | 

इसके उपरांत हमने ‘maa kali idol desecrated in west bengal’ इन की-वर्ड्स के साथ गूगल किया तो हमें जो परिणाम मिले, वह आप नीचे देख सकते है |

इस सर्च से हमें यू-ट्यूब का एक लिंक मिला | Prasun Maitra नामक एक यूजर ने १० नवम्बर २०१५ को एक वीडियो अपलोड किया है | यह वही वीडियो है, जो उपरोक्त पोस्ट के साथ साझा किया गया है | लेकिन २०१५ में अपलोड इस वीडियो के कैप्शन में लिखा है कि, पश्चिम बंगाल के हुगली में माँ काली की २५ मूर्तियाँ खंडित की गई | विवरण में लिखा है- पश्चिम बंगाल की आदरणीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आप हुगली जिले में देवी कालीमाता की २५ मूर्तियों को खंडित करने की खबर दबाने में असफल रही |

इसके अलावा हमें ‘worldhindunews.com’ नामक एक वेबसाइट पर १५ नवम्बर २०१५ को प्रकाशित एक खबर मिली | इस खबर में ठीक वैसी ही खंडित मूर्तियाँ दिखाई दे रही है, जैसी विडियो में दिखाई देती है | विवरण में लिखा है – A recent report tells us that 25 idols of “Maa Kali”, the Kali Puja is observed the night before Deepawali were beheaded and desecrated in Hooghly district of West Bengal in the evening of November 8, 2015, with the police not having taken any action against the mischief-makers. Source : World Hindu News (WHN)

हिंदी में अनुवाद इस प्रकार है – खबर मिली है कि, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में माँ काली की २५ मूर्तियाँ ८ नवम्बर २०१५ के शाम को खंडित कर दी गई | लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है | (स्रोत – वर्ल्ड हिन्दू न्यूज़)

पूरी खबर यहाँ पढ़ें –  ‘worldhindunews.com’ | ARCHIVE NEWS

इस शोध से हमें इन दावों का पता चला कि, पश्चिम बंगाल के हुगली जिले में पुरशुरा में यह घटना घटी थी | इस दावे की सत्यता जांचने के लिए हमने पुरशुरा पुलिस थाने से संपर्क किया | पुरशुरा पुलिस थाने के PSI देवाशीष चटर्जी इनसे २७ अगस्त २०१९ को दोपहर कॉल तथा व्हाट्स ऐप के माध्यम से संपर्क हुआ | उन्होंने हमें बताया की “यह विडियो पुरशुरा का ही है | हुगली जिले के पुरशुरा ब्लाक के हरुआ गाँव में २०१५ में यह घटना घटित हुई थी | इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था | बाद में छानबीन कर उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई | फ़िलहाल अरमबग सब डिवीज़नल कोर्ट में मामले की सुनवाई जारी है |”  

अतः पुलिस के द्वारा पुष्टि किये जाने से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त विडियो पश्चिम बंगाल का तो है, लेकिन चार साल पुराना है | उसे वर्तमान में घटी घटना का रूप देकर वायरल किया जा रहा है |

जांच का परिणाम :  इस अनुसंधान से यह स्पष्ट होता है कि, उपरोक्त पोस्ट में साझा विडियो के साथ किया गया दावा कि, “पश्चिम बंगाल में नवरात्रि के लिए बनाई जा रही माता की मूर्तियों को खंडित किया गया |” गलत है | यह विडियो चार साल पुराना है, वर्तमान का नहीं |

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Title:ये एक चार साल पुरानी घटना है, इसका वर्तमान से कोई सम्बन्ध नहीं है|

Fact Check By: R Pillai 

Result: False


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