अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के दौरान खुदाई में मिले प्राचीन पत्र की ख़बर झूठी व भ्रामक है।

False Religious
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गत वर्ष अगस्त 2020 में श्री राम मंदिर के भूमि पूजन के पश्चात अयोध्या में श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हुआ था जो कि वर्तमान में भी काफी जोरशोर से जारी है, ये अनुमान लगाया जा रहा है कि साल २०२४ तक अयोध्या में भव्य मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा, इसी सन्दर्भ में इन दिनों सोशल मंचों पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, वीडियो में हम एक बेलनाकार डब्बे से एक शख्स को एक पत्र निकालते हुये देख सकते है व उस पत्र पर हम प्राचीन छवियाँ देख सकते है। वीडियो के साथ यह दावा वायरल हो रहा है कि, अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की खुदाई के दौरान ये पत्र/ हस्तलिपि पायी गयी है।

वायरल हो रहे पोस्ट के शीर्षक में लिखा है, राम जन्मभूमि स्थल पर खुदाई के दौरान मिला कुछ ऐसा जिसे देख है सब हैरान – 488 साल इंतजार की सही परिणति। जय श्री राम ।“

फेसबुक | आर्काइव लिंक

आर्काइव लिंक

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच के दौरान पाया कि वायरल हो रही खबर सरासर गलत है। अयोध्या के राम जन्मभूमि के खुदाई के दौरान ऐसी कोई पत्र/ हस्तलिपि नहीं पायी गयी है।

जाँच की शुरुवात हमने वायरल हो रहे वीडियो को इनवीड-वी वैरिफाइ टूल के माध्यम से छोटे कीफ्रेम्स में काटकर व गूगल रीवर्स इमेज सर्च कर की, परिणाम में हमें यह वीडियो डिफाइन. एफसिसि नामक एक इंस्टग्राम पेज पर 10 अप्रैल 2020 को प्रसारित किया हुआ मिला। इस वीडियो के शीर्षक में कोई जानकारी नहीं दी गयी है।

इंस्टाग्राम पोस्ट | आर्काइव लिंक

इसके बाद हमने डिफाइन. एफसिसि नामक इस पेज के बायो को खंगाला तो हमें वहाँ से यह जानकारी मिली कि, “खजाने के बारे में निष्कर्ष और चित्र सोशल मीडिया से लिए गए हैं। यह शौक के उद्देश्य से स्थापित एक पेज है। आप विज्ञापन के लिए संपर्क कर सकते हैं।“

इसके बाद हमने गूगल पर कीवर्ड सर्च किया व यह जानने की कोशिश की कि क्या अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की खुदाई के दौरान ऐसा कोई भी पत्र/ हस्तलिपि पायी गयी थी, तो हमें ऐसा कोई भी विश्वसनीय समाचार लेख नहीं मिला जो इस बात की पुष्टि करता हो।

तदनंतर वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिये फैक्ट क्रेसेंडो ने अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के ट्रस्टी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा से संपर्क किया व उन्होंने हमें बताया कि, 

वायरल हो रहा दावा सरासर गलत व भ्रामक है। ऐसा कोई भी पत्र/ हस्तलिपि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण की खुदाई के दौरान अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।“

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने पाया कि वायरल हो रहे वीडियो के साथ जो दावा वायरल हो रहा है वह गलत है। अयोध्या में नवनिर्मित श्री राम जन्मभूमि मंदिर स्थल की खुदाई के दौरान ऐसा कोई पत्र/ हस्तलिपि नहीं पाई गई है।

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Title:अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य के दौरान खुदाई में मिले प्राचीन पत्र की ख़बर झूठी व भ्रामक है।

Fact Check By: Rashi Jain 

Result: False


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