क्या उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के मिनवॉ गांव में २ बिघा ज़मीन अंदर धंसी और धरती के अंदर से लावा निकला? जानिये सच |

False National Social
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२ जुलाई २०१९ को फेसबुक पर ‘Chanchal Pandey’ नामक एक यूजर ने एक पोस्ट साझा किया है | पोस्ट मे तीन तस्वीरें दी गयी है, जिसमे एक धंसी हुई ज़मीन की तस्वीर है और ऐसा प्रतीत होता है, जैसे ज़मीन के नीचे आग जल रही है | पोस्ट के विवरण में लिखा है – “प्रकृति का कहर | उत्तर प्रदेश गोरखपुर, सहजनवॉ ब्लॉक के अंतर्गत, मिनवॉ गांव में कन्या स्कूल के बगल में 2 बीघा जमीन धसी और अंदर धरती से निकल रही आग से सनसनी फैली बड़ा हादसा होने का संदेश मिल रहा है ज्वालामुखी फटने का बहुत बड़ा संदेश है नीचे से लावा निकल रहा है |” इस पोस्ट द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश, गोरखपुर के मिनवॉ गांव में २ बिघा ज़मीन अंदर धंसी और धरती के अंदर से लावा निकला |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

संशोधन से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले पोस्ट मे किये गए दावे को गूगल पर ‘underground fire in uttar pradesh’ की वर्ड्स से ढूंढा | हमें मिले परिणाम को आप नीचे देख सकतें है |

इस संशोधन मे हमें NDTV और weather.com द्वारा प्रसारित १५ जून २०१९ की एक ख़बर मिली | इस ख़बर के मुताबिक ऐसी एक घटना उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी जिले में घटी है, जिसमे ज़मीन के दरारों में से धुआं उठते देख वहाँ के गांव के लोग बौखला गये हैं | ज़मीन के नीचे आग भी दिखी है और कई जगह पर जलने के वजह से ज़मीन राख बन चुकी है | पूरी ख़बर पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

NDTVPost | ArchivedLink

weather.comPost | ArchivedLink

फिर हमने को गूगल मे ‘underground fire lakhimpur kheri uttar pradesh’ की वर्ड्स से ढूंढा | हमें मिले परिणाम आप नीचे देख सकतें है |

इस संशोधन में हमें उपरोक्त घटना से सम्बंधित प्रसारित कई समाचार मिले | सभी ख़बरों में घटित घटना के बारे में समान वर्णन किया हुआ है | ‘Socialnews.xyz’ द्वारा दी गई खबर में कई तस्वीरें भी इस्तेमाल की गयी है | यह तस्वीरें उपरोक्त दावे में दी गयी तस्वीरों से मिलती-जुलती है मगर अलग एंगल से खिंची गयी है | पूरी ख़बरों को पढने के लिये नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें |

Socialnews.xyzPost | ArchivedLink

LivehindustanPost | ArchivedLinkMillenniumPost | ArchivedLink
etvbharatPost| ArchivedLinkThehansindiaPost | ArchivedLink

इसके अलावा हमें १६ जून २०१९ को TOI द्वारा प्रसारित एक ख़बर मिली, जिसके मुताबिक वन विभाग और जिला प्रशासन ने JCB की मदद से घटनास्थल पर खुदाई की और ज़मीन के नीचे की आग को नियंत्रण में लाया | इसके अलावा जब वन विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया, तो उन्होंने इस घटना की पहचान उप-सतही आग के रूप में की | उप-सतह की आग कम तीव्रता की होती है, पौधों की जड़ों, धरण और पीट सहित वन तल के कार्बनिक पदार्थ और सतह के कूड़े को भस्म करती है | यह आग बहुत धीरे-धीरे फैलती है और ज्यादातर मामलों में, इस प्रकार की आग का पता लगाना और नियंत्रित करना बहुत कठिन हो जाता है । इस प्रकार की आग महीनों तक जलती रह सकती हैं और मिट्टी के वानस्पतिक आवरण को नष्ट कर सकती हैं |

दक्षिण खीरी वन प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी, समीर कुमार ने ऑपरेशन की निगरानी की और कई घंटों तक जंगल में रहे | उन्होंने आसपास के गांवों के ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आग उनके लिए खतरा नहीं है | उन्होंने TOI से कहा, “आग जंगल क्षेत्र में गहरी नहीं फैली थी, जैसे कि कोयला खदानों के आसपास के क्षेत्रों में होती है | हम आग क्षेत्र की जमीन पूरी तरह से खोदने में जल्द ही कामयाब होंगे । मृदा विशेषज्ञों ने भी वन क्षेत्र का दौरा किया है और स्थिति अभी हमारे नियंत्रण में है |”

TOIपोस्ट | ArchivedLink

इस संशोधन से इस बात की पुष्टि होती है कि यह घटना गोरखपुर की नहीं बल्कि लखीमपुर की है और यह कोई ज्वालामुखी से सम्बंधित घटना नहीं, बल्कि उप-सतह की आग का मामला है – जो अभी नियंत्रण में है |

फिर हमने लखीमपुर खेरी के जिला मजिस्ट्रेट श्री शैलेंद्र कुमार सिंह जी से संपर्क साधा | उनके निजी सहायक ने कहा कि इस विषय पर प्रभागीय वनाधिकारी, दक्षिण खीरी वन प्रभाग समीर कुमार ही विस्तार से बता पाएंगे | जब हमने समीर कुमार द्वारा दिए गए नंबर पर संपर्क साधने का प्रयत्न किया तो हमें दोनों नंबर बंद मिले | जैसे ही हम उनसे संपर्क स्थापित कर पाएंगे, हम इस पोस्ट को उनके दिए बयान से अपडेट करेंगे | 

इस संशोधन से हमें यह बात तो साफ़ पता चलती है की उपरोक्त चित्र में दर्शाया गया स्थान गोरखपुर नहीं, बल्कि लखीमपुर खेरी है और यह किसी ज्वालामुखी से सम्बंधित नहीं है, बल्कि ज़मीन के उप-सतह की आग का मामला था | यह पोस्ट गलत दावे के साथ भ्रम पैदा करने के लिए साझा की जा रही है |

जांच का परिणाम : इस संशोधन से हम इस निष्कर्ष पर आते हैं कि उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘उत्तर प्रदेश, गोरखपुर के मिनवॉ गांव में 2 बिघा ज़मीन धसी और धरती के अंदर से लावा निकला |’ ग़लत है | यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी की है और ज्वालामुखी का मामला नहीं है |

दावा : उत्तर प्रदेश, गोरखपुर के मिनवॉ गांव में 2 बिघा ज़मीन धसी और धरती के अंदर से लावा निकला |

सच्चाई : यह तस्वीर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खेरी की है और ज्वालामुखी का मामला नहीं है  |

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Title:क्या उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के मिनवॉ गांव में २ बिघा ज़मीन अंदर धंसी और धरती के अंदर से लावा निकला? जानिये सच |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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