मानसिक रूप से अस्वस्थ वृद्ध महिला को बच्चे चोरी के गलत आरोप में पीटा गया |

False National Political Social
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३ सितम्बर २०१९ को फेसबुक पर ‘सच्चाई वही दिखाओ जो सच है. इंडिया’ नामक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट की थी, इस पोस्ट में एक वृद्ध महिला का वीडियो दिखाते हुये ये बताया गया था कि “Baccha chor siwan me pakre gye h” इस पोस्ट के द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि ‘वीडीयो में दिखाई गई वृद्ध महिला को लोगों द्वारा बच्चा चोरी करते वक़्त रंगे हाथ पकड़ा गया |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

बच्चा उठाने वालों लो ले कर आज कल सोशल मीडिया में कई दावे वाइरल हो रहे हैं, अकसर ऐसे मामलों में लोग ग़लतफ़हमी का शिकार बन वृद्ध या मानसिक रूप से अस्वस्थ लोगों को बच्चा-चोर समझ के पीटते हुये पुलिस थाने ले जा रहे हैं, हमारे द्वारा ऐसे ही कई दावे हाल ही में ग़लत पाए गए व इसी के चलते हमने इस पोस्ट के बारे में जानकारी हेतु १२ सितंबर को सिवान जिले के SP नवीन चन्द्र झा से संपर्क किया| 

वीडियो को देखने पर उन्होंने कहा कि, “यह वृद्ध महिला मानसिक रूप से अस्थिर थी और रस्ते से जा रही थी | उसके पास से एक छोटा बच्चा साथ चलने लगा तो लोगों को शक़ हुआ कि यह वृद्ध महिला बच्चा चोर हो सकती है | इसी शक़ में इस महिला को इन लोगों ने पीटा और पूरे गांव में बिना कपड़े के घुमाया | बड़ी ही शर्मनाक घटना थी | हम इस घटना से जुड़े लोगों पर कारवाही कर रहें है | इस पूरे इलाके में अभी तक एक भी बच्चा चोर नहीं मिला है, मगर शक़ के घेरे में आकर लोग कई लोगों को बच्चा-चोर समझकर पकड़ रहें है | यह एक अफवाह है और मैं सबसे यह दरख्वास्त करता हूं कि कृपया कर ऐसी अफवाहों पर यकीन ना करें |”

इसके अलावा हमें SanmarglivePost द्वारा ३० अगस्त २०१९ को इस मामले में एक ख़बर प्रकाशित  मिली | इस ख़बर के मुताबिक, सिवान के एमएच नगर थाना अंतर्गत हरपालपुर गांव में बच्चा चोर समझ एक बूढ़ी महिला को न केवल ग्रामवासियों ने जमकर धुनाई की बल्कि कपड़ा उतार कर पूरे गांव में घुमाए जाने का सनसनी मामला सामने आया है | इसके साथ ही उपरोक्त ख़बर में उपरोक्त दावे से मिलता जुलता वीडियो भी प्रसारित है | 

SanmarglivePost | ArchivedLink 

इन अनुसंधानों से यह बात स्पष्ट होती है कि पोस्ट में दर्शायी महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और उनके गांव वालों ने गलत आरोप लगाकर अफवाह फैलायी थी | इस महिला की चिकित्सा और देखभाल के लिए उन्हें बिहार के एक मानसिक चिकित्सालय में दाखिला करवा दिया गया है | 

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा ‘तस्वीर में दिखाई देने वाली वृद्ध महिला बच्चा चोरी करते वक़्त रंगे हाथों पकड़ी गयी |’ ग़लत है |

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Title:मानसिक रूप से अस्वस्थ वृद्ध महिला को बच्चे चोरी के गलत आरोप में पीटा गया |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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