इस दिव्यांग व्यक्ति को यु.पी में बच्चा चोर समझकर पीटा गया|

False National Social
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२ सितम्बर २०१९ को “Deepak Bagiनामक एक फेसबुक यूजर ने एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसके शीर्षक में लिखा गया है कि “लोदीपुर अमेठी धम्मौर पुलिस स्टेशन बच्चे पकड़ने वाले पकड़ा गए हैं जिनको पब्लिक ने बहुत मारा प्रतापगढ़ सप्लाई करते थे डॉक्टर के पास धमोर थाने में बंद है प्लीज शेयर सारे ग्रुप में आप के जितने ग्रुप है उसमें शेयर कीजिए आपका बहुत-बहुत शुक्रिया |”

इस वीडियो में हम एक दिव्यांग व्यक्ति को भीड़ द्वारा पीटते हुए देख सकते है | इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि यह दिव्यांग व्यक्ति उत्तर प्रदेश अमेठी के लोदीपुर में बच्चा चोरी करते हुए पकड़ा गया है जिसके कारण उसे डंडों से पीटा गया है |

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव वीडियो 

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर काफी तेजी से साझा किया जा रहा है |

अनुसन्धान से पता चलता है कि..

जाँच की शुरुआत हमने इस वीडियो से जुडी ख़बरों को “UP Amethi child kidnapper” जैसे कीवर्ड्स का इस्तेमाल करते हुए ढूँढा, परिणाम से हमें २ सितम्बर २०१९ को NDTV द्वारा प्रकाशित खबर मिली | खबर में लिखा गया है कि उत्तर प्रदेश अमेठी के एक गाँव में बच्चे चोरी के शक़ के चलते भीड़ द्वारा पीटने पर एक मजदूर की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए | इस खबर के साथ एक वीडियो भी देखा जा सकता है जिसमे हम इस विव्यंग व्यक्ति को भी देख सकते है | प्रतापगढ़ के मजदूरों ने अपना काम खत्म करके घर लौटते वक़्त शराब लेने के लिए शराब की दुकान पर रुक गए जिसके चलते वे एक अन्य व्यक्ति के साथ बहस में पड़ गए, जो शराब की दुकान के बाहर नशे में था | 

आर्काइव लिंक 

इस घटना से बारें में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए हमने अमेठी की एसपी क्यागी गर्ग से संपर्क किया, उन्होंने हमें बताया कि 

“इस घटना के साथ बच्चा चोरी का कोई सम्बन्ध नही है | यह बच्चा चोरी वाली बात एक अफवाह है | PWD से तरफ से इलेक्ट्रिसिटी का काम चल रहा था और यह लोग इस काम के मजदुर थे | पास में ही एक शराब की दूकान थी जहाँ से इन लोगों ने शराब खरीदकर नशा किया था और नशे में वहां मौजूद एक व्यक्ति और इन मजदूरों के आपस में लड़ाई हो गयी थी, और फिर यह अफवाह फैला दी गयी थी कि यह लोग बच्चा चोर है | इसी के चलते गावं वालें इकट्टा हो गये और इन लोगों को बच्चा चोरी के संदेह से पीटने लगे | पीड़ित का नाम सियाराम है जिसकी मौत हो गयी है | २२ लोगों (७ मर्द और १५ अनजान व्यक्तियों) के खिलाफ आईपीसी धारा १४७, १४८, १४९, ३५३, ३२४, ३०७, ३०२, ४२७, ३२५ और SCST Act के तहत ऍफ़आईआर दर्ज कि गयी है | इन धारायों से आपको समझमे आजायेगा की कोई ऐसी धारा नही लगाई गयी है जिससे बच्चा चोरी का कोई संबंध हो | यह मजदूरों के बीच आपसी झगड़ों के कारण घटित घटना है, इसके साथ बच्चा चोरी का कोई संबंध नही है |”

यही स्पष्टीकरण अमेठी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से अमेठी से एसपी कयती गर्ग ने वीडियो के माध्यम से भी किया है, वीडियो में उन्होंने कहा है कि “पिटाई किये गये बारह लोगों में से एक की मौत हो गई जिसका नाम सियाराम था और वे सोनभद्र के निवासी थे | दो लोगों की हालत गंभीर हैं और उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया है | बाकी नौ लोगों का इलाज यहां अमेठी जिले में किया जा रहा है | बच्चे के अपहरण से जुड़ी जो भी अफवाह थी वह झूठी है | हम बच्चे के अपहरण की अफवाह से पूरी तरह से इनकार करते हैं, यहां कोई बच्चा-अपहरण गिरोह नहीं चल रहा है |”

आर्काइव लिंक

इस पश्चात हमने पिपरपुर पुलिस स्टेशन के एसएचओ से संपर्क किया उन्होंने हमें बताया कि “यह घटना १ सितम्बर २०१९ को घटी है | ये केवल अफवाहें थीं और जिन पर हमला किया गया वे बच्चा अपहर्ता नहीं थे | वीडियो में दिख रहा शख्स सियाराम है, जो शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति था, जिसे भीड़ ने मार डाला है | इस मामले में नौ लोगों (जिन लोगों ने उसे मारा है) को गिरफ्तार किया गया है |” 

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | इस शारीरिक रूप से अक्षम मजदूर पर झूठा आरोप लगाते हुए बच्चा चोर के नाम से सोशल मिडिया पर फैलाया जा रहा था |

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Title:इस दिव्यांग व्यक्ति को यु.पी में बच्चा चोर समझकर पीटा गया|

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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