ये प्रेस नोट हरियाणा पुलिस कर्मचारी (एसोसिएशन) संघ ने जारी किया है |

False National Political
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१९ अक्टूबर २०१९ को फेसबुक पर ‘भीम आर्मी प्रचार मंत्री‎ द्वारा किये गये पोस्ट में एक तस्वीर साझा की गयी है, जिसमे हरियाणा पुलिस कर्मचारी (एसोसिएशन) संघ द्वारा BJP को वोट ना देने का एक प्रेस नोट दिखाया गया है | पोस्ट के विवरण में लिखा है कि, “ब्रेकिंग न्यूज़ -; हरियाणा पुलिस ने जारी किया लेटर | भाजपा को वोट ना देने की अपील, कोई भी पुलिस कर्मचारी भाजपा को वोट नं दें |” इस पोस्ट में यह दावा किया जा रहा है कि – ‘हरियाणा पुलिस ने प्रेस नोट में BJP को वोट नहीं देने की अपील की है |’ क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने सबसे पहले किये गए दावा के बारे में जानकारी के लिए गूगल पर ‘Haryana Police karamchari (association) sangh’ कीवर्ड्स से ढूंढा, तो हमें ptcnews नामक एक समाचार वेबसाईट पर इस सन्दर्भ से जुड़ी एक ख़बर मिली | इस ख़बर के मुताबिक हरियाणा सरकार द्वारा हरियाणा पुलिस कर्मचारियों की पंजाब पुलिस के सामान वेतन की मांग को पूरा ना करने के वजह से, हरियाणा पुलिस कर्मचारी (एसोसिएशन) संघ ने इस बार के चुनाव में अपनी नाराज़गी बीजेपी को वोट ना देने की अपील से ज़ाहिर की थी | यह पत्र हरियाणा पुलिस कर्मचारी (एसोसिएशन) संघ के प्रदेशाध्यक्ष सतपाल शर्मा ने लिखा है | पूरी ख़बर को पढने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें |

PTCnewsPost | ArchivedLink

हमें इस ख़बर में प्रकाशित प्रेसनोट हमें उपरोक्त पोस्ट में साझा प्रेसनोट से अलग दिखा |

साझा पत्र में दिनांक को फोटोशोप की मदद से मिटा दिया गया है | इस तुलना को आप नीचे देख सकतें हैं |

इसके बाद हमने इस संघ के प्रधेशाध्यक्ष सतपाल शर्मा से संपर्क किया | उन्होंने हमें बताया कि, “यह पत्र १७ अक्टूबर २०१९ को लिखा गया था | पुलिस कर्मचारियों पर काफ़ी अत्याचार होते हैं | १९७०, १९८० व १९९५ की घटनाओं के बाद बंसीलाल जी ने हमारे जिला प्रधान के साथ मिलकर १९९५ में इस संघ को रजिस्टर करवाया था | इस संघ के ज़रिये पुलिस कर्मचारियों पर होने वाले अत्याचार के लिए गुहार लगायी जाती है | हरियाणा पुलिस कर्मचारियों पर पंजाब पुलिस के नियम लागू होते है, मगर हमें वेतन पंजाब पुलिस से दो गुना कम मिलता है | पिछले चुनाव में हमने समवेतन के लिए अर्जी दी थी | चुनाव के दौरान हमारी इस समस्या को प्रधान मुद्दा बनाकर हमें आश्वासन दिया गया थे कि, इस समस्या का चुनाव के बाद समाधान करेंगे | मगर हर बार CM साहब हमारी अर्जी को टालते रहे और आखिर में कहा कि यह अर्जी पूरी नहीं होगी | कोई और अर्जी है तो बताओ | इसी मुद्दे पर हमने १६ अक्टूबर २०१९ को मिटिंग की, जिसमें सब सहमत हुए कि इस बार BJP सरकार को वोट नहीं देना चाहेंगे और १७ अक्टूबर २०१९ को प्रेसकांफ्रेंस किया | यह पत्र तभी लिखा गया था | अगर BJP सरकार हमारी मांगे नहीं पूरी कर सकती है, तो हम उसी सरकार को वोट देना चाहेंगे जो हमारी वेतन से जुड़ी समस्या को हल करेगा | १९ अक्टूबर २०१९ को हमारे संघ के लोगों ने इस मुद्दे के विरोधप्रदर्शन के लिए बाइक रैली भी निकाली थी| यह संघ हरियाणा पुलिस के कर्मचारियों पर होने वाले भेदभाव या अत्याचार के खिलाफ न्याय की गुहार लगाने के लिए है, मगर हरियाणा पुलिस का इसमें कोई आधिकारिक भूमिका नहीं है |”

इस अनुसंधान से यह बात स्पष्ट होती है कि उपरोक्त पोस्ट में साझा पत्र का हरियाणा पुलिस द्वारा जारी नहीं किया गया है | हरियाणा पुलिस कर्मचारी (एसोसिएशन) संघ एक अलग संगठन है | इस पत्र को गलत विवरण के साथ लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से फैलाया जा रहा है |

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “हरियाणा पुलिस ने प्रेस नोट में BJP को वोट नहीं देने की अपील की है |” ग़लत है |

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Title:ये प्रेस नोट हरियाणा पुलिस कर्मचारी (एसोसिएशन) संघ ने जारी किया है |

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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