क्या गृह मंत्रालय से चीनी वस्तु इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी जारी की गयी है ?

False International Political
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Picture Courtesy : Wikipedia

१९ अगस्त २०१९ को फेसबुक पर ‘Pradip Popat’ नामक फेसबुक यूजर ने एक पोस्ट साझा किया है | इस पोस्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय के बिस्वजीत मुख़र्जी नामक एक वरिष्ठ जांच अधिकारी द्वारा जनसाधारण के लिए चेतावनी जारी की गयी है, जिसमें यह लिखा है कि ‘पकिस्तान स्वयं भारत से युद्ध करने के काबिल नहीं होने के कारण, उसने चीन से मदद मांगी है और चीन भी पकिस्तान की मदद करने के लिए तैयार है | एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक चीन एक प्रकार के खतरनाक पटाखे बनाकर ख़ास त्योहारों में भारतीय बाज़ार में बेचने वाला है | इन पटाखों में ज़हरीले द्रव्य मिश्रित है, जिसको जलाने पर लोगों को दमा जैसी कई बिमारी होगी | कृपया कर चीन में बने वास्तु व पटाखे ना खरीदें और इस मैसेज को ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें अपने देश की आर्थिक भलाई के लिए |’

वर्तमान में सोशल मंचों पर सरकार के नाम पर कई दावे किये जा रहे है, इस पोस्ट में भी यह दावा किया जा रहा है कि – ‘गृह मंत्रालय द्वारा भारत के नागरिकों को चीन की वस्तु इस्तेमाल नहीं करने की विनती व उसके खतरे की चेतावनी दी जा रही है |’

क्या सच में ऐसा है ? आइये जानते है इस पोस्ट के दावे की सच्चाई |

सोशल मीडिया पर प्रचलित कथन:

FacebookPost | ArchivedLink

संशोधन से पता चलता है कि…

उपरोक्त पोस्ट में किये गए दावे के नीचे हस्ताक्षर में गृह मंत्रालय के सीनियर इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर पद के बिस्वजीत मुख़र्जी का नाम लिखा हुआ है |

चूँकि उपरोक्त अलर्ट गृह मंत्रालय के नाम से व गृह मंत्रालय के “Senior Investigation Officer”(वरिष्ट जांच अधिकारी) Biswajit Mukherjee (बिश्वजीत मुखर्जी) द्वारा प्रेषित है, तो सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि क्या भारतीय गृह मंत्रालय(MHA) में ऐसा कोई पद व इस पद पर कोई बिश्वजीत मुखर्जी है या नहीं, जब हमने गृह मंत्रालय की वेबसाइट पर गृह मंत्रालय के पदाधिकारियों के बारे में ढूंढा, तो हमें गृह मंत्रालय(MHA) में “Senior Investigation Officer”(वरिष्ट जांच अधिकारी) जैसा न तो कोई पद मिला और ना ही  Biswajit Mukherjee (बिश्वजीत मुखर्जी) नामक कोई आधिकारिक व्यक्ति|

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गृह मंत्रालय द्वारा अकसर उनके द्वारा जारी आवश्चक सूचनावों की सूची उनकी वेबसाइट पर जारी की जाती है, हमें इस दावे के सन्दर्भ में उनकी वेबसाइट पर न तो कोई सूचना व न ही कोई  प्रेस-रिलीज़ मिला| इसके चलते जब हमने गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव कार्यालय में संपर्क किया और उपरोक्त पोस्ट के दावे मे दिया गया नाम ‘बिस्वजीत मुख़र्जी’ के बारे में पूछा, तो हमें बताया गया कि गृह मंत्रालय में कोई भी ‘बिस्वजीत मुख़र्जी’ नाम का कोई व्यक्ति काम नहीं करता है और न ही गृह मंत्रालय में “Senior Investigation Officer”(वरिष्ट जांच अधिकारी) जैसा कोई पद मौजूद है|

उपरोक्त अनुसंधानों से यह बात स्पष्ट होती है कि बिस्वजीत मुख़र्जी नामक कोई व्यक्ति गृह मंत्रालय में कार्यरत नहीं है और न ही कोई सीनियर इन्वेस्टीगेशन अफसर नाम का कोई पद है | यह चेतावनी महज़ एक अफवाह है जो लोगों को भ्रमित करने के उद्देश्य से एक फ़र्ज़ी नाम व पदनाम का इस्तेमाल करके फैलाया जा रहा है |

जांच का परिणाम :  उपरोक्त पोस्ट मे किया गया दावा “गृह मंत्रालय द्वारा भारत के नागरिकों को चीन की वस्तु इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी दी जा रही है |’ ग़लत है |

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Title:क्या गृह मंत्रालय से चीनी वस्तु इस्तेमाल नहीं करने की चेतावनी जारी की गयी है ?

Fact Check By: Natasha Vivian 

Result: False


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