दिल्ली में हुई एक झड़प के वीडियो को लोनी मामले से जोड़ गलत सन्दर्भ के साथ प्रसारित किया जा रहा है।

False Social

सोशल मीडिया पर गत दिनों एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें दिल्ली से सटे लोनी क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा कथित तौर पर एक मुसलमान बुजुर्ग व्यक्ति के साथ मारपीट की गई थी, इस प्रकरण से ही सम्बंधित एक अन्य वीडियो में, इस व्यक्ति ने दावा किया कि हमलावरों ने उसकी दाढ़ी काट दी और उसे “जय श्री राम” का नारा लगाने के लिए कहा। हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस की प्रारंभिक जांच से ही ये स्पष्ट हो गया था कि इस मामले का कोई सांप्रदायिक पहलू नहीं था और ये घटना एक निजी रंजिश का अंजाम थी व इस घटना में आरोपी पक्ष से कुछ आरोपी मुसलमान भी हैं |

इस घटना को केंद्रबिंदु रख सोशल मंचों पर इस घटना के आरोपियों को जनता द्वारा पीटे जाने का एक दावा व साथ संग्लित वीडियो चर्चा में है, इस वीडियो में हम बड़ी संख्या में कुछ लोगों को एक इमारत से दो लोगों को घसीटते और लाठियों से पीटते हुए देख सकते हैं, दावे के अनुसार ये वे आरोपी हैं जिन्होंने बुजुर्ग मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट की थी व उनकी दाड़ी काट दी थी।

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि 

दाढ़ी काटने वाले 3 आरोपी को पकड कर जनता तबीयत से मारा |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…

फैक्ट क्रेसेंडो ने जाँच में पाया है कि वायरल वीडियो एक अन्य घटना का है, ये घटना दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके की है जहां स्थानीय लोगों और रिकवरी एजेंटों के बीच मारपीट हुई थी |

हमने इस वीडियो को इन्विड वी वेरीफाई टूल की मदद से छोटे की फ्रेम्स में तोड़कर व गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च कर पड़ताल की, जिसके परिणाम से हमें यह वीडियो हमें १३ जून को दिल्ली के कई स्थानीय मीडिया आउटलेट्स और पत्रकारों द्वारा जहांगीरपुरी की घटना के रूप में साझा किया गया था |

न्यूज़ नेशन ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस वीडियो को १३ जून को अपलोड करते हुए लिखा है कि “भीड़ ने दिल्ली जहांगीरपुरी में चोर को पकड़कर मारा” |

फैक्ट क्रेसेंडो ने जहांगीरपुरी थाने के इंस्पेक्टर सीपी भारद्वाज से संपर्क किया और उनसे इस वीडियो में दिखाई गयी घटना के बारें में जानकारी प्राप्त करने की कोशिश की | उन्होंने हमें बताया कि 

“यह घटना हमारे क्षेत्र में हुई। वजीराबाद के तीन लोग, जो वसूली व्यवसाय में हैं, जहांगीरपुरी आए और स्थानीय लोगों को धमकाना शुरू कर दिया था | उन्होंने कुछ घरों में भी ज़बरदस्ती प्रवेश करने कोशिश की, इसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों और उनके बीच झड़प हुई | इस मामले के चलते हमने आठ लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें शामिल हैं तीन वसूली एजेंट। दोनों पक्ष एक-दूसरे को जानते थे। यह कोई सांप्रदायिक मामला नहीं है। इसमें कुछ मौद्रिक मुद्दे शामिल थे। आरोपी पैसे लेने आए थे जब उन पर हमला किया गया था। दोनों पक्षों से गिरफ्तारियां की गई थीं | इस वीडियो का लोनी में हुए बुज़ुर्ग पर हमले के वीडियो से कोई संबंध नही है |”

निष्कर्ष: तथ्यों की जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त वीडियो के माध्यम से किये गये दावे को गलत पाया है | वीडियो हाल ही में दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में दो गुटों के बीच हुई मारपीट का है, इस वीडियो का लोनी प्रकरण से कोई सम्बन्ध नहीं है।

हमारे द्वारा किये गये अन्य फैक्ट चेक को आप नीचे पढ़ सकते है :

1. सिलीगुड़ी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनके भाषण में कहे “चोरी सम्बंधित” वक्तव्य को सन्दर्भ से बाहर फैलाया जा रहा है |

2. श्रीनगर में डल झील के किनारे अतिक्रमण हटाने के वीडियो को रोहिंग्याओं मुस्लिमों की अवैध बस्तियों को ध्वस्त करने का बता फैलाया जा रहा है|

3. 

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Title:दिल्ली में हुई एक झड़प के वीडियो को लोनी मामले से जोड़ गलत सन्दर्भ के साथ प्रसारित किया जा रहा है।

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False

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