मस्जिद छोड़कर सिर्फ़ मंदिर तोड़ने के दावे से वायरल हो रहा ये पोस्ट ग़लत है…

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर ये दावा किया किया जा रहा है कि दिल्ली के झंडेवालान मंदिर के पास मौजूद हनुमान मंदिर को प्रशासन ने रात को तोड़ दिया जबकि बगल में स्थित मस्जिद-मज़ार को प्रशासन ने हाथ तक नहीं लगाया।

वायरल  वीडियो में आगे रिपोर्टर दावा करता है कि जहांगीरपुरी, सीमापुरी, मंगोलपुरी आदि इलाकों में वहां के लोगों ने सड़कों और पार्कों पर कब्ज़ा कर ‘मिनी पाकिस्तान’ बना लिया है लेकिन उस अतिक्रमण को हटाने की किसी अधिकारी में ताकत नहीं है सिर्फ़ हिन्दुओं के मंदिर हटाये जाते हैं।

वायरल वीडियो के साथ लिखा गया है -दिल्ली में एक और 60 वर्ष पुराना झंडेवालान मंदिर के पास का हनुमान मंदिर को रात के दो बजे तोड़ दिया गया। श्रद्धालु गंदे पानी के अंदर खड़े होकर आरती कर रहे है। लेकिन फिर बड़ा सवाल किया किसी की हिम्मत है जहाँ एंक्रोचमैंट के नाम से सड़के की सड़के क़ब्ज़ा की जा चुकी है। MCD,DDA के पार्क के पार्क क़ब्ज़ा किया जा चुका है। उनके ऊपर कब चलेगा बुलडोज़र…?

ट्विटरआर्काइव

अनुसंधान से पता चलता है कि…

पड़ताल की शुरुआत में हमने वायरल वीडियो की खबर को अलग-अलग कीवर्ड से गूगल पर सर्च किया। परिणाम में हमें अगस्त 2023 को आजतक द्वारा किया गया एक ट्वीट मिला। 

ट्वीट के मुताबिक, PWD ने दिल्ली के झंडेवालान इलाके में मामा-भांजे मजार और पीपलेश्वर मंदिर के पास से अतिक्रमण हटाया था। नोटिस देने के दो दिन बाद सुबह 5 बजे पीडब्ल्यूडी विभाग ने मामा-भांजा मजार और मंदिर दोनों के अवैध हिस्सों को ध्वस्त कर दिया। 

मंदिर मजार से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। यह मज़ार लगभग 250 साल पुरानी थी जबकि मंदिर करीब 60 साल पुराना था। 

हमें कई वीडियो रिपोर्टें भी मिलीं जिनमें कहा गया था कि मंदिर और मज़ार दोनों को ध्वस्त कर दिया गया था।

 इंडिया टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान, PWD ने दिल्ली में झंडेवालान माता मंदिर के पास मामू भांजे की कब्र के अवैध निर्माण को ध्वस्त किया है। रिपोर्ट में पास के एक मंदिर के खिलाफ PWD द्वारा की गई कार्रवाई का भी जिक्र किया गया है। 

वीडियो में मामा-भांजा मज़ार के प्रबंधक वाजिद खान ने बताया कि शुक्रवार को पीडब्लूडी वाले नोटिस चिपका कर गए और रविवार अलसुबह उन्होंने तोड़ दी। हमें कागजी कार्यवाही का समय ही नहीं मिला। अतिक्रमण के सवाल पर वह जवाब देते हुए कहते हैं कि ‘ये मज़ार 250 साल पुरानी है। अगर अभी के समय में बनी होती तो अतिक्रमण कहा भी जा सकता था। 

जांच में हमें आज तक की 20 अगस्त 2023 की एक और रिपोर्ट भी मिली, जिसके मुताबिक़, दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से रविवार की सुबह करीब पांच बजे झंडेवालान इलाके में एक मज़ार और एक मंदिर पर हुए अतिक्रमण को हटाया गया है।  

रिपोर्ट में पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से बताया गया है कि झंडेवालान इलाके में मामा-भांजे मजार और पीपलेश्वर मंदिर पर हुए अतिक्रमण पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई है।

निष्कर्ष- तथ्य-जांच के बाद, हमने पाया कि प्रशासन द्वारा सिर्फ़ मंदिर तोड़ने का दावा ग़लत है। पीडब्लूडी विभाग द्वारा चलाये गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान झंडेवालान के पास मौजूद हनुमान मंदिर के अलावा वहां मौजूद मज़ार के अवैध हिस्से को भी तोड़ा गया है। 

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Title:मस्जिद छोड़कर सिर्फ़ मंदिर तोड़ने के दावे से वायरल हो रहा ये पोस्ट ग़लत है…

Written By: Sarita Samal 

Result: False

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