क्या पाकिस्तान के मस्जिदों में बम परिक्षण हुआ है? जानिए सच |

False International Political
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११ मार्च २०१९ को “द फीयरलेस इंडियन” नामक एक फेसबुक पेज पर एक ट्वीट की तस्वीर को साझा किया है | तस्वीर को लगभग १५०० प्रतिक्रिया मिली है व ४०० बार शेयर किया गया है | तस्वीर के शीर्षक में यह लिखा गया है की पाकिस्तान के 15 वैज्ञानिक हूरों से मिलने चले गए व तस्वीर के कैप्शन में यह लिखा गया है कि #न्यूज़फ़्लैश #कराची एक मस्जिद में बम परीक्षण के दौरान विस्फोट हुआ, १५ वैज्ञानिक मरे और १० गंभीर रूप से घायल | तस्वीर एक ट्वीट का स्क्रीनशॉट है जो की काफ़ी स्पष्ट है|

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संशोधन से हमे पता चलता है कि…

आईएनए न्यूज़ द्वारा किये गए ट्वीट को ट्विटर पर ढूंढने से हमने अपने संशोधन की शुरुआत की,  ये अकाउंट कई लोगों को ANI के अकाउंट का होने का भ्रम दे सकता है। ट्विटर पर आईएनए न्यूज़ सर्च करने पर हमे उनका ट्विटर अकाउंट मिला जो कि जुलाई २०१८ को बनाया गया था, अकाउंट के विवरण में आईएनए का पूरा नाम ‘इंटरेस्टिंग न्यूज़ एजेंसी’ है और लिखा है कि वह सिर्फ पाकिस्तान से काम करता है, अकाउंट के संचालक के नाम पर  @mayoorbalot का नाम लिखा है, कुछ और जानकारी हैशटैग द्वारा दी गई है जैसे कि #पैरोडी #सटायेर #जस्ट4फन #नोटरिलेटेडटूएएनआई | हमने पाया कि यह एएनआई के लिए एक हास्यानुकृति (पैरोडी) अकाउंट है।

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@mayoorbalot जो की अपने को इस अकाउंट के संचालक बताते हैं व अपने को जयपुर से बताते हैं, उनके अकाउंट का स्क्रीन्शाट नीचे देखा जा सकता है।

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आईएनए के ट्विटर अकाउंट को खोलते ही हमे पहली पोस्ट में ही फेसबुक पर साझा की गई  तस्वीर मिली | इस पोस्ट को ११ मार्च २०१९ को #न्यूज़फ़्लैश #कराची एक मस्जिद में बम परीक्षण के दौरान विस्फोट हुआ, १५ वैज्ञानिक मरे और १० गंभीर रूप से घायल इस हैडलाइन के साथ साझा  किया गया था |

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फेसबुक पर साझा किये गए तस्वीर को मयूर बलोट द्वारा चलाये गए दुसरे पैरोडी अकाउंट “लाहौर पुलिस” ने रीट्वीट किया था |

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फेसबुक पर साझा किये गए तस्वीर का स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमे नीचे दिए गए परिणाम मिले |

गूगल रिवर्स इमेज सर्च द्वारा दिए गए परिणाम को अधिक छान बीन करने पर हमे पता चला कि गेट्टी इमेजेज पर इस तस्वीर को २००४ में पोस्ट किया गया था | गेट्टी इमेजेज पर दी गई जानकारी के अनुसार ७ मई २००४ को शिया मुस्लिम मस्जिद, कराची में एक बम विस्पोट हुआ था | ऐसा लिखा गया है कि तस्वीर में शुक्रवार की पवित्र नमाज के दौरान बम फटने के बाद शिया मुस्लिम मस्जिद के अंदर पाकिस्तानी धर्मोपासक और पुलिस अधिकारी मलबे के बीच से चलते हुए दिख रहे है | इस तस्वीर को आमिर कुरैशी नामक एक फोटोग्राफर ने खिंचा है |

८ मई २००४ को “द गार्डियन” अख़बार ने ७ मई २०१९ में हुए इस बम विस्फोट की खबर को प्रकाशित किया था जिसमे यह लिखा गया था कि इस आत्मघाती बम विस्फोट में कम से कम १५ लोग मारे गए और १२५  से अधिक घायल हुए|

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NBCNews ने भी इस खबर को उपरोक्त वायरल हुए तस्वीर के साथ प्रकाशित किया था जिससे ५ जुलाई २००४ को अपडेट किया गया था |

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निष्कर्ष: तथ्यों की जांच कर से हमे पता चलता है कि उपरोक्त तस्वीर व उसके साथ किये गए दावे गलत है, क्योंकि तस्वीर ७ मई २००४ में घटित कराची में आत्मघाती बम विस्फोट का है और उसमे कोई वैज्ञानिक नहीं मारा गया है ना ही यह कोई बम परिक्षण था | तस्वीर को आईएनए न्यूज़ ने,जो कि एक पैरोडी अकाउंट है, गलत तरीके से इस्तेमाल किया है|

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Title:क्या पाकिस्तान के मस्जिदों में बम परिक्षण हुआ है? जानिए सच |

Fact Check By: Drabanti Ghosh 

Result: False


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