डॉक्टर कफील खान से रिहाई की खबर फर्जी है |

False Political
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इस साल २९ जनवरी को, यूपी स्पेशल टास्क फोर्स के अधिकारियों की एक टीम ने डॉक्टर कफील खान को गिरफ्तार किया था, जो मुंबई एयरपोर्ट से मुंबई बाग में एंटी-सिटिजन अमेंडमेंट एक्ट विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाले थे | उनके खिलाफ दिसंबर २०१९  को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सी.ए.ए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणी के लिए अलीगढ़ में दर्ज शिकायत के चलते ये गिरफ़्तारी हुई थी |

तद्पश्चात कफील खान को अलीगढ़ लाया गया और फिर मथुरा जेल में स्थानांतरित कर दिया गया | १० फरवरी, २०२० को डॉक्टर कफील को जमानत दे दी गई, लेकिन जेल से रिहा नहीं किया गया और तीन दिन बाद १३ फरवरी को, उत्तर प्रदेश सरकार ने डॉक्टर को NSA के तहत मामला दर्ज कर उनकी रिहाई पर रोक लगा दी थी | १२ मई को, एनएसए के तहत उसकी नजरबंदी के अंत में, अधिकारियों ने डॉ खान की नजरबंदी को ३ महीने के लिए और बढ़ा दिया | डॉक्टर कफील खान पर एन.एस.ए छह महीने तक बढ़ाया गया है, जिसमें से तीन महीने वह पहले ही मथुरा जेल में बिता चुके थे | 

सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में कफील खान की दो तस्वीरों को साझा किया जा रहा है जिसमें से एक में वह पत्रकारों से घिरा हुआ देखा जा सकता है जबकि दूसरे में वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ नज़र आ रहे है | इस पोस्ट के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि कल कफील खान को जेल से रिहा कर दिया गया है |

पोस्ट के शीर्षक में लिखा गया है कि “अल्हम्दुलिल्लाह #डॉक्टर_कफील_खान की #रिहाई हो गई है❤️#DrKafeelKhan |”

फेसबुक पोस्ट | आर्काइव लिंक 

अनुसंधान से पता चलता है कि…
जाँच की शुरुवात हमने गूगल पर कीवर्ड्स के माध्यम से यह ढूँढने से किया कि कफील खान फ़िलहाल कौन सी जेल में है जिसके परिणाम से हमें पता चला कि वे मथुरा जेल में है | जिसके पश्चात फैक्ट क्रेसेंडो ने मथुरा जेल के सीनियर सुपरिन्टेन्डेन्ट, शैलेन्द्र कुमार मैत्रेय से संपर्क किया जिन्होंने हमें बताया कि “२६ जुलाई २०२० तक कफील खान अभी भी मथुरा जेल में है और जेल अधिकारियों को अभी तक कोई जमानत आदेश से संबंधित कोई कागज़ात नहीं मिलें है | सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट फर्जी है |”

१५ जुलाई २०२० को प्रकाशित टाइम्स ऑफ़ इंडिया के रिपोर्ट के अनुसार कफील खान की जमानत याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को टाल दी गई क्योंकि कोरोनावायरस के कारण इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कामकाज प्रभावित था | सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों को गूगल रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि यह तस्वीरें २०१८ की है जब कफील खान को मजिस्ट्रेट के आर्डर पर रिहा किये गए थे |

आर्काइव लिंक 

निष्कर्ष: तथ्यों के जाँच के पश्चात हमने उपरोक्त पोस्ट को गलत पाया है | सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट फर्जी है क्योंकि डॉक्टर कफील खान को जेल से रिहा नही किया गया है | वे अब तक मथुरा जेल में है |

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Title:डॉक्टर कफील खान से रिहाई की खबर फर्जी है |

Fact Check By: Aavya Ray 

Result: False


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