वायरल कोलाज दिख रही ज्यादातर तस्वीरें पुरानी हैं। इनका हाल में मणिकर्णिका घाट पर हुए ध्वस्तीकरण से कोई संबंध नहीं है।

अभी हाल ही में वाराणसी स्थित मणिकर्णिका घाट पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की जमकर आलोचना हुई थी। इस विकास परियोजना के तहत घाट परिसर में जेसीबी मशीनें चलाए जाने के वीडियो सामने आए थें जिसके बाद स्थानीय लोगों और विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि पुरानी संरचनाओं को हटाने की प्रक्रिया में वहां मौजूद प्राचीन मूर्तियों के साथ तोड़-फोड़ की गई। इसी संदर्भ से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ तस्वीरें कोलाज के फॉर्म में दिखाई दे रही है। इसे साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें मणिकर्णिका घाट की ध्वस्तीकरण से सम्बंधित है। फैक्ट क्रेसेंडो को यह वायरल पोस्ट आम आदमी पार्टी के नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह के फेसबुक पेज के हवाले से प्राप्त हुआ है। पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा गया है…
ये महमूद गज़नवी का नही नरेंद्र मोदी का राज है।जहाँ हमारे “पौराणिक मंदिरों”को तोड़ा जा रहा है।देखिए काशी के मणिकर्णिका घाट पर, विनाश का ये दृश्य। AAP Uttar Pradesh 20 जनवरी को यू पी के सभी जिलों में प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के ख़िलाफ़ आंदोलन होगा।AAP ने काशी के मंदिरों को बचाने के लिये पहले भी आंदोलन किया था हम पर मुक़दमा हुआ था।

अनुसंधान से पता चलता है कि…
हमने जांच की शुरुआत में वायरल तस्वीरों को एक-एक कर रिवर्स इमेज से खोजना शुरू किया।
मंदिर परिसर में गिरे विशालकाय पेड़ की तस्वीर
वायरल पोस्ट के कोलाज की दूसरी तस्वीर में मंदिर परिसर में एक विशालकाय पेड़ को गिरा हुआ देख सकते हैं।
इसकी पड़ताल करने पर हमें लाइव हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट मिली है जिसे 29 अप्रैल 2021 को प्रकाशित किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 28 अप्रैल 2021 को काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित हनुमान मंदिर के पास का प्राचीन अक्षयवट का वृक्ष जड़ से उखड़ कर गिर गया था जब विश्वनाथ कॉरिडोर सौन्दर्यीकरण कार्य हो रहा था। तब महंत परिवार ने आरोप लगाया था कि यह वृक्ष मंदिर प्रशासन की लापरवाही के कारण गिरा।

न्यूज 18 और ईटीवी भारत ने भी 2021 में इस घटना से संबंधित खबरें प्रकाशित की थीं जिसमें वायरल हो रही तस्वीर दिखाई देती है।
मलबे के बीच नंदी की मूर्ति वाली तस्वीर कोलाज की तीसरी तस्वीर
इसके बारे में पड़ताल किए जाने पर हमें कुछ मीडिया रिपोर्ट प्रकाशित मिली। 19 जनवरी 2026 को छपी अमरउजाला की रिपोर्ट के अनुसार, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर स्थित कुंभ महादेव मंदिर का वीडियो मणिकर्णिका घाट का बताकर साझा किए जाने पर आठ लोगों को नोटिस जारी किया गया था। इस मामले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दो सांसदों को नोटिस भी जारी किया था।

वहीं लाइव हिंदुस्तान की तरफ से 19 जनवरी 2026 को छपी रिपोर्ट बताती है कि वाराणसी पुलिस ने मणिकर्णिका घाट पर तोड़फोड़ को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीर को AI जेनरेटेड व भ्रामक बताया था। पोस्ट की गई तस्वीर कुंभ महादेव मंदिर की है, जो श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में है। लेकिन एक्स हैंडल पर इसे मणिकर्णिका घाट से जोड़ कर शेयर किया गया था।

न्यूज़ 18 के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो रिपोर्ट के अनुसार, मणिकर्णिका घाट प्रकरण मामले में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कुम्भा महादेव मंदिर का स्थलीय निरीक्षण किया और फर्जी AI तस्वीर बताते हुए फेक पोस्ट न्यूज़ फैलाने वालों पर कार्रवाई करने की बात की। निम्न में रिपोर्ट देखें।
वाराणसी पुलिस कमीश्नरेट ने इस मामले में एक्स पर 20 जनवरी 2026 को पोस्ट किया। इसके अनुसार, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने श्रीकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के अंदर कुंभ महादेव मंदिर का निरीक्षण किया था। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जिस मंदिर को सोशल मीडिया पर ध्वस्त होते हुए दिखाया जा रहा है वो AI जेनरेटेड है, जिसे भ्रामक दावे से फैलाया गया। ऐसी फर्जी तस्वीर साझा करने वाले 8 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मलबे के बीच क्षतिग्रस्त शिवलिंग की तस्वीर
इसकी पड़ताल किए जाने पर हमें यह तस्वीर अमर उजाला की साल 2018 की एक रिपोर्ट में प्रकाशित मिली है। इसमें बताया गया था कि 19 दिसंबर 2018 को वाराणसी के लंका थाना क्षेत्र के रोहित नगर विस्तार इलाके में एक प्लॉट पर पड़े मलबे से सवा सौ से अधिक खंडित शिवलिंग बरामद किए गए थे। इनको प्रशासन द्वारा थाने में रखवा दिया गया था। यह आशंका थी कि यह मलबा काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए चल रहे ध्वस्तीकरण से निकला है। मलवा किसी ठेकेदार ने फेंक दिया है, लेकिन मंदिर प्रशासन ने कॉरिडोर का मलवा होने से साफ इंकार कर दिया था।

जबकि टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में पुलिस के हवाले से स्पष्ट किया गया था कि ये क्षतिग्रस्त शिवलिंग दो किलोमीटर दूर गणेश महल इलाके में स्थित एक जर्जर मंदिर के थे, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के किसी मंदिर के नहीं है।

हालांकि कोलाज में बुलडोज़र से मंदिर को ध्वस्त किये जाने की तस्वीर और मलबे में दबी एक देवी प्रतिमा की तस्वीर की जांच करने पर यहीं ज्ञात हुआ कि इन दोनों का संबंध वास्तविक तौर से मणिकर्णिका घाट के हालिया प्रकरण से ही है।
14 जनवरी 2026 को दैनिक भास्कर की वेबसाइट पर अपलोड वीडियो रिपोर्ट में बुलडोज़र से मंदिर को ध्वस्त किए जाने वाली वायरल तस्वीर दिखाई दे रही है। बताया गया है कि काशी के मणिकर्णिका घाट पर जीर्णोद्धार के लिए घाट को तोड़ा गया। यहां नए सिरे से घाट को तैयार करने के लिए डिजाइन भी फाइनल की गई है। लेकिन बुधवार को लोगों ने यह कहते हुए विरोध करना शुरू किया कि पुनर्विकास कार्य के दौरान अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति के पास एक संरचना को गिरा दिया गया।धरोहर स्थल को बिना अनुमति या सूचना के तोड़ा गया, जिससे भावनाओं को ठेस पहुंची। वहीं, लोगों के विरोध के बाद DM सत्येंद्र ने कहा- घाट की मूर्तियों को नुकसान नहीं पहुंचाया गया है।
इसी प्रकार से मलबे में दबी एक देवी प्रतिमा की तस्वीर की जांच करने पर हमें दैनिक भास्कर की 15 दिन पहले की प्रकाशित रिपोर्ट मिली है, जिसमें हम वायरल तस्वीर को देख सकते हैं। पता चलता है कि यह वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे प्रोजेक्ट के तहत अहिल्याबाई होलकर की क्षतिग्रस्त प्रतिमा ही है। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना को लेकर इंदौर में भारी आक्रोश देखा गया और लोगों ने इसे ऐतिहासिक धरोहर का अपमान बताया। यहीं जानकारी 14 जून 2026 को अमरउजाला की प्रकाशित रिपोर्ट से भी मिलती है, जिसमें वायरल इसी तस्वीर को साझा किया गया है।

ऐसे में स्पष्ट होता है कि वायरल कोलाज में दिख रही दो तस्वीर मणिकर्णिका घाट के हालिया प्रकरण से ही संबधित है जबकि दो तस्वीर पुरानी है व एक AI द्वारा निर्मित है।
निष्कर्ष
तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि मणिकर्णिका घाट प्रकरण के तहत तोड़ी गई मूर्तियों के दावे से जोड़कर फैलाई जा रही तस्वीरों में पुरानी व AI निर्मित तस्वीर साझा की जा रही है। हमारी पड़ताल से स्पष्ट हुआ है कि वायरल कोलाज में एक तस्वीर AI निर्मित है जिसके साथ भ्रामक दावा किया जा रहा है जबकि दो पुरानी तस्वीर को हालिया संदर्भ से जोड़कर फर्जी दावा किया जा रहा है।
Title:मणिकर्णिका पुनर्निर्माण के दौरान तोड़ी गई मूर्तियों के दावे से पुरानी व AI निर्मित तस्वीर भ्रामक दावे से वायरल…
Fact Check By: Priyanka SinhaResult:Partly False


