कांग्रेस द्वारा रायपुर में 17 दिसंबर 2025 को किए गए प्रदर्शन का वीडियो UGC नियम के खिलाफ हालिया प्रदर्शन के दावे से वायरल…

False Political

यह वीडियो UGC नियमों के खिलाफ प्रदर्शन का नहीं है। असल में, यह नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया पुराना विरोध प्रदर्शन है।

इन दिनों देशभर में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जाति आधारित भेदभाव को लेकर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों से जोड़ते हुए पूरे भारत में व्यापक विरोध प्रदर्शन देखें जा रहे हैं। इसी से जोड़ते हुए सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक विरोध प्रदर्शन दिखाई दे रहा है। वहीं कुछ लोगों को पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टरों पर काली स्याही लगाते हुए “मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए भी देखा जा सकता है। इस वीडियो साझा करते हुए दावा किया जा रहा है कि UGC के खिलाफ हाल में प्रदर्शन करते हुए नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती गई। पोस्ट के साथ कैप्शन लिखा गया है…

नरेंद्र मोदी और अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोतने वाले कांग्रेसी, मुस्लिम, दलित, या आदिवासी नहीं बल्कि सवर्ण वर्ग के लोग है। कारण ये है कि सरकार दलित वर्ग को सुरक्षित रखने के लिए UGC बिल लाई है जिसका ये विरोध कर रहे हैं।मैंने तो पहले ही कहा था भाजपा वाले किसी के सगे नहीं होते।

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अनुसंधान से पता चलता है कि…

हमने जाँच की शुरुआत में वायरल वीडियो से कीफ्रेम लेकर उसे गूगल लेंस से सर्च किया। परिणाम में हमें दिसंबर 2025 के कुछ सोशल मीडिया पोस्ट मिले जिनमें वायरल वीडियो के दृश्य दिखाई देते हैं। इन पोस्ट्स में वीडियो को छत्तीसगढ़ के रायपुर में कांग्रेस द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन का बताया गया है, जो नेशनल हेराल्ड केस से जुड़ा था। पोस्ट्स के साथ लिखे डिस्क्रिप्शन के अनुसार, दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट द्वारा कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नेशनल हेराल्ड मामले की सुनवाई से इनकार करने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन किया था। पार्टी ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया, और इस विरोध प्रदर्शन को उसी प्रतिक्रिया के हिस्से के रूप में पेश किया।

मिली जानकारी की मदद से कीवर्ड सर्च करने पर हमें दैनिक भास्कर की 2 महीने पहले प्रकाशित एक न्यूज़ रिपोर्ट मिली, जिसमें हमें वायरल वीडियो वाले दृश्य ही दिखाई दिए। इसके अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने NSUI छात्र विंग के सदस्यों के साथ रायपुर में विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टरों पर काली स्याही पोती गई। प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद थे। इस दौरान प्रदर्शनकारी बीजेपी ऑफिस की ओर मार्च कर रहे थें जिन्होंने बैरिकेड्स को तोड़ दिया। फिर बाद में पुलिस ने उन्हें रोक दिया।

इसके साथ ही आगे सर्च करने पर हमें दावे से जुड़ी रिपोर्ट दिसंबर 2025 में एनडीटीवी और नवभारत टाइम्स की वेबसाइट पर भी प्रकाशित मिली। इनके अनुसार, छत्तीसगढ़ में नेशनल हेराल्ड को लेकर कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया था। कांग्रेस नेता नारेबाजी करते हुए भाजपा कार्यालय घेरने के लिए निकले थे। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पीसीसी चीफ दीपक बैज समेत कई पूर्व विधायक और कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद थे।हालांकि बीजेपी ऑफिस का घेराव करने जा रहे कांग्रेस कार्यर्ताओं की मेकाहारा चौक में पुलिस के साथ धक्कामुक्की हो गई। जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स तोड़ दिए और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। वहीं इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती।

निष्कर्ष 

तथ्यों के जांच से यह पता चलता है कि वायरल वीडियो का UGC के खिलाफ किए जा रहे हालिया प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है। यह वीडियो दिसंबर 2025 का है जब छत्तीसगढ़ में नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर भाजपा के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था।

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Title:कांग्रेस द्वारा रायपुर में 17 दिसंबर 2025 को किए गए प्रदर्शन का वीडियो UGC नियम के खिलाफ हालिया प्रदर्शन के दावे से वायरल…

Fact Check By: Priyanka Sinha  

Result: False

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